

*मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आरएटीएम) में बीसीए तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए ‘कक्षा से कोडबेस तक: उद्योग को वास्तव में क्या चाहिए और वहां तक कैसे पहुंचें’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। मोबिक्विक के वरिष्ठ सॉफ्टवेयर डेवलपर विभोर कुलश्रेष्ठ ने विद्यार्थियों को बताया कि सॉफ्टवेयर उद्योग में करियर बनाने के लिए किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, निरंतर अभ्यास और परियोजनाओं पर काम करना बेहद जरूरी है।
श्री कुलश्रेष्ठ ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि कम्पनियां नए स्नातकों का मूल्यांकन किस आधार पर करती हैं और प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में व्यावहारिक दक्षता किस प्रकार उम्मीदवारों को अलग पहचान दिलाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ मजबूत करने, लीटकोड जैसे ऑनलाइन मंचों पर नियमित रूप से समस्या समाधान का अभ्यास करने तथा तकनीकी साक्षात्कार की तैयारी करने की सलाह दी।
श्री कुलश्रेष्ठ ने कहा कि गिटहब पर अपनी परियोजनाओं और सुव्यवस्थित कोड का प्रदर्शन करने से तकनीकी दक्षता प्रस्तुत करने में मदद मिलती है। साथ ही उन्होंने लिंक्डइन के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने और रोजगार के अवसरों की जानकारी रखने पर भी जोर दिया। श्री कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वास्तविक उद्योग-तैयारी के लिए व्यावहारिक परियोजनाओं, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और निरंतर स्व-अध्ययन की महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी दक्षता के साथ प्रभावी संचार, टीम भावना और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता भी पेशेवर जीवन में सफलता के लिए आवश्यक है। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने प्लेसमेंट, तकनीकी साक्षात्कार और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में करियर की सम्भावनाओं से जुड़े सवाल पूछे।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना है। तकनीकी कौशल, संचार क्षमता, टीमभावना और निरंतर सीखने की आदत विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं।
आरएटीएम के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रतिस्पर्धी तकनीकी युग में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझना चाहिए। व्यावहारिक प्रशिक्षण, परियोजना आधारित शिक्षा और उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करता है। डॉ. सक्सेना ने बताया कि इस अतिथि व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान और सॉफ्टवेयर उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच संबंध समझाना था।
चित्र कैप्शनः विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग की बुनियादी बातें बताते वरिष्ठ सॉफ्टवेयर डेवलपर विभोर कुलश्रेष्ठ। दूसरे चित्र में अतिथि वक्ता के साथ विद्यार्थी।*

