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संस्कृति विश्वविद्यालय के दीक्षारंभ 2026 में तीसरे दिन संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में मुख्य अतिथि बालीवुड कलाकार इमरान जाहिद विद्यार्थियों के सवालों का उत्तर देते हुए। साथ में हैं संस्कृति एफएम के आरजे जयशंकर पांडे। संस्कृति विवि दीक्षारंभः बालीवुड कलाकार ने कहा शिक्षा की अहमियत हर क्षेत्र में


मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के दीक्षारंभ 2026 में तीसरे दिन संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में मुख्य अतिथि बालीवुड कलाकार इमरान जाहिद ने विद्यार्थियों कहा कि शिक्षा की बहुत अहमियत है। हर क्षेत्र में सफलता का आधार है शिक्षा। पढ़ने की कोई सीमा नहीं, जितना ज्ञान हासिल कर पाएं हासिल करना चाहिए।
बॉलीवुड कलाकार ने कहा कि संघर्ष जीवन का हिस्सा है। यह सबकी जिंदगी में है चाहे वो छोटा हो या बड़ा। संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए। आपको सबसे पहले अपनी कमियां देखनी चाहिए और उन कमियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ये आपके ऊपर निर्भ करता है कि आप कहां तक उड़ान भर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा क्या आप 10 सैकंड में कोई ऐसा काम कर सकते हैं जिसके लिए सारी दुनियां आपकी तारीफ करे, आपको सर पर बैठा ले। बच्चों की चुप्पी पर उन्होंने खुद ही जवाब देते हुए कहा कि 10 सैकंड से भी कम समय में उसेन बोल्ट ने 100 मीटर रेस जीत कर सारी दुनिया में शोहरत पाई। बताते चलें कि 1982 में जन्मे इमरान जाहिद थिएटर और बॉलीवुड दोनों में सक्रिय एक भारतीय अभिनेता हैं । उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म ‘द लास्ट सैल्यूट ‘ में अभिनय किया है, जो इराकी पत्रकार मुंतधर अल-जैदी की इसी नाम की पुस्तक पर आधारित है , और नाटक ‘ द अर्थ’ में भी काम किया है , जो भट्ट की फिल्म ‘ अर्थ’ पर आधारित है । उनका नवीनतम नाटक ‘डैडी’ है ।
विद्यार्थियों से हुए सीधे संवाद में उन्होंने सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अपने आप को मजबूत बनाएं, किसी ने क्या कहा, क्या आलोचना की उसकी परवाह नहीं करें। जल्दी भूलकर आगे बढ़ जाना चाहिए। बोकारो से निकले इमरान ने कहा हमारे यूपी और बिहार में मैंने महसूस किया है कि लोग दूसरों की बात का बहुत जल्दी बुरा मान जाते हैं और लंबे समय तक उसे लिए बैठे रहते हैं। जबकि इसको भूल कर अपनी तरक्की के बारे में सोचना चाहिए। एक अन्य सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि जब तक किसी चीज के लिए पैशन नहीं होगा तब तक पूरी सफलता नहीं मिलेगी। अगर किसी काम को करने का जुनून होगा तो कुछ भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति का बहुत महत्व है, उससे जुड़े रहना चाहिए।
इससे पूर्व संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने अपने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि का परिचय देते हुए विवि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डा. डीएस तोमर ने उपस्थित विद्यार्थियों को विवि के नियमों के बारे में जानकारी देते हुए स्टूडेंट काउंसिल की गतिविधियों और उसके महत्व के बारे में बताया।
बालीवुड कलाकार के इस प्रेरणादायक संबोधन के बाद विवि के छात्र-छात्राओं ने अपने नृत्य, संगीत, वाद्यों के वादन से संतोष मैमोरियल आडिटोरियम के मंच को झंकृत कर दिया। छात्रा नेहा, छात्र आयुष्मान, सागर, नंदिता, खुशी, प्रियांशु मिश्रा, शिखा, लवली, नेहा, शशि, निशांत ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना, संस्कृति एफएम के आरजे जयशंकर पांडे ने किया। कार्यक्रम के संयोजन में डा. दुर्गेश वाधवा, डा. गरिमा गोस्वामी, डा. नेहा पाठक, छात्र रसिक शर्मा, अभिषेक आदि का विशेष सहयोग रहा।

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