

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, मथुरा में एमबीए एवं एमसीए तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग इन द डिजिटिल इरा विषय पर एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सेबी के प्रमाणित ट्रेनर डॉ. पराग गौतम ने विद्यार्थियों को निवेश, बचत एवं वित्तीय अनुशासन के तौर-तरीके बताए।
डॉ. पराग गौतम ने अपने प्रेरक संदेश में छात्र-छात्राओं से कहा कि सिर्फ पैसा कमाइए नहीं, बल्कि पैसे को अपने लिए काम करना सिखाइए। अतिथि वक्ता डॉ. गौतम ने छात्र-छात्राओं को स्मार्ट वित्तीय आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आय एवं व्यय का संतुलित प्रबंधन, बजट निर्माण, नियमित बचत, अनावश्यक कर्ज से बचने के उपाय तथा वित्तीय अनुशासन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. गौतम ने विद्यार्थियों को एसआईपी, म्यूचुअल फंड, निवेश के विभिन्न विकल्पों, शेयर बाजार की मूलभूत जानकारी तथा दीर्घकालिक वित्तीय योजना के बारे में सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कम उम्र से ही निवेश की आदत विकसित करने से भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाया जा सकता है। डॉ. गौतम ने स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा की आवश्यकता, जोखिम प्रबंधन तथा महंगाई के प्रभावों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला को रोचक बनाने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वित्तीय निर्णय लेने की समझ विकसित की। डॉ. गौतम ने विद्यार्थियों को एनआईएसएम, एएमएफआई तथा सेबी की आधिकारिक वेबसाइटों एवं वित्तीय कैलकुलेटर जैसे उपयोगी ऑनलाइन संसाधनों की जानकारी भी प्रदान की।
राजीव एकेडमी के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अकादमिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए वित्तीय साक्षरता भी उतनी ही आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार, आत्मनिर्भर एवं भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि राजीव एकेडमी का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशल भी प्रदान करना है। वित्तीय योजना, निवेश एवं धन प्रबंधन जैसे विषय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी उद्योग एवं वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों के माध्यम से ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि विद्यार्थी बदलते वैश्विक परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने वित्तीय योजना एवं निवेश से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. पराग गौतम ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा की।
चित्र कैप्शनः विद्यार्थियों को निवेश, बचत एवं वित्तीय अनुशासन के तौर-तरीके बताते डॉ. पराग गौतम, दूसरे चित्र में अतिथि वक्ता के साथ संस्थान के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं।

