

मथुरा। आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से केडी डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मथुरा में तीन दिवसीय ‘मैक्स इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट’ बेसिक कोर्स का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने किया।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को आपात स्थिति में तत्काल और सही प्रतिक्रिया देने, जीवन रक्षक तकनीकों को समझने तथा उनका व्यावहारिक अभ्यास कराने के साथ ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां कुछ सेकंड भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। प्रशिक्षण में अंतःक्रियात्मक अधिगम और व्यावहारिक अभ्यास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की बीएलएस गाइडलाइन्स-2025 पर आधारित है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को कोर्स कम्प्लीशन सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर केडी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए जीवन रक्षक कौशल का व्यावहारिक ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। आपातकालीन स्थिति में सही समय पर लिया गया सही निर्णय किसी व्यक्ति के जीवन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यवहारिक दक्षता से जोड़ते हैं।
कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की दक्षता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि “हर सेकंड मायने रखता है” और ऐसे प्रशिक्षण प्रतिभागियों को संकट की घड़ी में आत्मविश्वास के साथ त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने इस पहल को विद्यार्थियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी प्रतिभागियों के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में गौरव थपलियाल, अभिषेक पूनिया और रवि शंकर प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को विभिन्न जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण का स्वरूप पूरी तरह व्यावहारिक रखा गया है, ताकि प्रतिभागी आपातकालीन स्थिति में सीखे हुए कौशल का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें। केडी डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में घबराने के बजाय सही तकनीक, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय के साथ की गई कार्रवाई जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
डॉ. कौर ने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों और चिकित्सा कर्मियों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के साथ ऐसे व्यावहारिक कौशल भी उपलब्ध कराए जाएं, जो जरूरत के समय सीधे किसी का जीवन बचाने में काम आएं। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “क्योंकि हर सेकंड मायने रखता है” है। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर की गई सही कार्रवाई जीवन और मृत्यु के बीच महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकती है। अंत में वर्कशॉप के कोऑर्डिनेटर डॉ. अनुज गौड़ और डॉ. श्रेय ने सभी का आभार माना।
चित्र कैप्शनः मैक्स इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट’ कार्यशाला के प्रशिक्षकों के साथ कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, दूसरे चित्र में प्रशिक्षण लेते छात्र-छात्राएं।

