संस्कृति विवि में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लिया निरोग रहने का संकल्प


मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ योग किया। स्वस्थ और निरोग रहने के संकल्प के साथ किए गए इस सामूहिक आयोजन के अवसर पर योग की आवश्यकता, विशेषता और भारत की इस प्राचीन विधा पर वक्ताओं द्वारा अपने उपयोगी विचार व्यक्त किए गए।
बताते चलें कि इस वर्ष यानी 2026 की अधिकारिक थीम थी, “स्वस्थ आयु के लिए योग”। यह थीम बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक गतिशीलता, मानसिक सतर्कता और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने पर केंद्रित है।योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और प्रकृति के बीच संतुलन बनाने की एक जीवनशैली है। संस्कृति विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रातः 6:00 बजे से 7:30 बजे तक राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक आशीष शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया। इस अवसर पर लगभग शिक्षक, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। अंतर्राष्ट्रीय थीम के अनुरूप स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवन के लिए योग के महत्व पर विशेष बल दिया गया।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता तथा सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए योग को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य का आधार बताया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व ने अपनाया है। उन्होंने अपने संदेश में 21 जून के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ‘ग्रीष्म संक्रांति’ भी कहा जाता है, और योग परंपरा में इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
कार्यक्रम में प्रति उपकुलपति डॉ. रघुराम भट्ट, डीन छात्र कल्याण डॉ. डी.एस. तोमर, डीन अकादमिक डॉ. गंगाधर, संस्कृति आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहनन, निदेशक डॉ. रजनी भट्ट, कुलसचिव रवि त्रिवेदी, प्रशासक अमित शर्मा सहित अनेक शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योगाभ्यास करने तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।

