Thursday, April 16, 2026
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संस्कृति विश्वविद्यालय एवं वृन्दावन शोध संस्थान के मध्य हुए एमओयू को प्रदर्शित करते संस्कृति विवि के प्रति कुलपति प्रो. रघुराम भट्ट, वृंदावन शोध संस्थान के निदेशक डा. राजीव द्विवेदी, संस्कृति विवि के रजिस्ट्रार आरएन त्रिवेदी। साथ में हैं संस्कृति विवि के जनसंपर्क अधिकारी किशन चतुर्वेदी, वृंदावन शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रजत शुक्ला, संस्कृति विवि के डा. गोपाल अरोड़ा।

संस्कृति विवि और वृंदावन शोध संस्थान मध्य हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय एवं वृन्दावन शोध संस्थान के मध्य विभीन्न विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता पत्र(एमओयू) संस्कृति विवि में हस्ताक्षरित हुआ। इस एमओयू को संस्कृति विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आर एन त्रिवेदी एवं वृन्दावन शोध संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव द्विवेदी द्वारा प्रतिपादित किया गया। एमओयू के अनुसार दोनों पक्ष परस्पर ज्ञान, अकादमिक सहयोग, अनुसंधान विकास, संयुक्त प्रकाशन, कौशल संवर्धन के क्षेत्र में अपने अनुभव और कार्यों का साझा करेंगे।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरएन त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि एमओयू के अनुसार दोनों पक्षों के मध्य शैक्षणिक सहयोग के अंतर्गत फैकल्टी और छात्रों के आदान-प्रदान, संयुक्त पाठ्यक्रम विकास, और कौशल-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, अनुसंधान और विकास के अंतर्गत भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस), संस्कृत, ज्योतिष, पांडुलिपियों और स्वास्थ्य विज्ञान में सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देना, ज्ञान और संसाधन आदान-प्रदान के अंतर्गत शैक्षणिक और औद्योगिक अनुसंधान को बेहतर बनाने के लिए सुविधाओं, तकनीकी विशेषज्ञता, और वैज्ञानिक ज्ञान को साझा करना, क्षमता निर्माण के अतंर्गत छात्रों, विद्वानों, और फैकल्टी सदस्यों के लिए कार्यशालाओं, सम्मेलनों, और प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करना, सामुदायिक जुड़ाव के अंतर्गत जड़ी-बूटियों और स्वास्थ्य जागरूकता तथा उनके सामाजिक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, सहयोगात्मक गतिविधियों के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान पहल और चिकित्सा ज्योतिष पर सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएँ, पांडुलिपि विज्ञान, भाषा, और प्राचीन ज्ञान पर अनुसंधान करेंगे।
रजिस्ट्रार त्रिवेदी ने बताया कि दोनों पक्षों के मध्य फैकल्टी और छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम भी चलाया जाएगा जिसके अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, शैक्षणिक प्रशिक्षण, और अंतर्विषयक सहयोग में भाग लेने के लिए फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं, और छात्रों के आपसी आदान-प्रदान को सुगम बनाना, स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्वानों के लिए अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना, ताकि उनकी अनुसंधान क्षमताओं को गहन किया जा सके और उनके शैक्षणिक अनुभव को बढ़ाया जा सके। दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए अतिथि व्याख्यान, कार्यशालाएँ और अंतर्विषयक सेमिनार आयोजित करना, ताकि विद्वतापूर्ण संवाद और पाठ्यक्रम वितरण को समृद्ध किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण एमओयू के दौरान संस्कृति विवि के प्रति कुलपति प्रो. रघुराम भट्ट, जनसंपर्क अधिकारी किशन चतुर्वेदी, वृंदावन शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रजत शुक्ला, संस्कृति विवि के डा. गोपाल अरोड़ा और लाइब्रेवरी प्रभारी डा. वीके वर्मा भी मौजूद रहे।

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