
विजय गुप्ता की कलम से
मथुरा। मेरे द्वारा लिखे गए लेखों को नजर न लगे इसलिए कुछ मसाल जी बंधु कमेंट के रूप में अपना आशीर्वाद देते रहते हैं। मैं उन सभी मसाल जी भाइयों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। ईश्वर करें हमारे ये शुभचिंतक खूब फलें फूलें और इसी प्रकार हमेशा मेरे ऊपर अपनी कृपा बनाऐ रखते हुए मेरा उत्साहवर्धन करते रहें।

