
कोसीकलां। आर्य समाज कोसीकलां के 88वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन आयोजित सभा में आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ के प्रधान आचार्य स्वामी स्वदेश जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सभा में मौजूद श्रोताओं को संबोधित करते हुए महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन, वेदों के प्रचार-प्रसार और आर्य समाज के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
स्वामी स्वदेश जी महाराज ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेदों के प्रचार-प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी आर्य समाज और वेदों के विचारों का प्रचार किया। महर्षि दयानंद ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाजहित में कार्य करने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को आर्य समाज से जुड़कर सत्य के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने और लोगों को वैदिक विचारधारा के प्रति जागरूक करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि महर्षि दयानंद के विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। आचार्य संजय याजिक ने श्री राम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री राम राम है। जिन्होंने अपने पिता की आज्ञा से 14 वर्ष वन में व्यतीत किये। और ऋषियों ओर मुनियो की सुरक्षा के लिए राक्षसों का वध किया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का अपने भाइयों के प्रति प्यार अकल्पनीय रहा। आचार्य डॉ कपिल मलिक ने कहा श्री राम के जीवन से आज के युवाओं को सीख लेने की अत्यंत ही आवश्यकता है। जिससे वह समाज और देश की भलाई के लिए आगे आ सके। भारत देश आर्यवर्त देश है। प्रख्यात भजनोपदेशक पंडित कुलदीप शास्त्री ने कहा
श्री राम के जीवन से हमें त्याग, मर्यादा, कर्तव्यपरायणता और श्रेष्ठ मानवीय गुणों की महत्वपूर्ण शिक्षाएं मिलती हैं। उन्होंने जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा का पालन किया, इसी कारण उन्हें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा जाता है। व्यक्तिगत सुखों को छोड़कर उन्होंने समाज और धर्म के प्रति अपने दायित्व को सर्वोपरि रखा। सभा मे मंच पर आर्य जगत के विश्व विख्यात उपदेशक आचार्य संजय यागिक, आचार्य डॉ कपिल मालिक, भजनोपदेशक आचार्य पंडित कुलदीप आर्य, बहन स्वेता आर्या, महाशय धनीराम बेधड़क, बालकिशन शास्त्री, आचार्य मनोज, संरक्षक ओमप्रकाश आर्य, प्रधान डॉ प्रकाश आर्य, मंत्री सुरेन्द्र आर्य आदि मौजूद रहे।

