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विद्या देवी जिंदल स्कूल जिला स्तरीय सीटी एवं एआई डीएलडी कार्यशाला का सफल आयोजन

विद्या देवी जिंदल स्कूल जिला स्तरीय सीटी एवं एआई डीएलडी कार्यशाला का सफल आयोजन

कोसी कलां, 31 अगस्त 2026 विद्या देवी जिंदल स्कूल में सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यशाला (डीएलडी) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को सीटी एवं एआई के प्रभावी उपयोग, नवीन शिक्षण-पद्धतियों तथा श्रेष्ठ शैक्षणिक प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना था कार्यक्रम में मुख्य रूप से चेयरमैन श्री नितिन शर्मा, श्री संदीप रघुवंशी, सचिव, विद्या देवी जिंदल स्कूल तथा श्री मोनिश पांडेय, मानव संसाधन प्रमुख की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की प्रशंसा समिति में जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, मथुरा के डीन श्री पंकज शर्मा जी, प्रोफेसर सुश्री सृष्टि मिश्रा जी तथा पीएम श्री स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय, पैगांव, मथुरा के उप-प्राचार्य श्री सुधीर कुमार मिश्रा जी शामिल रहे। कार्यशाला में जनपद के 16 विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सीटी एवं एआई से संबंधित अपनी श्रेष्ठ एवं नवाचारी शैक्षणिक प्रथाओं को केस-पेपर के माध्यम से प्रस्तुत किया। सभी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्धारित मानदंडों के आधार पर विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। मूल्यांकन के उपरांत कार्यशाला में प्रस्तुत केस-पेपर्स में से सर्वश्रेष्ठ तीन केस-पेपर्स का चयन किया गया। इनमें प्रथम स्थान विद्या देवी जिंदल स्कूल के श्री राहुल तिवारी ने, द्वितीय स्थान एम.डी. जैन स्कूल की सुश्री रेनू ने तथा तृतीय स्थान विद्या देवी जिंदल स्कूल के श्री टी.जे. जोशी ने प्राप्त किया। विजेताओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें उनके नवाचारी शैक्षणिक प्रयासों के लिए बधाई दी गई। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन नितिन शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि बदलते तकनीकी युग में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने तथा उनके कौशलों को विकसित करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग का ज्ञान आवश्यक है। विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री सौम्या नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार तथा समस्या-समाधान कौशल विकसित करने के लिए शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण-पद्धतियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने सीटी एवं एआई को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाने पर विशेष बल दिया कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री प्रियंका वाजपेयी एवं श्रीमती निरिका ने किया। आयोजन को सफल बनाने में उप-प्राचार्य जिक्समोन पी., भूपेंद्र जादौन, मनोज उपाध्याय, राहुल तिवारी, संजय सिंह, विष्णु कुमार, विकास भारद्वाज तथा टी.जे. जोशी सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों एवं सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। सभी उपस्थित शिक्षकों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अत्यंत उपयोगी बताया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

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