Friday, January 2, 2026
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अनुपस्थित पाए गए तीन एडीओ पंचायत और 15 सचिव का1 दिन का कटा वेतन, डीपीआरओ किरण चौधरी

बरसाना लठमार होली की ड्यूटी में लगाए गए एडीओ पंचायत फरह विजय शर्मा ,एडीओ पंचायत चौमुहा श्याम सुंदर सारस्वत, एडीओ बलदेव नवेश कुमार ड्यूटी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन काट दिया गया है।
इसी प्रकार 15 सचिव अपने ड्यूटी पॉइंट पर अनुपस्थित पाए गए आकाश कुमार, चोखेलाल, सौरभ मिश्रा, नानकराम, बच्चू सिंह ,सुरेंद्र सिंह, गोपाल प्रसाद, दिलीप शर्मा ,पवन कुमार वर्मा, कमल किशोर व्यास, भुवनेश कुमार, रनजीत सिंह, यशपाल सिंह, सुभाष चंद्र, दिलीप शर्मा अनुपस्थित पाए गए।
जिनका एक दिन का वेतन काट दिया गया है और भविष्य के लिए चेतावनी दी जाती है कि यदि कल पुनः ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए तो अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
सभी सफाई कर्मचारियों को सचेत किया गया है अपने ड्यूटी पॉइंट पर विधिवत साफ सफाई करें ,यदि निरीक्षण के दौरान गंदगी पाई जाएगी तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय ऊर्जा विभाग के सचिव और दक्षिणांचल विद्युत विभाग के एमडी ने की मानसी गंगा मुखारविंद पर किया गिरिराज पूजन

  • मंदिर रिसीवर कपिल चतुर्वेदी ने किया डुपट्टा पहनाकर स्वागत

बरसाना की होली पर जहां एक और हजारों लाखों की संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन बरसाना वृंदावन होली का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं वहीं इसी बीच भारत सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव पंकज अग्रवाल और दक्षिणांचल विद्युत विभाग के एचडी अमित किशोर गिरिराज जी की पूजा अर्चना करने गोवर्धन पहुंचे । जहां उन्होंने मुकुट मुखारविंद मानसी गंगा मंदिर पर गिरिराज जी की पूजा अर्चना की मुकुट मुखारविंद मंदिर सेवायतो ने विधि विधान से गिर्राज महाराज की पूजा अर्चना करवाई और दूध भोग चढ़वाया । इसके बाद सेवायतो ने दोनों का माला दुपट्टा पहन कर स्वागत किया। इस अवसर मुकुट मुखारविंद मंदिर के रिसीवर कपिल चतुर्वेदी मनीष बाबा चंद्र विनोद कौशिक गजेंद्र मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे

आर.सी.ए. बालिका स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव” का आयोजन

महाविद्यालय के कैरियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल व खजानी वेलफेयर सोसाइटी मथुरा के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मथुरा नगर निगम के महापौर श्री विनोद अग्रवाल द्वारा की गई। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती किरण चौधरी ( जिला पंचायत राज अधिकारी) तथा श्री हरिमोहन माहेश्वरी (अध्यक्ष खजानी वेलफेयर सोसाइटी) उपस्थित रहे । सर्वप्रथम सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । तत्पश्चात महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रमेश मित्तल द्वारा श्री विनोद अग्रवाल को पटका ओढ़ाकर व नवांकुर भेंट कर तथा प्राचार्य डॉ प्रीति जौहरी द्वारा श्रीमती किरण चौधरी को पटका ओढ़ाकर व नवांकुर भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
प्राचार्य डॉ. प्रीति जौहरी ने अपने संबोधन में सभी अतिथियों तथा कंपनियों का स्वागत करते हुए रोजगार प्राप्त करने के उद्देश्य से आई हुई छात्राओं को शुभकामनाएं दी ।उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हमारी छात्राएं महाविद्यालय से जब शिक्षा प्राप्त करके जाएं तो वे प्रबुद्ध नागरिक बनने के साथ आत्मनिर्भर भी बन पाए । महाविद्यालय समय-समय पर प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार मेले आयोजित करता रहा है। इन कार्यक्रमों से एक और कंपनियों को अच्छे कर्मचारी मिलते हैं तो दूसरी ओर छात्राओं को रोजगार । उनको एक ही मंच पर साथ लाना हमारा उद्देश्य है। खजानी वेलफेयर सोसाइटी की निर्देशिका श्रीमती शिप्रा राठी ने अपने संबोधन में कहा हमारा लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, इसके लिए हम प्रशिक्षण देते हैं, लेकिन जब तक वे जीविकोपार्जन नहीं कर पाएंगी उनको इस प्रशिक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। रोजगार मेला इसके लिए अवसर उपलब्ध करवाता है।

विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीमती किरण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा यदि विद्यार्थी शिक्षा लेकर घर बैठ जाता है तो जीवन में फिर से वह शून्यता पर आ जाता है। शिक्षित बेरोजगार युवा किसी समाज के लिए घातक होता है तो आवश्यक है कि उनको रोजगार दिया जाए । उन्होंने कहा कि रोजगार को नौकरी तक सीमित न मानकर सेवा करने के वृहद उद्देश्य से जोड़ा जाना चाहिए ।उन्होंने नौकरी में ईमानदार होने की सीख छात्राओं को दी ।खजानी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष श्री हरिमोहन माहेश्वरी जी ने छात्रों को शुभकामनाएं दी।
मुख्य अतिथि मथुरा नगर निगम के महापौर श्री विनोद अग्रवाल ने महाविद्यालय को शुभकामनाएं दी क्योंकि महाविद्यालय ने छात्राओं को न केवल शिक्षित किया बल्कि उनके रोजगार के लिए प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया। वर्तमान में भारत में साक्षरता दर 70 प्रतिशत से ऊपर है अतः बेटियां शिक्षित हुई हैं और एक बेटी पूरी पीढ़ी को शिक्षित करती है। वर्तमान में बेटियों ने उपलब्धि के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री युवाओं को लेकर आशान्वित हैं। आज युवा नौकरी प्राप्त करने वाले ही नहीं वरन एंटरप्रेन्योर बनाकर नौकरी देने वाले बने हैं।
कार्यक्रम में मथुरा शहर के अनेक संस्थानों ने प्रतिभाग किया और महाविद्यालय से उत्तीर्ण छात्राओं को नौकरियां प्रदान की। इन संस्थानों में यूरो किड्स पब्लिक स्कूल, एम.के. वर्मा एडवोकेट, खजानी वेलफेयर सोसाइटी, बी के मेमोरियल स्कूल, कृष्ण पैकेजिंग, समृद्धि ज्वेलर्स ,रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस रही।‘कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव’में 95 छात्राओं ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्मृति शर्मा ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रमेश मित्तल,उपाध्यक्ष श्री रामबाबू अग्रवाल और प्रबंध समिति के सदस्य श्री प्रदीप अग्रवाल उपस्थित रहे। इस अवसर पर कैरियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल की सदस्याएं डॉ. स्मृति शर्मा,कु.सोनम यादव और डॉ.पल्लवी शुभा और महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं डॉ. अंजुबाला अग्रवाल, डॉ.अर्चना पाल, डॉ.मंजू दलाल,डॉ.संध्या श्रीवास्तव, डॉ.सोमा दास, डॉ. पूजा राय, सुश्री प्रतिभा, श्रीमती शताक्षी सिंह, डॉ सीमा शर्मा, डॉ सुषमा अग्रवाल, डॉक्टर राजेश वर्मा, डॉ. नेहा सक्सेना, डॉ.ऋचा शर्मा,श्रीमती मधुमिता, कु.खुशबू आचार्य, कु.दिव्यांशी,कु.आरती दीक्षित ,कु. निकिता वार्ष्णेय ,श्रीमती पूजा पालीवाल, श्रीमती रत्ना शर्मा आदि उपस्थित रहीं।
खजनी वेलफेयर सोसाइटी की कोऑर्डिनेटर छवी अग्रवाल, खुशी खंडेलवाल, अंशिका, रेनू डे,रेखा, सुमन, भावना बघेल, गुनगुन आदि उपस्थित रहे।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव संस्कृति-2024 में बही सतरंगी छटानन्हे-मुन्नों ने लगभग चार घंटे करतल ध्वनि के बीच प्रस्तुत किए मनमोहक कार्यक्रम

  • जिला सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा-कौशल को सराहा

मथुरा। शनिवार की शाम राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं के नाम रही। स्कूल के वार्षिकोत्सव संस्कृति-2024 में छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रप्रेम, राष्ट्र विकास से जुड़े मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर गणमान्य न्यायविदों, विशिष्ट जनों तथा अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वार्षिकोत्सव का शुभारम्भ जिला सत्र न्यायाधीश मथुरा आशीष गर्ग, उनकी धर्मपत्नी निधि गर्ग तथा आरआईएस के चेयरमैन मनोज अग्रवाल द्वारा विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव संस्कृति-2024 में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बदलते भारत की ऐसी तस्वीर पेश की जिसे देखकर लगभग चार घण्टे तक के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल का आडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अलादीन का चिराग, स्नोव्हाइट, डिज्नीलैंड जैसे कार्यक्रमों से जहां सभी का मन मोहा वहीं छात्र-छात्राओं ने आत्मनिर्भर भारत, कैंसर जागरूकता जैसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया।


देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष को दर्शाने के साथ-साथ विद्यार्थियों ने खेल के नए-नए करतब दिखाकर सभी को दाँतों तले उँगली दबाने पर विवश कर दिया। छात्र-छात्राओं ने कश्मीर कार्यक्रम के माध्यम से अनुच्छेद 370 से पहले एवं बाद वाले कश्मीर के परिदृश्य का चित्रण करते हुए सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया। महाभारत कार्यक्रम से दर्शकों में वीर रस का संचार करते हुए उन्हें गीता का सार समझाया। गुरुकुल कार्यक्रम के माध्यम से प्राचीन काल एवं आधुनिक काल की शिक्षा पद्धति पर प्रकाश डाला गया। एक तरफ इसरो कार्यक्रम के माध्यम से भारत की चंद्रयान जैसी अभूतपूर्व उपलब्धियों के बारे में बताया गया तो दूसरी ओर देशभक्ति नृत्य
प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन कार्यक्रमों के जरिए यह बताया कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल सिर्फ शिक्षा ही नहीं सामाजिक और राष्ट्रीय विचारधाराओं से भी गहरा ताल्लुक रखता है। अधिकांश कार्यक्रमों में राष्ट्रीय महानायकों के कृतित्व, नारी सशक्तीकरण, चिकित्सा, विज्ञान तथा राष्ट्र विकास की झलक दिखी। राजीव इंटरनेशनल स्कूल की उपलब्धियों का वार्षिक प्रतिवेदन विद्यालय की शैक्षिक समन्वयक प्रिया मदान ने प्रस्तुत किया।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह के मुख्य अतिथि जिला सत्र न्यायाधीश मथुरा आशीष गर्ग, उनकी धर्मपत्नी निधि गर्ग, विशिष्ट अतिथियों एडीजे नितिन पांडेय, एडीजे पूनम पाठक, एडीजे पल्लवी, एडीजे नीरू शर्मा, जिला कमाण्डेंट होमगार्ड्स मथुरा डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सीनियर आडिटर मथुरा अदिति तथा महाप्रबंधक अरुण अग्रवाल आदि का स्वागत आर.के. ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा आरआईएस के चेयरमैन मनोज अग्रवाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि जिला सत्र न्यायाधीश आशीष गर्ग ने राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया तो दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। जिला न्यायाधीश श्री गर्ग ने कहा कि आज 40 साल बाद उन्हें अपना छात्र जीवन याद आ गया है। बच्चों ने जितने भी कार्यक्रम पेश किए वे सब के सब अच्छे हैं। उन्होंने इसके लिए आरआईएस के शिक्षकों की प्रशंसा की और कहा कि वाकई यहां किताबी ज्ञान ही नहीं बच्चों को करियर से जुड़े पहलुओं से भी अवगत कराया जा रहा है। जिला न्यायाधीश श्री गर्ग ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कैंसर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इसमें बहुत बड़ा संदेश छिपा है। इस अवसर पर श्री गर्ग ने अपने बचपन के संस्मरण सुनाए तथा सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज अग्रवाल ने अतिथियों और अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता तथा महत्ता को प्रमुखता देते हुए बच्चों को संस्कारित करना है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मनुष्य जीवन में संस्कारों का बहुत महत्व है। बच्चे का जीवन और मन कोरे कागज की तरह होता है। हम कोरे कागज पर जैसा भी लिखना चाहें वैसा लिख सकते हैं। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में प्रवेश के बाद से ही बच्चे की रुचि पर ध्यान देते हुए उसमें अच्छे संस्कार डालने की कोशिश की जाती है। वार्षिकोत्सव समारोह में के.डी. मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के डीन डॉ. आर.के. अशोका, के.डी. डेंटल कॉलेज के डीन डॉ. मनेष लाहौरी, जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, बड़ी संख्या में शिक्षक तथा अभिभावक उपस्थित रहे।

गीता देवी यथा नाम तथा गुंण

मथुरा। गीता जयंती के दिन जन्म लेने और अमावस्या की रात्रि में देह त्यागने का सौभाग्य प्राप्त करने वाली गीता देवी स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी स्व० लाला नवल किशोर गुप्ता की सबसे बड़ी संतान थीं। जैसा उनका नाम था वैसे ही उनके अंदर गुंण थे वह अपने पिता की भांति छल कपट से दूर शांत और सौम्य स्वभाव की थीं। दया और परोपकार उनके अंदर कूट-कूट कर भरा हुआ था मेरा यह सौभाग्य है कि वह मेरी बड़ी बहन थीं। मेरे ऊपर उनका विशेष स्नेह व आशीर्वाद था।
     उनके जीवन की सबसे दुर्लभ बात यह है कि उन्होंने गीता जयंती के शुभ दिन जन्म लिया और अमावस्या की रात्रि में चलते फिरते बोलते चालते अपने पति की मौजूदगी में देह त्यागी। देह त्यागने से पूर्व उन्हें अपने जाने का आभास हो गया था, इसीलिए कुछ घंटे पहले वह हमारे जीजाजी के साथ घर आईं सभी से बड़ी आत्मीयता के साथ भाव विह्वल होकर मिलकर गईं।
     हमारे दिवंगत पुत्र विवेक और पिताजी स्व० लाला नवल किशोर जी की भांति उन्हें भी कभी-कभी कुछ बातों का पूर्वाभास हो जाता था। यही कारण था कि उन्हें अपने देह त्यागने का भी आभास हो गया था। हमारी बड़ी बहन गीता देवी जिन्हें हम सब भाई बहन जीजी कहते थे साक्षात् देवी स्वरूपा थीं। उन्होंने उस पुराने जमाने में लगभग 60-65 वर्ष पूर्व बी.ए तक की पढ़ाई की थी। उनकी शादी बहुत बड़े घराने में हुई थी।
     हमारी जीजी के ददिया ससुर सेठ प्रभु दयाल जी ने स्व. लाला लाजपत राय के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना की थी। वे मूलतः मुल्तान के रहने वाले थे जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की शुरुआत मुल्तान में एक कमरे से की और बाद में इसे लाहौर स्थानांतरित कर दिया गया। पंजाब नेशनल बैंक के  ६ संस्थापक सदस्य थे जिनमें लाला लाजपत राय, सेठ प्रभु दयाल, दयाल सिंह मजीठिया, लाला हर किशन लाल, लाला लाल चंद और लाला ढोलना दास।
     जीजी के ददिया ससुर देश के नामी-गिरामी घराने से थे उनके अपने निजी हवाई जहाज चलते थे उनके एक भाई मुल्तान में सिविल जज थे। मुल्तान में आटा, मैदा, सूजी और बेसन आदि बनाने वाली एक बहुत बड़ी मिल थी। २८ कपास के कारखाने भी थे। उन्हें राय बहादुर का खिताब भी मिला हुआ था। हमारी बहन के ससुर स्व० सेठ मदन लाल गुप्ता महावर वैश्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे थे और पूरे समाज में उनकी तूती बोलती थी। भारत पाकिस्तान के बंटवारे के बाद वे मुल्तान से आकर कुछ समय अलवर रहे तथा उसके बाद शक्ति नगर दिल्ली में स्थाई रूप से बस गए।
     जीजी के इतने बड़े घराने में शादी होने का भी बड़ा रोचक किस्सा है। हमारे पिताजी स्व० लाला नवल किशोर जी ने देवी स्वरूपा अपनी कन्या के लिए सुयोग्य वर की तलाश में अनेक शहरों की खाक छान डाली लेकिन सबसे श्रेष्ठ वर उन्हें मुल्तान वालों के यहां लगा किंतु सेठ मदन लाल जी हाथ रखने को तैयार नहीं थे वे अपने सबसे बड़े पुत्र हरगोविंद का रिश्ता अपनी टक्कर के किसी ऊंचे घराने में करना चाहते थे किंतु हमारे पिताजी ने हार नहीं मानीं और वे चक्कर पर चक्कर लगाते रहे। यानीं कि उन्होंने मुल्तान वालों के घर सत्रह बार दस्तक दी। इसके पीछे हमारी माता जी श्रीमती रतन देवी का भी विशेष योगदान रहा क्योंकि जब पिताजी हताश होकर दिल्ली से वापस घर आते तो माता जी कुछ दिन बाद फिर भेजती क्योंकि उन्होंने सुन रखा था कि मुल्तान वालों का लड़का सबसे अच्छा है।
     इसी दौरान सेठ मदनलाल जी की बात उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कृषि मंत्री राममूर्ति लाल महावर से उनकी पुत्री से रिश्ता करने के लिए चली और वे लड़की को देखने के लिए सपरिवार बरेली गए किंतु लड़की पसंद न होने के कारण रिश्ता तय होते होते रुक गया। बरेली से वापस दिल्ली लौटते हुए वे मथुरा भी आए तथा अपने साढू डॉक्टर बैजनाथ के घर कुछ समय रुके। जब डॉक्टर वैजनाथ ने  उनकी सारी बात सुनीं तो उन्होंने सेठ जी से कहा कि यदि आपको लड़की सुंदर व सुशील चाहिए तो मैं बताऊं भले घर का रिश्ता।
     इस पर सेठ मदन लाल जी ने कहा कि बताओ। तब डॉक्टर साहब ने पिताजी का नाम लेकर कहा कि उनकी लड़की गीता आपके घर परिवार के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त है। इस पर सेठ जी बोले कि अरे वह तो हमारे यहां बहुत दिनों से बराबर चक्कर लगा रहे हैं किंतु हमने रिश्ता इसलिए नहीं किया कि मथुरा के कुछ लोगों ने कहा कि उनके यहां रिश्ता करोगे तो पछताना पड़ेगा क्योंकि आप जैसे प्रतिष्ठित परिवार की बारात की खातिरदारी तो दूर पीने को ठीक से पानीं भी नहीं मिलेगा। खैर डॉक्टर वैजनाथ ने उनकी सारी गलतफहमी दूर कर दी और वे संतुष्ट हो गए।
     इसके बाद उसी समय आनन फानन में रिश्ता तय हो कर सगाई भी हो गई। सेठ मदन लाल जी ने डॉक्टर वैजनाथ से कहलवाया कि हमें दहेज वगैरा कुछ नहीं चाहिए बस बारात की खातिरदारी अच्छी हो जाय। इसके पश्चात मुल्तान वालों की प्रतिष्ठा के अनुरूप बड़े धूमधाम से शादी हुई। शादी की शानदार व्यवस्था से सेठ मदन लाल जी गदगद हो गए। सेठ मदन लाल जी के दो पुत्र व एक पुत्री थी। बड़े पुत्र हरगोविंद जी की शादी तो हमारी बहन से हो गई उसके बाद उनकी पुत्री पुष्पा देवी की शादी राजस्थान के वरिष्ठ नेता तथा अलवर से लोकसभा सदस्य लाला काशीराम जी के पुत्र हेमकुमार से हुई और छोटे पुत्र विजय कुमार की शादी उड़ीसा के प्रमुख व्यवसाई (मैं मूलचंद हीरालाल) श्री द्वारका प्रसाद जी की पुत्री राधा देवी से हुई। जीजी की शादी के बाद जीजाजी उच्च शिक्षा हेतु दो वर्ष के लिए इंग्लैंड गए। उस जमाने में पढ़ाई के लिए विदेश जाना बहुत बड़ी बात मानीं जाती थी।
     हमारे महावर वैश्य समाज में सबसे पहले विदेश जाकर पढ़ाई उन्होंने ही की थी। जब वे पढ़ाई पूरी करके जहाज द्वारा लंदन से मुंबई आए और फिर मुंबई से डीलक्स गाड़ी द्वारा दिल्ली पहुंचे। रास्ते में मथुरा स्टेशन पड़ा उस समय मथुरा में उनका इतना जबरदस्त स्वागत हुआ कि कोई आसानी से विश्वास नहीं कर सकता। वह दृश्य आज भी मेरी आंखों के सामने घूम रहा है। हमारे नातेदार, रिश्तेदार, मोहल्ले, पड़ोस के तथा शहर भर के जान पहचान वाले और जो जान पहचान के नहीं थे ऐसे भी बहुत लोगों की संख्या में पहुंचे। इतनी भीड़ पहुंची कि स्टेशन का एक नंबर प्लेटफार्म खचाखच भर गया और तो और पुल के ऊपर भी भीड़ लग गई। फूल मालाओं की वर्षा होने लगी तथा डीलक्स गाड़ी रुकने का निर्धारित समय जो शायद दो मिनट था, से पांच मिनट और अधिक रुकी। गार्ड ने जब हरी झंडी दिखाई तब यह कहा था कि अब आपका स्वागत का कार्यक्रम पूरा हो चुका हो तो गाड़ी को आगे बढ़ाऊं। उस समय पूरे शहर में हल्ला मच गया के लाला नवल किशोर का जंवाई विलायत पढ़ कर आया है। बच्चे, बूढ़े, जवान तथा औरतों के झुंड समय से पहले ही पहुंच गए। स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्री भी बड़े कौतूहल से यह तमाशा देखने लगे। ऐसा लग रहा था कि देश का कोई बहुत बड़ा नेता राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री आया है, जो उसका ऐसा भव्य स्वागत हो रहा है। हमारी माताजी और पिताजी तो फूले नहीं समा रहे थे। शायद शादी के मौके पर भी इतने खुश नहीं हुए होंगे। खुश होने की बात जो थी क्योंकि उनका जंवाई विलायत पढ़कर जो आया है वह भी लंदन यूनिवर्सिटी टॉप करके।
     मुझे यह पारिवारिक चर्चा आप सभी से करके बड़ा सुकून मिला है। जीजी मुझसे बड़ा स्नेह करती थी और मेरा भी उनसे बड़ा लगाव था। मैं छोटी उम्र में उनके पास कलकत्ता बहुत रहा था। थोड़ा बड़ा होकर मथुरा आया तो मेरा मन मथुरा में नहीं लगता था और पिताजी को मना कर अक्सर बिना पूर्व सूचना के कलकत्ता पहुंचकर जीजी को चौंका देता। अक्सर रक्षाबंधन वाले दिन सुबह तड़के पहुंचकर उन्हें सरप्राइस देने का आनंद ही कुछ और मिलता था। जीजी के गुंणों की झलक हमारी भांजी कविता एवं भांजे अरविंद में भी दिखाई देती हैं।
     कलकत्ता में हमारे जीजा जी हरगोविन्द गुप्ता बिरला उद्योग में बहुत बड़े पद पर कार्यरत थे उनकी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा की वजह से बिरला परिवार में उनकी बड़ी इज्जत होती थी और उन्हें पारिवारिक सदस्य के रूप में माना जाता था। हमारी भांजी कविता की शादी जब दिल्ली के ताज पैलेस में हुई थी तब स्वयं  सुदर्शन कुमार बिरला शादी में आये तथा काफी समय बिताया। मैं भी उस समय मौजूद था। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसी देवी स्वरूपा बहन मिलीं। आज भी मुझे उनका वही स्नेह व आशीर्वाद प्राप्त है क्योंकि अक्सर स्वप्न में आकर दर्शन देती रहती हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को हमेशा सुख शांति में रखें।

विजय गुप्ता की कलम से

कस्बा बरसाना जनपद मथुरा में दिनांक 17.03.2024 व 18.03.2024 को लठामार होली के अवसर पर यातायात व्यवस्था / डायवर्जन प्लान

प्रतिबन्धित मार्गः-

  1. छाता –बरसाना रोड (बरसाना चौराहा)- छाता से बरसाना की ओर जाने वाले कॉमर्शियल / भारी वाहनो को बरसाना चौराहा से कस्वा बरसाना की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जायेगा ।
  2. नन्दगांव बरसाना तिराहाः- नन्दगांव कोसी से बरसाना की ओर जाने वाले कॉमर्शियल / भारी वाहनो को बरसाना तिराहा से कस्वा बरसाना की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जायेगा ।
  3. गोवर्धन बरसाना रोड (नीम गांव तिराहा)- कस्वा गोवर्धन से बरसाना की ओर जाने वाले कॉमर्शियल / भारी वाहनो को नीम गांव तिराहा से कस्वा बरसाना की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जायेगा ।
  4. राणा की प्याऊ से बरसाना की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  5. गोवर्धन रोड नाला से बरसाना की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  6. राधा विहारी इण्टर कॉलेज के सहारे नाला बैरियर से बरसाना की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  7. कामा रोड से बरसाना की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहन प्रिया कुण्ड पुल के पास सुदामा चौक से पीली कोठी की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।

डायवर्जन मार्गः-

  1. कोसी से बरसाना होते हुए गोवर्धन की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहन कोसी से छाता होते हुए गोवर्धन की जा सकेगे ।
  2. गोवर्धन से बरसाना होते हुए कोसी की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन गोवर्धन (नीमगांव तिराहा ) से छाता होते हुए कोसी की ओर जा सकेगे ।
    नोट- इसके अतिरिक्त आकस्मिक सेवाओं से जुडे हुए समस्त वाहन एम्बूलेन्स/फायर सर्विस आदि उपरोक्त प्रतिबन्धो से मुक्त रहेगे ।

रंगोत्सव -2024

जनपद मथुरा में विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी होली का रंगोत्सव-2024 का कार्यक्रम उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित किया जा रहा है। बरसाना स्थित राधाबिहारी इण्टर कालेज परिसर में मुख्य सांस्कृतिक मंच पर ब्रज लोक नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रंगोत्सव-2024 का शुभारम्भ दिनांक 17 मार्च 2024 अपरान्ह 12.30 बजे किया जा रहा है। राधा रानी के ग्राम बरसाना में दिनांक 17.03.2024 को लडडूमार होली व 18.03.2024 लट्ठामार होली धूमधाम से मनायी जायेगी। रंगोत्सव -2024 में जनपद मथुरा के विभिन्न स्थलों पर 19 छोटे मंच पर भी कलाकारों द्वारा ब्रजलोक नृत्य का प्रदर्शन किया जायेगा तथा 15 स्थानों पर होली के सेल्फी पाईन्ट, 23 स्थानों पर होली के भव्य प्रवेश द्वारों का अस्थायी रूप से निर्मित किया जा रहा है, प्रमुख मन्दिरों पर प्रकाश व्यवस्था एवं विशिष्ट विद्युत सजावट भी किया जा रहा है। सर्व साधारण के लिए बरसाना स्थित कटारा चैक, रंगीली चैक, राधाबिहारी इन्टर कालेज के भव्य कार्यक्रम का सजीव प्र्रसारण दिनांक 17.03.2024 को प्रातः 11.00 बजे से यू-टयूब के लाईव लिक, https://www.youtube.com/live/tuprT1xogEg?si=J9w7qW0o8lpJ3Zlq पर देखा जा सकता है। जनपद के अन्य कार्यक्रमों का विवरण निम्नवत है-

क्र0सं0 दिनांक दिन हिन्दी तिथि स्थल का नाम
1 17.03.2024 रविवार फाल्गुन शु0 अष्टमी फाग आमंत्रण, नंदगाॅव
2 17.03.2024 रविवार फाल्गुन शु0 अष्टमी लडडू होली, बरसाना
3 18.03.2024 सोमवार फाल्गुन शु0 नवमी लट्ठामार होली, बरसाना
4 19.03.2024 मंगलवार फाल्गुन शु0 दशमी लट्ठामार होली, नन्दगाॅव
5 19.03.2024 मंगलवार फाल्गुन शु0 दशमी रंग लट्ठामार होली, गाॅव रावल
6 20.03.2024 बुधवार फाल्गुन शु0 एकादशी (रंगभरनी एकादशी) 1. मथुरा (श्री कृष्णजन्म स्थान)
(श्री द्वारिकाधीश मंदिर)

  1. वृन्दावन (श्री बाॅकेबिहारी मन्दिर)
    7 21.03.2024 गुरूवार फाल्गुन शु0 द्वादशी छड़ीमार होली, गोकुल
    8 24.03.2024 रविवार फाल्गुन शु0 पूर्णिमा चतुर्वेदी समाज का डोला, मथुरा
    9 24.03.2024 रविवार फाल्गुन शु0 पूर्णिमा होलिका दहन, गाॅव फालैन (रात्रि)
    10 25.03.2024 सोमवार चैत्र कृ0 प्रथम धुलेंडी, मथुरा जनपद
    11 26.03.2024 मंगलवार चैत्र कृ0 द्वितीय दाऊजी का हुरंगा, बल्देव
    12 26.03.2024 मंगलवार चैत्र कृ0 द्वितीय जाब का हुरंगा, गाॅव जाब
    13 26.03.2024 मंगलवार चैत्र कृ0 द्वितीय चरकुला, मुखराई
    14 27.03.2024 बुधवार चैत्र कृ0 तृतीय गाॅव बठैन, गिडोह का हुरंगा
    15 31.03.2024 रविवार चैत्र कृ0 षष्ठी (छठ) छडीमार, महावन
    16 01.04.2024 सोमवार चैत्र कृ0 सप्तमी श्री रंग जी मन्दिर, वृन्दावन में होली

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देने हेतु वृहद स्तर पा प्रचार-प्रसार कर रही है

मथुरा – जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र ने अवगत कराया है कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार लगातार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देने हेतु वृहद स्तर पा प्रचार-प्रसार कर रही है। साथ बालिकाओ के उत्थान हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संबालन भी किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 16 मार्च, 2024 को राजीव भवन, मथुरा में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस दौरान श्रीमती बुद्धि मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्य कर्मचारिगण उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना द्वारा बताया गया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की प्रतिमा का अनावरण करने का उद्देश्य लोगों को कन्या भ्रूण हत्या से रोकना, बालिकाओं को समान अधिकार देना एवं उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र द्वारा बताया गया है कि विभाग द्वारा बालिकाओं के संरक्षण हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाओं चलायी जा रही है जिससे बालिकायें आत्मनिर्भर बन रही हैं।

अब संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे आईआईटी के प्रोफेसर


दिल्ली में हुआ एक महत्वपूर्ण समझौता
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय और नेशनल स्किल डवलपमेंट कार्पोरेशन(एनएसडीसी) के मध्य दिल्ली में हुए एक महत्वपूर्ण समझौते में तय हुआ है कि अबसे आईआईएम अहमदाबाद और आईआईटी द्वारा संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को कोई एक विषय पढ़ाया जाएगा। कौशल विकास एवं नवोन्मेष के उद्देश्य को पूरा करने के क्षेत्र में यह समझौता विशेष रूप से बड़ी भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में हुए इस समझौते पर संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता और एनएसडीसी के सीईओ वेदमनी तिवारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत संस्कृति विवि के इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों को आईआईटी द्वारा हर सेमेस्टर में एक विषय पढ़ाया जाएगा। यानि कि संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को आईआईटी के प्रोफेसर से पढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। आईआईटी द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषय की परीक्षा में आने वाले नंबर विद्यार्थियों की मार्कशीट में क्रेडिट होंगे। वहीं संस्कृति विवि के मैनेजमेंट के विद्यार्थियों को आईआईएम द्वारा वेल्युएडेड सर्टिफिकेट कोर्स करने का अवसर मिलेगा, जो उनकी प्रतिभा और बायोडाटा में और परिक्वता प्रदर्शित करेगा। इन कोर्सों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र आईआईएम द्वारा दिया जाएगा।
विवि के अकादमिक प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस समझौते के अनुसार अस्ट्रेलिया की विश्वप्रसिद्ध युनिवर्सिटी डेकेन युनिवर्सिटी द्वारा भी संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रोग्राम कराए जाएंगे। संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने इस समझौते पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के स्किल डवलपमेंट के क्षेत्र में यह समझौता एक मील का पत्थर साबित होगा साथ ही ‘कुशल भारत, विकसित भारत’ की सोच को भी पूरा करेगा। इस मौके पर संस्कृति विवि की सीईओ डा. मीनाक्षी शर्मा, डा. रजनीश त्यागी, संस्कृति विवि के इंक्युबेशन सेंटर के सीईओ गजेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।

रश्मि गोविल ने संभाला इंडियनऑयल के निदेशक (मानव संसाधन) का पदभार

सुश्री रश्मि गोविल ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंडियनऑयल), फॉर्च्यून-500 ऊर्जा कंपनी, में निदेशक (मानव संसाधन) का कार्यभार संभाला लिया है। सुश्री रश्मि गोविल मानव संसाधन में एमबीए और वित्त में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त हैं। 1994 में इंडियनऑयल से जुड़ने के बाद मानव संसाधन के विभिन्न पहलुओं में लगभग उनको तीन दशकों का समृद्ध अनुभव हासिल है।
निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में नियुक्त होने से पहले, वह कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय में कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन विकास और कर्मचारी संबंध) के रूप में कार्यरत थीं। सुश्री गोविल ने इंडियनऑयल के रिफाइनरी मुख्यालय में भी काम किया है, साथ ही मथुरा रिफाइनरी यूनिट में चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा किया है। उनके समृद्ध और विविध अनुभव ने इंडस्ट्रियल रिलेशन्स विशेषज्ञ के रूप में पहचान बनाई है। इसके अलावा मुआवजे, परफ़ोर्मेंस प्रबंधन, भर्ती, नीति निर्माण, उत्तराधिकार योजना और सिस्टम प्रबंधन पर भी उनकी गहरी समझ है।
सुश्री गोविल अपने परिणाम-केंद्रित, सहयोगात्मक और समावेशी शैली के लिए जानी जाती हैं और उन्होंने कंपनी के साथ-साथ उद्योग के लिए कई रणनीतिक पहल की शुरुआत भी की है। उन्होंने इनोवेशन सेल ‘सृजन’, मानव संसाधन में एसएपी सोल्यूशन और इंडियन ऑयल यूनियन के साथ दीर्घकालिक वेतन समझौते सहित कलेक्टिव्स के साथ कई ऐतिहासिक समझौतों का भी नेतृत्व किया है।
कोविड-19 महामारी के दौरान, सुश्री गोविल ने विविधता, समावेशन और कर्मचारियों के लिए कई नीतियों में संशोधन किया। निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में उनकी नियुक्ति इंडियनऑयल में उनके अनुकरणीय योगदान और ऊर्जा क्षेत्र में मानव संसाधन के भविष्य के लिए उनके दृष्टिकोण का एक प्रमाण है। सुश्री रश्मि गोविल के पदभार ग्रहण करने के बाद अब इंडियनऑयल बोर्ड में दो महिला निदेशक मौजूद हैं।