Monday, April 27, 2026
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संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित एग्रीटेक, प्लांट और हेल्थ साइंसेज विषय को लेकर आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अंतिम दिन अंतर्राष्ट्रीय विषय विशेषज्ञ आयोजन दल के साथ। संस्कृति विवि में महत्वपूर्ण निष्कर्षों के साथ संपन्न हुआ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित एग्रीटेक, प्लांट और हेल्थ साइंसेज विषय को लेकर आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन महत्वपूर्ण और उपयोगी निष्कर्षों के साथ संपन्न हुआ। अंतर्राष्ट्रीय विद्वान वक्ताओं ने समकालीन वैश्विक चुनौतियों से निपटने में नवाचार, अनुसंधान और अकादमिक साझेदारियों के महत्व के बारे में बताया और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन बौद्धिक आदान-प्रदान और भविष्य के सहयोग के लिए एक मज़बूत मंच बनकर उभरा है।
एग्री-टेक, प्लांट और हेल्थ साइंसेज पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रो. कदंबोट सिद्दीकी ने ‘टिकाऊ फसल उत्पादन के लिए फसल अवशेष प्रबंधन’ विषय पर बात की। उन्होंने प्रकाशनों के महत्व और मुंबई तथा चेन्नई में यूडब्लूए कैंपस खोलने के बारे में जानकारी दी। वे विश्व स्तर पर जाने-माने कृषि वैज्ञानिक और कृषि के हैकेट प्रोफेसर हैं। उन्हें कई सम्मान मिले हैं, जिनमें ‘साइंटिस्ट ऑफ़ द ईयर’ (वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रीमियर साइंस अवार्ड्स, 2023) और ‘वर्ल्ड एकेडमी ऑफ़ साइंसेज’ के फेलो के रूप में चुना जाना शामिल है।
औरंगाबाद स्थित ‘फाउंडेशन फॉर एडवांस्ड ट्रेनिंग इन प्लांट ब्रीडिंग’ के निदेशक डॉ. शरण अंगादी ने ‘लचीलेपन के बीज, फसल पौधों की रणनीतिक भूमिका – शारीरिक रणनीतियाँ’ विषय पर बात की। कर्नाटक के बल्लारी स्थित ‘अव्याग्रह रिसर्च एंड एनालिटिक्स एलएलपी’ के डॉ. अविनाश गोपा ने ‘सेरीमित्र’ के बारे में विस्तार से बताया। यह टिकाऊ रेशम उत्पादन के लिए एआई आधारित, बहुभाषी विस्तार सलाहकार और निर्णय सहायता प्रणाली है। इस सत्र की अध्यक्षता बेंगलुरु स्थित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चरल साइंसेज’ के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्दैया एस. ने की, जबकि सह-अध्यक्षता संस्कृति विश्वविद्यालय के एसओएमसी के डीन डॉ. गंगाधर हुगर ने की।
डॉ. सिद्दैया को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रों के मार्गदर्शन और परीक्षा प्रणाली में सुधार के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। समापन समारोह में प्रो. कदंबोट सिद्दीकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे और इसकी अध्यक्षता मथुरा स्थित संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एम.बी. चेट्टी ने की।

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