
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के दीक्षारंभ 2026 के दूसरे दिन प्रदेश सरकार के व्यवसायिक शिक्षा, कौशल और उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने उच्च शिक्षा में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि अपना लक्ष्य सुनिश्चित करिए। असमंजस में मत पड़िए। अपने सपनों को सच करिए और अपने माता-पिता के भरोसे को पूरा करिए।
राज्य मंत्री ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों से मुकाबले, प्रतियोगिताओं में सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि अपना जज्बा कायम रखना होगा। जिस विषय को चुनें, जिस रास्ते पर बढ़ें अपना जज्बा कायम रखिए। सयंमित और अनुशासित रहें। अपने आप को धोखा मत दीजिए। जब दोस्तों के साथ बैठें काम की बात करें। अपनी दिनचर्या को अनुशासन में ढालें। समय से सोइए, समय से उठिए। जिस क्षेत्र में पढ़ाई करें उसमें डूबकर पढ़ाई करें। आप में से अधिकांश मध्यम श्रेणी के हैं। ऐसे में आपके ऊपर सफल होने की बड़ी जिम्मेदारी है। हमेशा सोचते रहिए कैसे आगे बढ़ें? जिज्ञासु बनें। जीवनभर सीखना है क्योंकि मन के हारे हार है मन के आगे जीत। इसलिए अपना लक्ष्य पाने के लिए लगातार प्रयास करें।
मत्री कपिल अग्रवाल ने कहा कि किसी सफल व्यक्ति को अपना आदर्श बनाइए और उसे पढ़कर जानिए कि उसने सफलता कैसे हासिल की। उन्होंने कहा कौशल कई प्रकार का है। आप किसी एक क्षेत्र जो आपका पसंदीदा हो उसमें कौशल हासिल करिए, संस्कृति विवि और सरकार आपकी मदद करेगी। आपके पास अच्छा आइडिया होगा तो वो स्टार्ट अप बन जाएगा। बहुत सारे ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। एआई, सोलर, एविएशन आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां आपके लिए करने को बहुत कुछ है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि अपनी एक पर्सनल डायरी जरूर बनाएं, इसमें रोजाना की गतिविधियों, घटनाओं और बड़े लोगों की कुटेशन लिखिए। ये डायरी आपके जीवनभर काम आएगी। उन्होंने कहा आप ऐसे विवि में अध्ययन को आए हैं जिसने 10 साल में बहुत तरक्की की है। आपके युवा कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता की सोच आपको बहुत आगे तक लेकर जाने की है।
इससे पूर्व संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने नवीन विद्यार्थियों से कहा कि यह विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि एक पूरा परिवार है। आप हमारे परिवार के सदस्य हैं और हम चाहेंगे कि आप यहां से अपने सपनों को पूरा करें। आपके ऊपर जिम्मेदारी है कि आपके माता-पिता ने जिस उम्मीद को लेकर यहां प्रवेश दिलाया है आप उस उम्मीद को पूरा करें। अगर आप भगवान को मानते हैं तो आपके माता-पिता साक्षात भगवान हैं। किसी के लिए भी यह बड़ी खुशी की बात होगी जब उसके माता-पिता गर्व से उसका नाम लेकर कहेंगे कि ये मेरा बेटा या मेरी बेटी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जिम्मेदारी लेना सीखिए, कमियों पर ध्यान मत दीजिए। जीवन में ईमानदारी और अनुशासन का बड़ा महत्व है। दुनियां में कुछ भी असंभव नहीं है, यदि किसी काम को आप करने की ठान लेते हैं। करियर चुनना चाहते हैं तो ऐसी 10 कंपनियां छांट लीजिए और उनकी जरूरत क्या है यह जानने की कोशिश करिए। उद्यमी बनना चाहते हैं तो उसके लिए प्लान बनाइए।
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए संस्कृति विवि की गौरवशाली परंपराओं का परिचय देते हुए विवि के विद्यार्थियों की सफलताओं का संक्षेप में ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में विवि द्वारा हासिल की गईं उपलब्धियों के लिए विवि के युवा कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता की बड़ी सोच है। विशिष्ठ अतिथि ओलंपियन कैप्टन अमरीश कुमार अधाना ने विद्यार्थियों को अपने फोजी जीवन के अनेक संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग होता है इसलिए आप लोगों को खेलों में भी रुचि लेनी चाहिए और प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम में विवि की सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इस दौरान एसओईआईटी के डीन डा. पंकज गोस्वामी, स्टूडेंट वेलफेयर डीन डा. डीएस तोमर, एक्सामिनेशन कंट्रोल विभाग के विनोद सारस्वत, रजिस्ट्रार मनीष मिश्रा, स्पोर्ट्स हेड फहीम अख्तर ने विद्यार्थियों को अपने-अपने विभाग की बारीकियों और नियमों से अवगत कराया। अंत में संस्कृति विवि की एकेडमिक डीन डा.रेनू गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन संस्कृति स्कूल आफ मैनेजमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना ने किया। कार्यक्रम के संयोजन में डा. गरिमा गोस्वामी, डा. दुर्गेश वाधवा ने विशेष योगदान दिया।

