
मथुरा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा विभिन्न संदेशपरक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, मानसिक परेशानियों को समझने के लिए प्रेरित करना तथा समय पर उचित सहायता और उपचार लेने के महत्व को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रमों की मरीजों के परिजनों और अस्पताल में मौजूद अटेंडरों ने सराहना की।
कार्यक्रम में डॉ. कुणाल जिंदल और फिजियोलॉजिस्ट शालिनी डोगरा ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों, उनके सम्भावित कारणों, लक्षणों और निदान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य का व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, व्यवहार और दैनिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। लगातार तनाव, चिंता, नींद संबंधी समस्याएं, भावनात्मक असंतुलन और जीवन की विभिन्न परिस्थितियों से उत्पन्न दबाव व्यक्ति की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में इन समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते पहचानना और उचित परामर्श एवं उपचार प्राप्त करना आवश्यक है।
वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि मानसिक परेशानी होने पर व्यक्ति को संकोच या सामाजिक झिझक के कारण मदद लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों का सहयोग, संवेदनशील व्यवहार तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए और इससे जुड़ी समस्याओं के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है।
मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन तथा डॉ. श्वेता चौहान, डॉ. कमल किशोर वर्मा, डॉ. विदुषी मक्कर और डॉ. अंकुश सिंह की देखरेख में आयोजित इन कार्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रमों के संचालन में डॉ. पुलकित, डॉ. शुभम, डॉ. किंजल, डॉ. बासु, डॉ. देवांशी, डॉ. रक्षित, डॉ. परिणिता, डॉ. हेमंत, डॉ. एलिस, शिवराज सिंह, क्षेत्रपाल, बबिता सहित अन्य टीम सदस्यों ने सहयोग किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. श्वेता चौहान ने सभी चिकित्सकों, सहयोगियों, प्रतिभागियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम समय की जरूरत हैं। इनके माध्यम से लोगों को मानसिक परेशानियों को समझने, जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
चित्र कैप्शनः विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्स।

