Saturday, April 4, 2026
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चित्र परिचयः तीन दिवसीय संस्कृति स्पार्क 2026 का शुभारंभ करते हुए संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता। साथ में हैं सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी, प्रति कुलपति प्रो. रघुराम भट्ट।

चित्र परिचय 2- स्पार्क 2026 के अतंर्गत रंगोली प्रतियोगिता में अपनी रंगोली को अंतिम रूप देतीं छात्राएं।

संस्कृति स्पार्क 2026 का अनेक प्रतियोगिताओं के साथ शुभारंभ

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय स्पार्क 2026 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। विवि का यह वार्षिक आयोजन एक ऐसा मौका है जिसमें विद्यार्थियों के अंदर छिपी हुई प्रतिभाएं विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से निखरकर बाहर आती हैं। विद्यार्थियों को अपनी-अपनी रुचि के अनुरूप अपने विशिष्ठ हुनर, नवोन्मेष, युवाओं के अनौखे आइडियाज को प्रदर्शित करने का का मौका मिलता है।
तीन दिवसीय स्पार्क 2026 का शुभारंभ संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने फीता काटकर किया। शुभारंभ की घोषणा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह मौका है जब आप अपने रुचि के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सार्वजनिक रूप से कर सकते हैं। आप इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से इंजॉय करिए और अपने हुनर से सबको प्रभावित करिए। विश्वविद्यालय आपके हुनर, इनोवेशन और अनौखे विचारों को पंख देने के लिए तैयार है। इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो. ने विद्यार्थियों को पूरे-जोश और लगन के साथ इन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। स्पार्क 2026 के उद्घाटन के अवसर विवि की सीईओ डा.श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और प्रति कुलपति प्रो.रघुराम भट्ट भी मौजूद रहे। विवि के इस अधिकारियों के दल ने विवि के विभिन्न परिसरों में चल रहीं प्रतियोगिताओं का भी निरीक्षण किया। उद्घाटन सत्र का संचालन संस्कृति एचएम विभाग की असिस्टेंट प्रो. शुभांगी सक्सैना ने किया।
आज होने वाली प्रतियोगिताओं में डांस प्रितयोगिता, कोलाज मेकिंग कंपटीशन, शार्ट मूवी कंपटीशन-आई एस ए डाइरेक्टर, रील मेकिंग कंपटीशन, रंग दे रंगोली प्रतियोगिता हुईं। विवि के सभागार में हुई नृत्य प्रतियोगिता में सर्वाधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इसमें एकल नृत्य, युगल नृत्य और समूह नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न गीतों पर दिल छू लेने वाले नृत्य प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का शुभारंभ विवि की सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने किया। कार्यक्रम की कोर्डिनेटर शुभ्रा पांडे ने बताया कि भारत की विभिन्न संस्कृतियों की छाप छोड़ने वाले नृत्य प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने अपनी नृत्य क्षमता का प्रदर्शन किया। नृत्य प्रतियोगिताओं में कुल 42 प्रस्तुतियां हुईं। कुल 24 एकल प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें प्रतिभागियों ने लावणी, पहाड़ी, राजस्थानी (घूमर), बॉलीवुड, के-पॉप, ब्रेक डांस और पश्चिमी शैलियों सहित विभिन्न नृत्य विधाओं का प्रदर्शन किया। “हमारी अधूरी कहानी”, “रोजी” और अन्य गीतों पर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रुजबाला और मुस्कान जैसी छात्राओं ने अपनी भावपूर्ण और ऊर्जावान प्रस्तुतियों से सबका ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता में आठ समूह प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिनमें “कृष्ण मुकुंद” पर दक्षिण भारतीय नृत्य, “कल्कि अवतार” पर पौराणिक प्रस्तुति, हरियाणवी फ्यूजन, योग आधारित नृत्य और “नैना” जैसे बॉलीवुड गीतों जैसे विषयों को दर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट समन्वय और रचनात्मक कहानी कहने का कौशल झलका। इसके अतिरिक्त “कांटा लगा” और “हमें तो लूट लिया” जैसे लोकप्रिय गीतों पर प्रस्तुत दस युगल प्रस्तुतियों ने बॉलीवुड, साल्सा, फ्रीस्टाइल, ब्रेक डांस और पंजाबी नृत्य जैसी शैलियों के साथ कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। सहायक प्रोफेसर सुश्री शुभ्रा पांडे के मार्गदर्शन में, श्रीमती रितु चौहान, श्री देवांशू सिंह और श्रीमती मिथिलेश के सहयोग से नृत्य प्रस्तुतियां सफलता पूर्वक आयोजित की गई। छात्रा नंदनी चतुर्वेदी और दुर्गेश ने संचालन किया। छात्रा नेहा, कैफ रिषाद, अंशुमन ने कार्यक्रम के कुशल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं विद्यालय परिसर में अपनी प्रगतिवादी सोच और समाज की विकृतियों पर चोट करती हुई विद्यार्थियों की रंगोलियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। विद्यार्थियों के विभिन्न दलों ने कुल 10 रंगोलियां बनाईं जिसमें योगा नेचुरोपैथी, गौतम बुद्ध का शांति संदेश देती, महिला सुरक्षा की आवश्यकता को दर्शाती रंगोलियां शामिल थीं। लगभग 45 विद्यार्थियों ने इन रंगोलियों को सजाया था। साफ्ट स्किल ट्रेनर अर्पणा गुप्ता, कंचन ठाकुर के निर्देशन में इन सभी रंगोलियों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंकिता सिंह, अर्पिता, अनुज्ञा, गुंजन और वैष्णवी के ग्रुप ने योग के विभिन्न आसनों को प्रदर्शित रंगोली के आधार पर जीता, वहीं दूसरी रंगोली विद्या विनयम शोभिते को मिला जिसको चेतन्या, नंदनी, खुशी और निर्मला ने बनाया, तीसरे स्थान पर नेचुरोपैथी से जुड़ी रंगोली को मिला, इसको चांदनी, निधि, आकांक्षा और प्रेरना ने सजाया। कोलाज मैकिंग प्रतियोगिता में चार विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के संयोजक आशीष गोस्वामी, स्तुति कुमारी ने बताया कि पहला स्थान श्रवंथ, दूसरा स्थान शिवम और तीसरा स्थान आयुष मित्तल को मिला। वहीं छात्र लक्ष्य को भी पुरुस्कृत किया गया।
शॉर्ट मूवी कंपटीशन में साथ फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। प्रतियोगिता की कोर्डिनेटर डा. प्रियंका गुप्ता, को कोर्डिनेटर सागर शर्मा ने बताया कि पहला पुरस्कार ‘वन लास्ट टाइम’ मूवी को दिया गया। इसको सौरभ राज ने निर्देशित किया, आयुष मौर्या फिल्म के हीरो और विलेन का रोल वैभव विशाल ने निभाया है। दूसरा पुरुस्कार ’द कमला’ को दिया गया। इसको छात्र प्रशांत ने निर्देशित किया। फिल्म की मुख्य भूमिका में प्रशांत, हर्ष और संजीव थे। तीसरा पुरुस्कार फिल्म ’पुनर्वास’ को दिया गया। इसको छात्रा श्रुति ने निर्देशित किया। मुख्य भूमिका में आद्या और सोनिका थीं।

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