मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट मथुरा की मेधावी छात्राओं मनीषा गौतम तथा तृप्ति कश्यप को डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के शिवाजी मंडपम खंदारी में मंगलवार को आयोजित 89वें दीक्षांत समारोह में एमएड व बीसीए में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर गोल्ड मेडल व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। दोनों छात्राएं इस कामयाबी से बेहद खुश हैं।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के दीक्षांत समारोह में राजीव एकेडमी की छात्राओं मनीषा गौतम और तृप्ति कश्यप को वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलइसेल्वी, कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी तथा कुलपति प्रो. आशुरानी के करकमलों से स्वर्ण पदक के साथ प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। तृप्ति कश्यप ने बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशंस (बीसीए) तथा मनीषा गौतम ने एम.एड. में विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक हासिल किए हैं।
मनीषा और तृप्ति ने अपनी इस सफलता का श्रेय राजीव एकेडमी की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली तथा प्राध्यापकों के मार्गदर्शन को दिया। तृप्ति कश्यप वर्तमान में राजीव एकेडमी से एम.सी.ए. कर रही हैं। वह एम.सी.ए. करने के बाद आईटी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं वहीं मनीषा गौतम का कहना है कि वह शिक्षण क्षेत्र में ही रहना पसंद करेंगी। राजीव एकेडमी की जहां तक बात है पिछले साल भी यहां की छात्रा सुरभि अग्रवाल को बीसीए में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने कर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्रा मनीषा गौतम और तृप्ति कश्यप को बधाई देते हुए कहा कि एमएड की डिग्री सर्वोच्च अंकों के साथ हासिल करना बड़ी बात है। यह डिग्री उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मनीषा के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी तथा वह शिक्षिका के रूप में एक नई पहचान बनाने में सफल होंगी वहीं तृप्ति सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्वर्णिम करियर बना सकती हैं। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने छात्रा मनीषा गौतम और तृप्ति कश्यप को शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां दूसरे छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बनती हैं। राजीव एकेडमी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सिर्फ डिग्री दिलाना ही नहीं बल्कि उनके करियर को भी उच्च पायदान तक पहुंचाना है। दोनों छात्राओं को राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के शिक्षा संकाय तथा बीसीए विभागाध्यक्षों तथा प्राध्यापकों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह दोनों छात्राएं अपनी लगन और मेहनत से अपने-अपने लक्ष्य अवश्य हासिल करेंगी।
राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुईं राजीव एकेडमी की छात्राएं
तन-मन को तरोताजा रखने के लिए खेल जरूरीः जेल अधीक्षक राष्ट्रगान के साथ के.डी. डेंटल कॉलेज में स्पर्धा-2024 का शुभारम्भ
मथुरा। अच्छे भविष्य और बेहतर करियर के लिए जितना पढ़ाई का महत्व है, उतना ही महत्व बेहतर जीवन के लिए खेलों का भी है। शरीर के उचित विकास और फिजिकल फिटनेस के लिए खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जो विद्यार्थी नियमित रूप से किसी न किसी खेल में हिस्सा लेते हैं वह अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ और तरोताजा रहते हैं लिहाजा भावी चिकित्सक न केवल स्वयं स्वस्थ रहें बल्कि समाज को भी स्वस्थ रहने का संदेश दें। उक्त सारगर्भित उद्गार सोमवार को के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में स्पर्धा-2024 के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि जेल अधीक्षक मथुरा बृजेश कुमार ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। स्पर्धा का शुभारम्भ मार्चपास्ट के बाद राष्ट्रगान उसके बाद गुब्बारे उड़ाकर किया गया।
लगभग एक पखवाड़े तक चलने वाले स्पर्धा-2024 के शुभारम्भ अवसर पर प्राचार्य और डीन डॉ. मनेष लाहौरी तथा महाप्रबंधक अरुण अग्रवाल ने मुख्य अतिथि जेल अधीक्षक मथुरा बृजेश कुमार व विशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह जिला कमाण्डेंट होमगार्ड मथुरा का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। अपने उद्बोधन में जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने कहा कि शरीर के विकास के लिए सिर्फ पोषक पदार्थों से युक्त भोजन की ही जरूरत नहीं होती बल्कि अच्छी सेहत और बेहतर मानसिक विकास के लिए खेल जरूरी हैं। अब खेल समय की बर्बादी नहीं बेहतर करियर का माध्यम भी हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वस्थ शरीर और दिमाग को विकसित करने के लिए खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से जहां हमारा शरीर सुगठित होता है वहीं मन भी तरोताजा रहता है लिहाजा है प्रत्येक छात्र-छात्रा को प्रतिदिन कुछ समय खेलों को अवश्य देना चाहिए। श्री सिंह ने छात्र-छात्राओं से फास्टफूड से दूर रहते हुए प्रकृति से जुड़ने का आह्वान किया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं से खेलभावना के साथ खेलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर प्राचार्य और डीन डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि स्वस्थ शरीर हमारे दैनिक कार्यों को पूरा करने में मदद करता है। स्वस्थ रहने का अर्थ रोगरहित तन का होना ही नहीं बल्कि तनावमुक्त मन का होना भी है। शरीर और मन दोनों की स्वस्थता जीवन में सफलता के साथ आनंदमय जीवन जीने का सूत्र है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि आज हर व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है, समाज में खेल संस्कृति के प्रति चेतना आई है। लोग खेलों के महत्व को स्वीकारने लगे हैं। खेलकूद न केवल छात्र-छात्राओं का मनोरंजन करते हैं अपितु उनके स्वास्थ्य को भी उत्तम बनाते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से खेलभावना के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में शिरकत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कॉलेज की स्पोर्ट्स पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
स्पोर्ट्स आफीसर डॉ. सोनू शर्मा ने स्पर्धा की जानकारी देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को छह ग्रुपों में बांटा गया है तथा छात्र वर्ग की कप्तानी सौरभ बंसल तथा छात्रा वर्ग की कप्तानी आयुषी यादव को सौंपी गई है। प्रतियोगिता के व्यवस्थित संचालन की जवाबदेही स्पोर्ट्स आफीसर लोकेश शर्मा, लक्ष्मीकांत चौधरी, निशांत शर्मा आदि को सौंपी गई है। स्पर्धा-2024 में क्रिकेट, शतरंज, बास्केटबाल, वॉलीबाल, फुटबाल, कबड्डी, रस्साकशी, बैडमिंटन, कैरम, पंजा-कुश्ती, थ्रोबाल, एथलेटिक्स आदि प्रतिस्पर्धाएं होंगी। स्पर्धा का आगाज शतरंज और रस्साकशी प्रतियोगिता से हुआ। स्पर्धा-2024 के शुभारम्भ अवसर पर सभी संकाय सदस्य, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कृति बरसौल तथा मित्रा जे. सिंह ने किया।
चित्र कैप्शनः के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में स्पर्धा-2024 का शुभारम्भ करते हुए जेल अधीक्षक मथुरा बृजेश कुमार व डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह जिला कमाण्डेंट होमगार्ड मथुरा तथा अन्य।
पराक्रम दिवस पर संस्कृति विवि में नेताजी को किया याद
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में सेमिनार का आयोजन हुआ जिसमें विद्यार्थियों ने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की प्रासंगिकता पर अपने-अपने शोधपरक विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डा रजनीश त्यागी ने कहा कि विकसित भारत के लिए वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवाओं के लिए नेता जी सुभाषचन्द्र बोस का जीवन-दर्शन प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के समक्ष स्वामी विवेकानन्दजी व नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के जीवनवृत से संकल्प लेने की आवश्यकता है। सुभाषचन्द्र बोस ने विपरीत व प्रतिकूल परिस्थितियों में आजाद भारत का सपना साकार कर दिखाया था उनके आह्वान पर आजाद भारत के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की गई थी तथा उन्हें नौ राष्ट्राध्यक्षों ने आजाद भारत का राष्ट्राध्यक्ष भी घोषित किया गया था।
भारतीय वायुसेना सेना से रिटायर्ड पवन शर्मा ने कहा कि नेता जी सुभाषचन्द्र बोस जन्म से ही कुशाग्रबुद्धि व तार्किक शक्ति के धनी थे । उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करके आईएएस की परीक्षा चौथी रैंक के साथ उत्तीर्ण की किन्तु भारत की आजादी के लिए उन्होंने इस्तीफा देकर सच्चे राष्ट्रभक्त व मां भारती के सपूत का परिचय दिया। विश्वविद्यालय के डीन आफ स्टूडेंट वेलफेयर डा डीएस तोमर ने युवाशक्ति को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त और सक्क्षम बनाने के लिए विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में अपनी- अपनी नैसर्गिक प्रतिभाओं के साथ सहभागिता सुनिश्चित करनेके लिए प्रेरित किया।
छात्र सौरभ द्विवेदी ने कविता के रूप में अपनी रोचक प्रस्तुति देते हुए कहा कि “वो हिंद फौज का नायक था, वो भारत के स्वाभिमान का गायक था। वो नेता जी के नाम से जाना जाता था, वो बंगाल की खाड़ी से आया था।”
कार्यक्रम का संचालन जाह्ववी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ सचिन गुप्ता व सी ई ओ डा मीनाक्षी शर्मा ने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के व्यक्तित्व से छात्र, छात्राओं को प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं संप्रेषित की। छात्र वक्ताओं में से विजय प्रताप, नूपुर यादव , देवांश गुप्ता ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर छात्र, छात्राओं को नेता जी सुभाषचन्द्र बोस के जीवन वृत्त पर सोर्ट फिल्म लाइव प्रदर्शन किया गया।
देर है अंधेर नहीं
विजय गुप्ता की कलम से
मथुरा। बात लगभग आधी शताब्दी पुरानीं है। हमारे घर के पास एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति सड़क पर घिसट घिसट कर चल रहा था। वह भिखारी जैसी स्थिति में था तथा जहां तक मुझे ध्यान है उसे चर्मरोग भी था और सड़क पर घिसटने से उसके जख्म भी हो गए थे। और उसके बदन से बदबू भी बहुत आ रही थी। उसकी यह दर्दनाक हालत मुझसे देखी नहीं गई। मैंने अपनी साइकिल रोकी और पूंछा कि कहां के रहने वाले हो? उसने बताया कि औरंगाबाद, तब फिर मैंने पूंछा कि अपने घर पर जाना चाहते हो? उसने कहा हां, अब तो मैं जिस काम से जा रहा था उसे भूल गया और एक रिक्शा औरंगाबाद जो हाईवे के निकट है, के लिए कर लिया तथा उसे रिक्शेवाले की मदद से बिठवाकर चल दिया औरंगाबाद के लिए।
मैं रास्ते भर सोचता जा रहा था कि इसे अपने घर पहुंच कर जो खुशी मिलेगी उससे कहीं ज्यादा इसके घरवाले खुश हो जाएंगे। यानी दोनों ओर की डबल डबल खुशियां देखकर मुझे भी बड़ा सुख संतोष मिलेगा। उस समय बड़ी तेज गर्मी पड़ रही थी शायद जेठ या वैशाख का महीना रहा होगा। समय था टीकाटीक दुपहरी का। साइकिल चलाते-चलाते मैं न सिर्फ बुरी तरह थक गया बल्कि पसीने से तरबतर भी हो गया।
भले ही तेज गर्मी में मेरा बुरा हाल था किंतु अंदर का उत्साह ऐसा जबरदस्त कि पूंछो मत। क्योंकि दोनों ओर से टोकरा भर भर कर दुआएं मिलने की लालसा जो बलवती हो रही थी। जहां तक मुझे याद है औरंगाबाद पहुंचते-पहुंचते करीब डेढ़ दो घंटे लग गए। जैसे ही हमने औरंगाबाद में प्रवेश किया थोड़ा सा आगे चलते ही उल्टे हाथ की ओर एक बड़ा सा बाड़ा दिखाई दिया। उस बाड़े के निकट पहुंचते ही वह व्यक्ति चिल्लाया कि यही है मेरा घर। मैंने रिक्शे को रुकवाया और जैसे ही उसे धीरे-धीरे उतारने लगे वैसे ही वहां मौजूद उसके घरवाले चिल्लाने लगे के अरे यह तो फिर आ गया। इसके बाद न सिर्फ घरवाले बल्कि आसपास के लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी तथा सभी लोग एक स्वर से कहने लगे कि अरे इसे यहां क्यों लाए हो? इसे यहां से ले जाओ वगैरा वगैरा।
मैं भौचक्का सा होकर इधर-उधर देखने लगा तथा उन लोगों से पूंछा कि आखिर बात क्या है क्यों अपने परिजन के साथ इस प्रकार का बर्ताव कर रहे हो? वहां मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि यह पुराने समय का बहुत बड़ा बदमाश है। इसने औरंगाबाद में बड़े जघन्य अन्याय, अत्याचार तथा ऐसे वीभत्स जुल्म ढाए कि औरंगाबाद गांव के लोग हा-हाकार कर उठे थे।
लोगों ने बताया कि आगे चलकर समय ने ऐसा पलटा खाया कि यह न सिर्फ तमाम बीमारियों से घिर गया बल्कि इसके पैर भी मारे गए। संभवतः इसी दौरान उसे कुष्ठ रोग भी हो गया। घरवालों ने भी ऐसी स्थिति में मुंह मोड़ लिया और वह उसे दूर जाकर छोड़ आते तथा वह भीख मांग मांग कर अपना गुजारा करता व जब भी कभी कोई दयालु व्यक्ति इसके मिन्नत करने पर घर छोड़ जाता और फिर घरवाले पुनः दूर छोड़ आते थे। यह सिलसिला काफी दिनों से चल रहा था।
यह सब सुनकर मेरा सिर चकरा गया। जब मैं वहां से वापस आने लगा तो वे लोग मेरे पीछे पड़ गए कि इसे वापस ले जाओ कहीं और किसी जगह पर छोड़ देना। मुझे बड़ी झुंझलाहट और खींज हुई और मैंने मन ही मन सोचा कि भाड़ में जाओ तुम और चूल्हे में जाय यह व्यक्ति। मैंने आव देखा न ताव तेजी से साइकिल दौड़ता हुआ वापस लौट आया।
इस प्रसंग को लिखने का मतलब यह है कि भगवान के यहां देर है अंधेर नहीं। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन बाल बच्चों के लालन पालन व भरण-पोषण आदि के लिए इस शख्स ने इतने पाप किए ऐसे बुरे समय में उन्ही घर वालों तक ने उससे मुंह मोड़ लिया। जो लोग दिन-रात चोरी, डकैती, लूट, हत्या व अन्य प्रकार के गलत कार्यों के द्वारा धन अर्जित कर अपनी घर गृहस्थी को चला रहे हैं, उस सब पाप के उत्तरदाई वे स्वयं ही हैं। उस पाप की गठरी के बोझ को उन्ही को ढोना है, अन्य घरवालों को नहीं। भले ही इस जन्म में हो या अगले जन्म में। हिसाब किताब उसी से चुकता होगा। यह सच्ची कहानी इस बात का जीता जागता उदाहरण है।
दो वाहन चोर गिरफ्तार
जनपद में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों को देखते हुए पुलिस सक्रिय हो चुकी है। और वाहन चोर गिरोहों को ट्रेस करते हुए पकड़ने का काम किया जा रहा है ।इसी के क्रम में थाना राया क्षेत्र अन्तर्गत अलीगढ़ बॉर्डर पर मानचुहरा बंबा के समीप मुखबिर की सूचना पर थाना राया पुलिस और स्वाट टीम द्वारा वाहन चेकिंग कराई गई ।इसी दौरान तीन युवक बाइक से आ रहे थे। जो पुलिस को देखकर भागने लगे तो घेराबंदी कर दो लोगों कोपकड़ लिया।जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास बाइक चोरी की हैं। और वाहन चोरी करके यमुना एक्सप्रेसवे के समीप खाली पड़े मुर्गी फार्म पर इकट्ठा करते हैं ।जिन्हें लोगों को बेचते हैं ।थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पकड़े गए बदमाश भरत और रिंकू हैं । इनका एक साथी फरार हो गया है। इनके कब्जे से आठ मोटरसाइकिल चोरी की बरामद हुई हैं। जिनमें तीन बुलेट मोटरसाइकिल हैं। इसके साथ ही एक स्कूटी और एक कार भी चोरों की निशान देही से बरामद की गई है ।वाहन चोर गैंग की अन्य सरगना की तलाश की जा रही है
जीएलए विधि के छात्रों ने लिया अदालती कार्यवाही का प्रशिक्षण
मथुरा : विधि के छात्र-छात्राओं को प्रतिस्पर्धी तरीके से कानूनी प्रणाली से अवगत कराने के उद्देश्य से जीएलए विश्वविद्यालय के विधि संस्थान ने दो दिवसीय इन्ट्रा मॉक ट्रायल एडवोकेसी (अदालती कार्यवाही) का प्रषिक्षण का आयोजन किया। इसमें विधि के छात्रों की 13 टीमों ने प्रतिभाग किया।
विजयी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के प्रथम दिन रिसर्च टेस्ट, प्रारंभिक राउंड और क्वार्टर फाइनल का आयोजन हुआ, जिसमें न्यायाधीश के रूप में जिला एवं सत्र न्यायालय मथुरा के अधिवक्तागण सहाब सिंह देश्वर, मधुवन दत्त चतुर्वेदी, केतन श्रीवास्तव एवं हरेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।
द्वितीय दिवस में सेमीफाइनल व फाइनल राउंड का आयोजन किया गया, जिसमें न्यायाधीष के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्तागण डा. संदीप सिंह, डा. विष्णु शर्मा, विक्रांत राना, मंदीप बैसला उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथि अधिवक्ताओं ने सर्वप्रथम छात्र-छात्राओं को न्यायालय की प्रक्रिया और उनकी नियमावली से अवगत कराया। तत्पश्चात कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली और अंत में पूर्ण निष्पक्षता से टीमों का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम के प्रायोजक लॉ वीएस संस्था नई दिल्ली, लैक्सिस नैक्सिस नई दिल्ली और एससीए लीगल एलएलपी मथुरा ने अपनी सहभागिता दिखाते हुए प्रतियोगिता को और अधिक सफल बनाने में मदद की।
विधि संकाय के डीन प्रोफेसर सोमेश धमीजा ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें भविश्य में ऐसे सभी आयोजनों में भाग लेने और अपने वकालत कौषल को निखारने के लिए प्रेरित किया।
एसोसिएट डीन एवं विभागाध्यक्ष डा. आलोक वर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि इस प्रकार प्रतियोगिताओं से विधि के विद्यार्थियों को वकालत समझने का अवसर मिलता है। मूट कोर्ट कमेटी के सह-संयोजक डा. अरुनान्शु दुबे ने 2 दिवसीय कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अंत में मूट कोर्ट कमेटी की सह-संयोजक दिव्या शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में कृति शर्मा, दिव्या शर्मा एवं विधि संकाय के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
जिन्दगी की ऊर्जा और दिशा है पर्यटन
वृंदावन। सैर कर दुनिया की गालिब फिरये जिन्दगानी कहाँ.. ये जुमला आज की भागमभाग भरी जिन्दगी के लिए बहुत सुकून देने वाला है। सुबह से लेकर शाम तक आपाधापी में पर्यटन एक नई ऊर्जा भर देता है। ऐसे ही भावों से भरकर वृन्दावन पब्लिक स्कूल की मातृ शक्ति समस्त सहकर्मियों ने ऐतिहासिक स्थल व नई दिल्ली की सैर का कार्यक्रम तय किया।
गौरतलब है कि आगामी 8 मार्च महिला दिवस से पूर्व मथुरा मार्ग स्थित वृन्दावन पब्लिक स्कूल की महिला अध्यापिकाओं ने नारी शक्ति का परिचय देते हुए दिल्ली शहर का भ्रमण किया। म्यूजियम में ऐतिहासिक धरोहरों को देखकर समृद्ध भारत का परिदृश्य आँखों के सामने उपस्थित हो गया। अमृत उद्यान में रंग बिरंगे फूलों की क्यारियाँ मानो धरती पर स्वर्ग की कल्पना करा रही थीं।

महिला दिवस के उपलक्ष में विद्यालय द्वारा सभी के लिए पर्यटन कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना समस्त विद्यालय परिवार के लिए हर्ष व उल्लास का विषय रहा। जिसके लिए समस्त सदस्यों ने विद्यालय की निदेशिका निधि शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार, संस्था, समाज व राष्ट्र की नींव हैं। इसके लिए महिलाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अनिवार्य है। पर्यटन या भ्रमण जीवन के ऊबाउपन को दूर करता है व हमारे मन-मस्तिष्क में नई चेतना, स्फूर्ति का संचार करता है।
पर्यटन के इस अद्भुत कार्यक्रम में प्रधानाचार्या कृति शर्मा के साथ-साथ रागिनी श्रीवास्तव, सीमा पाहूजा, स्वेका राज, सपना शर्मा, जूही मिश्रा, सर्वदा वर्मा, अभिलाशा सारस्वत, लवि अग्रवाल, रिचा दुबे, प्रियदर्शिनी आचार्य मौजूद रहे।
आरआईएस के होनहार विद्यार्थियों ने हासिल की इंटरनेशनल रैंक
सामाजिक विज्ञान ओलम्पियाड में नमस्या, ईशानी, राव्या का कमाल
मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के तीन होनहार विद्यार्थियों नमस्या अग्रवाल, ईशानी मित्तल तथा राव्या अग्रवाल ने अपनी बौद्धिक क्षमता तथा मेधा का कमाल दिखाते इंटरनेशनल सामाजिक विज्ञान ओलम्पियाड में क्रमशः 20वीं, 26वीं तथा 80वीं इंटरनेशनल रैंक प्राप्त कर विद्यालय के साथ समूचे जनपद का गौरव बढ़ाया है।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं साल भर विभिन्न गतिविधियों में न केवल हिस्सा लेते हैं बल्कि अपनी सफलता से मथुरा जनपद को गौरवान्वित करते रहते हैं। हाल ही में हुए इंटरनेशनल सामाजिक विज्ञान ओलम्पियाड में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता का नायाब उदाहरण पेश किया है। कक्षा तीन में अध्ययनरत नमस्या अग्रवाल, ईशानी मित्तल तथा राव्या अग्रवाल ने क्रमशः 20वीं, 26वीं तथा 80वीं इंटरनेशनल रैंक प्राप्त कर विद्यालय की सफलता में चार चांद लगा दिए।
छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान ओलम्पियाड छात्र-छात्राओं की प्रतिस्पर्धी योग्यता को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें अपनी बौद्धिक क्षमता को प्रदर्शित करने का एक शानदार मंच है। यह खुशी की बात है कि आरआईएस के छात्र-छात्राओं ने चालू शैक्षिक सत्र में विभिन्न विषयों के ओलम्पियाड में न केवल हिस्सा लिया बल्कि इंटरनेशनल रैंक भी हासिल की। डॉ. अग्रवाल ने तीनों होनहारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने नमस्या, ईशानी तथा राव्या को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसी बौद्धिक प्रतियोगिताएं छात्र-छात्राओं की सोच, अवधारणा तथा समस्या-समाधान में काफी मददगार साबित होती हैं। इससे छात्र-छात्राओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होती तथा उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य छोटी कक्षाओं से ही छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धी भावना पैदा करना है। यह प्रसन्नता की बात है कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं प्रतिस्पर्धा में न केवल उतरते हैं बल्कि अपनी सफलता से अपने माता-पिता तथा शिक्षकों की उम्मीदों को कायम रखते हैं।
शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने छात्राओं को बधाई देते हुए बताया कि इस साल आरआईएस की होनहार प्रतिभाओं ने सामाजिक विज्ञान ही नहीं अंग्रेजी और इंटरनेशनल विज्ञान ओलम्पियाड में भी अंतरराष्ट्रीय रैंक हासिल कर अपने जनपद तथा प्रदेश को गौरवान्वित किया है। श्रीमती मदान ने कहा कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प ही छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचाता है। इसका उदाहरण हमारे इन बच्चों ने प्रस्तुत किया है। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के गुरुजनों द्वारा बच्चों को मोटीवेट किया गया कि यह सफलता की पहली सीढ़ी है। अब लगातार इसी प्रकार से कठोर परिश्रम करते हुए कामयाबी हासिल करनी है।
संस्कृति विवि में वैदिक विज्ञान के महत्व के साथ मना राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
चित्र परिचः विज्ञान दिवस पर संस्कृति विवि की सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा अतिथियों को स्मृतिचिह्न प्रदान करते हुए।
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस स्थित सभागार में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व राजनयिक, फिजी योगेश पुनेजा विद्यार्थियों को विज्ञान की आवश्यकता और इसके महत्व के बारे में तथ्यपूर्ण जानकारी दी और वैदिक विज्ञान की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रौद्योगिक संस्थान नई दिल्ली के गणितज्ञ प्रो. आरपी शर्मा ने विद्यार्थियों को जीवन में गणित के महत्व को बताया। इस अवसर पर कार्यक्रम की भूमिका पर डॉ. नेहा पाठक द्वारा प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता अंतरराष्ट्रीय वैदिक विज्ञान के प्रवक्ता आरएन दास द्वारा जीवन में वैदिक विज्ञान के माध्यम से व्यक्ति के चरित्र निर्माण व उनकी कार्य क्षमताओं के विकास पर व्याख्यान दिया गया। संस्कृति विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ पॉलिटेक्निक के डॉयरेक्टर रजनीश त्यागी ने आज की तेज रफ्तार की वजह से जीवन में होने वाले मानसिक तनाव को कम करने के लिए आध्यात्म और वैदिक विज्ञान का जीवन में महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। स्कूल की न्यूज़ लैटर की संपादक डॉ. नीलम कुमारी के द्वारा स्कूल ऑफ बेसिक ऐंड अप्लाइड साइंस का तिमाही समाचार पत्र का विमोचन अतिथियों की उपस्थिति में कराया गया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ.सचिन गुप्ता व सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने सभी छात्रों को भारतीय ज्ञान -विज्ञान की बौद्धिक विरासत पर गौरवान्वित होने के लिए शुभकामनाएं प्रदान की । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। विश्वविद्यालय की सीईओ डा मीनाक्षी शर्मा के द्वारा मुख्य अतिथि योगेश पुनजा, पूर्व राजनयिक, फिजी व नरेन्द्र कुमार, पूर्व न्यायाधीश, हाईकोर्ट, नई दिल्ली, कैप्टन सच्चिदानंद दास एवं जर्मनी से डा बकुला देवी को स्मृतिचिह्न भेंट करके स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डीन छात्र कल्याण प्रो. डी एस तोमर ने कहा कि आज के दौर में भारतीय तकनीकी, आधुनिक व अध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत @2047 का सपना साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम संचालन श्रीमती पायल श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन चौबे ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा उपस्थित सभी छात्रों को प्रसाद वितरण भी किया गया। इस दौरान सर्वश्री डॉ.उमेश शर्मा, डॉ. दुर्गेश वाधवा, डॉ. जग्गी लाल, डा अरूणेन्द्र सिंह,डॉ. कृष्ण राज, डॉ. गौरव, डॉ. सौम्या, डॉ.दिव्या, श्री नरेन्द्र जादौन , डा महेश यादव, डा दिव्या, , तीक्क्षता आदि सहित सैकड़ों गणित एवम विज्ञान के जिज्ञासु छात्र उपस्थित रहे।

