गोवर्धन पुलिस ने सेवानिवृत्त अध्यापक से लूट और हत्या का आरोपी लवकुश निवासी राधिका विहार कालोनी राधाकुंड को मुखराई गांव के समीप से बंबा की कोठरी से गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि उमेश चन्द्र शर्मा पुत्र उमाशंकर शर्मा निवासी राधिका बिहार कालोनी राधाकुंड के मथुरा स्थित मकान में आरोपी लवकुश निवासी घुंघरावली बनवारीपुर थाना सलेमपुर जिला बुलंदशहर हाल निवासी राधिका विहार कालोनी राधाकुंड किराये पर रहा था। वहीं पर दोनों की जान पहचान हो गई थी।
दोनों से विवाद होने पर राधाकुंड राधिका विहार कालोनी में अलग-अलग मकान बनाकर रह रहे थे। पुलिस के अनुसार मृतक उमेश चन्द्र शर्मा की परिवारिक कलह को समाप्त करने के लिए लवकुश ने उसे तांत्रिक का सहारा लेने के लिए कहा। लवकुश अपने साथ उमेश चंद्र को लेकर कामाख्या, उज्जैन, उत्तराखण्ड, नेपाल आदि स्थानों पर तांत्रिकों से मिलाने के लिये लेकर गया।
उमेशचंद शर्मा सरकारी अध्यापक थे, जिन्होने डेढ वर्ष पूर्व वीआरएस लिया था। सेवानिवृत्त के बाद मिले रुपयों को देखकर लवकुश के मन मे लालच आ गया। तांत्रिक वाली बातों मे बहकाकर अपने चंगुल में फसा लिया। उमेशचन्द्र शर्मा ने अपने पिता से रुपए लेकर लवकुश को दिए। उमेश चन्द्र शर्मा ने पिछले साल नवंबर में 14.5 लाख रुपए लवकुश के खाते में ट्रान्सफर किए थे। तांत्रिक से काम कराने की पांच दिसंबर तारीख तय हुई थी। लेकिन सेवानिवृत्त अध्यापक की परिवारिक कलह समाप्त नहीं हुई तो मृतक ने लवकुश से पैसे वापस करने व काम कराने का दबाव बनाया।
इस बात को लेकर आरोपी ने 10 दिसंबर को सेवानिवृत्त के घर जाकर उसके सिर में पत्थर मारकर हत्या कर दी व मृतक के घर में तात्रिक को देने के लिये रखे छह लाख रुपए व मोबाइल को लेकर चला गया। मरने वाले के पिता उमा शंकर ने थाना गोवर्धन में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गोवर्धन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गोवर्धन – रिटायर्ड टीचर की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, 6 लाख बरामद किए
जीएलए विश्वविद्यालय ने “एनपीटीइएल” राष्ट्रीय रैंकिंग में जमाई धाक
- जीएलए विश्वविद्यालय के छात्रों को शिक्षा और रोजगार के साथ मिल रहे “एनपीटीइएल” से कोर्स प्रमाणपत्र के अवसर
मथुरा। विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के आधार पर लगातार तीसरी बार जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा एनपीटीइएल (नेशनल प्रोग्राम ओन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग) राष्ट्रीय रैंकिंग में शिखर की ओर अग्रसर है और इस बार की परीक्षा परिणाम के अनुसार जीएलए विश्वविद्यालय भारत में सातवें स्थान पर पहुंच गया है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित “स्वयं प्लेटफार्म” पिछले पांच वर्षो में जीएलए विश्वविद्यालय के 30 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने एनपीटीइएल लोकल चैप्टर कोर्स करने के लिए पंजीकरण कराया। इनमे से 20 हज़ार से अधिक विद्यार्थी प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं। विगत परीक्षा में 13 हज़ार से अधिक विद्याथियों ने नामांकन किया था, जिसमें से 4 हजार 536 विद्याथियों ने सफलता पाई। इसके अलावा 354 टॉपर, 10 गोल्ड, 608 सिल्वर तथा 3 हजार 635 एलीट प्रमाणपत्र विद्याथियों ने प्राप्त किया। इसके अलावा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर संदीप राठौर और सिविल इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा शर्मा को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले गुरु तथा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. जीतेन्द् गुडैनियन को गुरु प्रमाणपत्र मिला।
विदित रहे कि दिसंबर 2023 में “स्वयं प्लेटफार्म” ने शीर्ष 100 एनपीटीइएल लोकल चैप्टर रैंकिंग जारी की, जिसमें देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले 100 संस्थानों की सूची जारी की गयी। इसमें जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा का भी नाम अग्रणी संस्थान में शामिल है। इस सूची में जीएलए विश्वविद्यालय को शीर्ष 100 एनपीटीइएल लोकल चैप्टर रैंकिंग में उत्तर प्रदेश में “एएए” रैंकिंग यानि प्रथम स्थान और भारत देश में सातवां स्थान हासिल हुआ। यह इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय स्तर पर अभियांत्रकी, प्रबंधन, विज्ञान, एजुकेषन अदि विषयों में उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जा रही है।
जीएलए एनपीटीइएल लोकल चैप्टर के समन्वयक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने बताया कि पिछले पांच वर्षो में स्वयं प्लेटफार्म के माध्यम से विभिन्न प्रमाणपत्र कोर्स करने में रूचि दिखाने वाले छात्रों की अगर बात की जाये तो वर्ष 2022 में 10 हज़ार से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके अलावा वर्ष 2023 में यह आंकड़ा और बढ गया। इस वर्ष 13 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। इस संख्या में अभी और इजाफा होने का अनुमान है। उन्होंने बताया की विद्याथियों के लिए उक्त प्लेटफार्म पर उपलव्ध पाठ्यक्रम उनके कौशल और उद्यमिता विकास के लिए बहुत ही उपयोगी है। इसलिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनको प्रोत्साहित किया जाता है। जिसके फलस्वरूप जीएलए ने एनपीटीइएल में “एएए” उच्चतम स्कोर प्राप्त किया।

जीएलए के प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बताया की आईआईटी के प्रोफेसरों के द्वारा एनपीटीइएल पर संचालित किये जा रहे कोर्सों में विद्याथियों का अच्छा जोश देखने को मिल रहा है। इसके अलावा “स्वयं प्लेटफार्म” पर भी जीएलए विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों के रिकार्डेड लेक्चर उपलव्ध है। इन रिकार्डेड लेक्चर के माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे है। यह सभी कोर्स यूजीसी, एआईसीटीई और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त हैं।
चेकिंग में बच्चे खेलते और प्रबंधक व टीचर्स मिले गायब जिला आधिकारी के आदेश की उड़ी धज्जियां
मथुरा । बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजेश कुमार दीक्षित बच्चों की रक्षा, स्कूलों की धांधलेबाजी, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने, विद्यालय खुलने के डीएम का आदेश नहीं मानने के कारनामों के विरुद्ध सड़क पर उतर पड़े।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजेश कुमार दीक्षित को फोन द्वारा सुबह से ही शिकायतें मिल रही थीं। उक्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष दीक्षित ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चेकिंग अभियान चलाने हेतु सूचना दी तथा विभिन्न विभागों से सहयोग की अपेक्षा हेतु आग्रह किया। शुक्रवार को प्रातः 9 बजे से गोवर्धन चौराहा तथा गोवर्धन रोड पर चेकिंग अभियान प्रारंभ किया गया । जिसमें अल्फा प्ले स्कूल, बाबा पातीराम विद्या मंदिर, सेंड डोमेनिक सहित विभिन्न विद्यालयों के स्कूली वाहनों को चेक किया गया। तथा गोवर्धन रोड पर स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल एवं विनोद कुमार कोयला वाला सरस्वती विद्या मंदिर को भी प्रातः 9:35 के करीब चेक किया गया तो पाया गया कि विनोद कुमार कोयला वाला सरस्वती विद्या मंदिर में सैकड़ों बच्चे उपस्थित है, परंतु कोई भी अध्यापक या अध्यापिका मौजूद नहीं मिले। मौके पर दो कर्मचारी स्कूल से बाहर आग पर हाथ सेंकते मिले। कर्मचारियों ने बताया अभी कोई टीचर नहीं आया नहीं है। विद्यालय के अंदर जाकर देखा तो बच्चे पहले एवं दूसरी मंजिल पर बनी रेलिंग के आसपास आपस में खेल रहे थे। उन बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से वहां कोई भी अध्यापक या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। उक्त अभियान में प्रमुख रूप से बाल कल्याण समिति सदस्य मोहिनी शर्मा , एआरटीओ मनोज वर्मा ,खंड शिक्षा अधिकारी बुद्धसेन व बेसिक शिक्षा विभाग से अमिताभ सिंह आदि उपस्थित रहे।
स्मरणीय है कि डीएम ने जनपद के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने के कल आदेश जारी किए थे। उसके बावजूद महानगर के दर्जन भर निजी विद्यालयों ने आदेश की अवेहलना करते हुए अपने विद्यालयों का अपनी मर्जी से संचालन किया। अभिभावकों ने उनसे ( दीक्षित से ) इसकी शिकायत की।
दीक्षित ने बताया कि चेकिंग में मिले अनियमितता वाले स्कूल प्रबंधकों को नोटिस देकर बुलाया जायेगा और उनके खिलाफ वैद्यानिक कार्रवाई की जायेगी।
वृंदावन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने लहराई विजय पताका
- द्वितीय ताज कप पेंटा इंटर काॅलेज स्कूल कबड्डी चैम्पियन शिप में मारी बाजी
वृंदावन। मथुरा मार्ग स्थित वृंदावन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने खेल जगत में एक बार फिर जिले का परचम लहरा दिया। आगरा में आयोजित द्वितीय ताज कप पेंटा इंटर काॅलेज स्कूल कबड्डी चैम्पियनशिप में विद्यार्थियों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।
प्रतियोगिता से लौटी कोच शिवानी वर्मा ने बताया कि आगरा में आयोजित होने वाली ताज कप पेंटा इंटर स्कूल कबड्डी चैम्पियनशिप में इस वर्ष वृन्दावन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में सीबीए पब्लिक स्कूल, एसजेपी पब्लिक स्कूल सहित लगभग 32 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया था।
इस दौरान प्रतियोगिता में विजयी खिलाड़ी शामिल आशीष, निशान्त, पवन, दुष्यन्त, संजय, सौरभ, हेमन्त, प्रशान्त, वैभव एवं गुलशन को मैडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय निदेशक डाॅ ओमजी तथा प्रधानाचार्य कृति शर्मा ने छात्रों की इस उपलब्धि की बहुत प्रशंसा की और उत्साहवर्धन करते हुए खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य की मंगल कामना की। उन्होंने कहा कि खेल हमारे जीवन को संवारने निखारने तथा प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ हमें समानता व एकता का पाठ भी पढ़ाते हैं।
संस्कृति विवि और आर्टेमिस अस्पताल के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय और आर्टेमिस हास्पिटल गुड़गांव के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौते(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। जानकारी के अनुसार यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य प्रगति के नए द्वार खोलेगा और विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सर्वोत्तम मंच तैयार करेगा।
संस्कृति विश्विविद्यालय में निष्पादित हुए इस महत्वपूर्ण समझौते पर आर्टेमिस अस्पताल की ओर से अस्पताल के प्रतिनिधि फरीद खान और मनोज अरोड़ा व संस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से असिस्टेंट रजिस्ट्रीर रवि त्रिवेदी ने हस्ताक्षण किए। संस्कृति स्कूल आफ मेडिकल एवं एलाइड साइंस के विभागाध्यक्ष डा. आरपी जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2007 में स्थापित आर्टेमिस अस्पताल, 9 एकड़ में फैला हुआ, 550 से अधिक बिस्तरों वाला अस्पताल है। गुड़गांव में स्थित अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल पहला जेसीआई और एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल है। भारत में सबसे उन्नत अस्पतालों में से एक के रूप में डिज़ाइन किया गया, आर्टेमिस उन्नत चिकित्सा और सर्जिकल हस्तक्षेप, इनपेशेंट और आउटपेशेंट सेवाओं के व्यापक मिश्रण के स्पेक्ट्रम में विशेषज्ञता की गहराई प्रदान करता है। अस्पताल में अपनाई जाने वाली चिकित्सा पद्धतियाँ और प्रक्रियाएँ अनुसंधान उन्मुख हैं और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले बेंचमार्क हैं।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमबी चेट्टी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह समझौता गुरुग्राम के प्रसिद्ध अस्पताल में विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सर्वोत्तम सेतु का काम करेगा। समझौते के नियम और शर्तों के अनुसार आगे की प्रक्रिया के लिए संस्कृति विवि की ओर से असिस्टेंट रजिस्ट्रार रवि त्रिवेदी प्रतिनिधि के रूप में काम करेंगे। बताया गया कि समझौते के अनुसार आर्टेमिस अस्पताल ने संस्कृति विवि के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को नैदानिक परीक्षणों और उपचार के लिए 10-15% छूट की पेशकश की है।
गीता फेस्ट में आरआईएस के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
- अनेकों ट्रॉफियां तथा पदक जीतकर दिखाई अपनी बौद्धिक क्षमता
मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं हिन्दी, अंग्रेजी ही नहीं देव भाषा संस्कृत में भी किसी से कम नहीं हैं। इस बात को उन्होंने गीता जयंती के पावन अवसर पर आयोजित श्लोक वाचन, गीता क्विज, मॉडल मेकिंग, पोस्टर कोलाज आदि प्रतियोगिताओं में अनेकों ट्रॉफियां तथा मेडल जीतकर साबित किया है।
भावी पीढ़ी का संस्कृत भाषा की तरफ रुझान पैदा करने के लिए चंद्रोदय मंदिर वृंदावन द्वारा गीता जयंती पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिनमें राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने श्लोक वाचन, गीता क्विज, मॉडल मेकिंग, पोस्टर कोलाज आदि में अपनी बौद्धिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए अनेक ट्रॉफियां तथा मेडल जीतकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
चंद्रोदय मंदिर वृंदावन द्वारा गीता जयंती पर संस्कृति भाषा से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिनमें मथुरा जनपद के नामचीन विद्यालयों के एलकेजी से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता का नायाब उदाहरण पेश करते हुए न केवल शानदार सफलता हासिल की बल्कि यह साबित किया कि उन्हें संस्कृत भाषा के साथ ही अपने धर्म ग्रंथों का भी ज्ञान है। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर जहां आयोजकों द्वारा उन्हें ट्रॉफियां और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया वहीं विद्यालय के संगीत शिक्षक विशाल सैनी भी सम्मानित किए गए।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने राजीव इंटरनेशनल के छात्र-छात्राओं की शानदार सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को संस्कृत भाषा पढ़ने व सीखने के लिए जरूर प्रेरित करना चाहिए ताकि वह अपने धर्म ग्रंथों व संस्कृति का गहराई से अध्ययन कर सकने में सक्षम हो सकें। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सभ्यता और संस्कृति से जुड़े रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गीता व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है। गीता कर्म की प्रधानता बताने वाला पवित्र ग्रंथ है, इसलिए हमें अपने जीवन में कर्म को महत्व देना चाहिए। गीता से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। बेशक आज बच्चे आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं परंतु उन्हें आधुनिकता के साथ संस्कारी शिक्षा भी लेनी जरूरी है। गीता जैसे ग्रंथ हमारे जीवन में पथ प्रदर्शक का काम करते हैं। आज हमारे देश की सभ्यता व संस्कृति का पूरे विश्व में अनुसरण किया जा रहा है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अपने धार्मिक ग्रंथों से परिचय कराने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं समय-समय पर आयोजित होनी चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि गीता के सिद्धांत किसी धर्म विशेष, जाति विशेष, क्षेत्र विशेष व सम्प्रदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि सभी का कल्याण करने वाले हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी भावी पीढ़ी को संस्कृति, सभ्यता का ज्ञान कराने के अलावा नई ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने हर्ष व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल में छात्र-छात्राओं को हर भाषा में पारंगत करने की कोशिश की जाती है। विद्यालय का उद्देश्य छात्र-छात्राओं का सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास करना है।
बच्ची की जन्मजात विकृति का के.डी. हॉस्पिटल में सफल ऑपरेशन
- शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने की सर्जरी
- कम खर्च में हुए ऑपरेशन के लिए हॉस्पिटल प्रबंधन का आभार माना
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने ऑपरेशन के माध्यम से ग्राम सेमरी, तहसील छाता, जनपद मथुरा निवासी सोनू के घर जन्मी बच्ची की जन्मजात विकृति दूर करने में सफलता हासिल की है। अब बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है तथा उसकी छुट्टी कर दी गई है। परिजनों ने के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन का बहुत कम खर्चे में हुए ऑपरेशन और उपचार के लिए आभार माना है।
जानकारी के अनुसार ग्राम सेमरी, तहसील छाता, जनपद मथुरा निवासी सोनू के घर दो दिसम्बर को एक बच्ची ने जन्म लिया। जन्म से ही उसकी आंतें पेट के बाहर थीं तथा एक द्रव से भरी बहुत ही पतली झिल्ली से ढकी हुई थीं। जो इतनी पतली थी कि वह कभी भी फट सकती थी और आंत बाहर आ सकती थी। सोनू की पत्नी का जहां प्रसव हुआ वहां के डॉक्टर ने नवजात बच्ची की गम्भीर स्थिति को देखते हुए के.डी. हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी। चिकित्सक ने सोनू को बताया कि इस तरह की जन्मजात विकृति का ऑपरेशन कम खर्च और पूरे विश्वास के साथ के.डी. हॉस्पिटल में ही सम्भव है। सोनू बिना विलम्ब किए बच्ची को के.डी. हॉस्पिटल लेकर आया। शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बच्ची के खून की साधारण जांच के बाद तुरंत ऑपरेशन कर बच्ची की उलझी हुई आंतों को ठीक कर उन्हें पेट में डाला।
बकौल डॉ. श्याम बिहारी शर्मा मेडिकल भाषा में इसे बीमारी को एक्जोम्फेलोस विद मालरोटेशन आफ इंटेस्टाइन कहते हैं जोकि लगभग पांच हजार में से एक नवजात शिशु में होती है। इस कठिन सर्जरी में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. विनायका तथा निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. उमैद मिर्जा ने किया। बच्ची अब बिल्कुल ठीक है तथा मां का दूध भी पीने लगी है। के.डी. हॉस्पिटल में बहुत कम खर्च पर हुए ऑपरेशन एवं अच्छी सुविधाओं की सोनू ने मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का आभार माना है।
डॉ. शर्मा का कहना है कि के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर की जहां तक बात है यहां की उच्चस्तरीय सुविधाएं तथा हर तरह की बीमारी के विशेषज्ञ चिकित्सकों के होने से यहां जो भी मरीज आता है, वह स्वस्थ होकर ही अपने घर जाता है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य एवं डीन डॉ. आर.के. अशोका ने नवजात बच्ची की जन्मजात विकृति दूर करने के लिए डॉ. श्याम बिहारी शर्मा तथा उनकी टीम को बधाई देते हुए बच्ची के स्वस्थ जीवन की कामना की है।
अंतर्विद्यालयी प्रतियोगिताओं में वी. पी. एस. के छात्रों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
वृंदावन। धौरेरा स्थित वृंदावन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के गीता फेस्ट- 2023 के आयोजन में अपनी प्रतिभा, कला, कौशल का सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई पदको पर दावेदारी सुनिश्चित की।
गौरतलब है कि द्विदिवसीय प्रतियोगिता गीता जयंती पर दो दिन पूर्व आयोजित की गई थी जिसमें गायन, स्वगत भाषण, आशु भाषण, पोस्टर कॉलाज ,गीता श्लोक वाचन, मॉडल मेकिंग व गीता क्विज प्रतियोगिता का समायोजन किया गया व वृंदावन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने सभी श्रेणियों में सहभागिता देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इस प्रतियोगिता में हिंदी भाषा में दिए गए स्वगत भाषण अंतर्गत कक्षा 7 – 9 के समूह में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर क्रमशः खुशी अग्रवाल, राधिका तिवारी व मनु एवम् सांत्वना पुरस्कार लविशा बंसल ने जीता।
वहीं दूसरी ओर कक्षा 10-12 में प्रथम व द्वितीय स्थान पर कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा साक्षी झा व कनक फौजदार ने बाजी मारी।
पोस्टर कोलाज में कक्षा 10-12 के समूह में प्रथम स्थान पर शुभदीप प्रधान , द्वितीय स्थान पर नंदिनी द्विवेदी तथा तृतीय स्थान पर वेदांत मिश्रा ने अपने कोलाज से सबको सम्मोहित किया। कक्षा 7 से वंशिका सिंह ने गीता विषय पर कॉलाज बनाकर सबको हतप्रभ किया।
इसी क्रम में श्लोक वाचन प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा 10-12 की श्रेणी में द्वितीय स्थान पर मोहन नेपाल व तृतीय स्थान पर पलक मुदगल ने सस्वर श्लोक वाचन से सबको मंत्रमुग्ध किया।
प्रतियोगिता की अगली कड़ी में आशु भाषण के अंतर्गत कक्षा 10-12 में प्रथम स्थान पर चित्रांशी कुलश्रेष्ठ व तृतीय स्थान पर अंकिता द्विवेदी ने निर्णायक मंडल द्वारा दिए गए विषय पर अंग्रेजी भाषा में भाषण देकर सबकी तालियां बटोरी। प्रतियोगिता के अंतिम सोपान गीता क्विज में प्रथम स्थान पर कक्षा 11 से टीम सदस्य उमा ,शशांक व रागिनी वर्मा तथा द्वितीय स्थान पर वर्षा कुशवाहा, रानी तोमर व जीनिशा ने प्रश्नोत्तरी राउंड में अपने गीता विषयक ज्ञान से सबकी प्रशंसा बटोरी।
छात्रों की इस उपलब्धि पर विद्यालय के निदेशक शिक्षाविद डॉ.ओम जी ने सभी विजयी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी तथा प्रधानाचार्य कृति शर्मा ने कहा कि विद्यालय सदैव छात्रों के चहुंमुखी विकास के लिए नित नये आयाम व अंतर्विद्यालयी प्रतियोगिताओं के द्वारा नया मंच देकर उनके उज्जवल भविष्य की नींव रखने के लिए प्रयासरत है। समस्त विजयी छात्र व छात्राओं ने अपनी इस सफलता का श्रेय विद्यालय परिवार को दिया।
इस अवसर पर प्रियदर्शनी आचार्य, मनोज सारथी, अंजना शर्मा, सुदर्शना, सीमा पाहुजा, ज्योति शर्मा व नंदकिशोर आदि मौजूद रहे।
‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ पर संस्कृति विवि में सर रामानुजन को किया याद
मथुरा। संस्कृति विश्विद्यालय में साइंस क्लब के तत्वधान में महान गणितज्ञ सर श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर आयोजित ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्कृति विवि के डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा ने कहा कि भारत में गणित दिवस महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस पर मनाया जाता है। गणित के लिए उनके योगदान को सारा विश्व जानता और मानता है।
उन्होंने बताया कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 26 फरवरी 2012 को मद्रास विवि में भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन (22 दिसंबर 1887) की 125वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में इस दिन को राष्ट्रीय ग णित दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। शुद्ध गणित में किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बिना भी उन्होंने इस विषय में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उन्होंने गणितीय विश्लेषण किया, सबसे कठिन गणितीय समस्याओं के समाधान सहित संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला और निरंतर भिन्न दिए।
प्रो रजनीश त्यागी ने जीवन में शिक्षा की उपयोगिता बताई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता संस्कृति विवि की शैक्षिक अधिष्ठानता प्रो मीनू गुप्ता ने संख्या का जीवन में प्रयोग एवम उपयोग का महत्व बताया। उत्सव के पीछे मुख्य उद्देश्य मानवता के विकास के लिए गणित के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करने, उत्साहित करने और उनमें गणित सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कई पहल की गई हैं। इस दिन गणित शिक्षकों और छात्रों को शिविरों के माध्यम से प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है और गणित और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए शिक्षण-शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के विकास, उत्पादन और प्रसार पर प्रकाश डाला जाता है।
कार्यक्रम का संयोजन साइंस क्लब के डा सुनील कुमार एवम डा नेहा पाठक ने किया। विश्विद्यालय के कुलाधिपति डा सचिन गुप्ता एवम सीईओ डा मीनाक्षी शर्मा ने विश्विद्यालय के सभी छात्र एव छात्राओ को राष्टीय गणित दिवस की शुभकामनाए प्रेषित कीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत एचओडी डा कुंदन चौबे ने किया। कार्यक्रम में विश्विद्यालय के छात्र एव छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नेहा गोयल, अपर्णा, अक्षिता, ध्रुव, भानु, इशिता,नूतन,कीर्ति, रिषभ एवम आर्ची ने उपयुक्त विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। साइंस क्लब के चेयरपर्सन एवम डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. डीएस तौमर ने इस सम्मेलन में गणित विषय के पांच शिक्षिको को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन तृतीय वर्ष की छात्रा एकता एवम तनुष्ठा ने किया। डा. नीलम कुमारी ने मुख्य अतिथि एवम सभी का आभार व्यक्त किया।
कोविड को लेकर एडवाइजरी जारी
सभी दर्शनार्थियों से अनुरोध है कि कोविड-19 का वैरिएंट पुनः अपने संक्रमण का प्रसार कर रहा है तथा देश के अधिकांश राज्यों में इसके धनात्मक केस रिर्पोट हो रहे हैं। इस हेतु सभी दर्शनार्थियों से अनुरोध है कि वे कोविड-19 के वैरिएंट (SARI/ILI) से सम्बन्धित निम्न दर्शित नियमों का पालन करें। जिससे कोविड-19 वैरिएंट (SARI/ILI) के संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
दर्शनार्थीगण मास्क लगाकर रखें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवायजरी का पालन करें, क्योंकि सजगता एवं स्वच्छता से ही इस संकमण के प्रसार को रोका जा सकता है, कोविड-19 नियमों का पालन करें।
खाँसी, जुखाम, बुखार, अस्थमा, एलर्जी इत्यादि से पीड़ित व्यक्ति भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग व्यक्तियों, छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों का भीड़ वाले स्थानों पर न ले जायें, स्वस्थ रहें, सजग रहें।
भीड़ वाले स्थानों एवं मंदिर परिसर में दर्शन पश्चात अधिक समय तक ना रूकें, शीघ्र अपने गंतव्य को प्रस्थान करें।
कोविड-19 लक्षण प्रतीत होने पर तुरंत अपनी जाँच करवाए तथा भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे। अपने तथा अन्यों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत एंव सजग रहें तथा देश हित एवं जनहित में कोविड-19 सम्बन्धित नियमों का पालन करें।
पाश्चात्य नववर्ष के अवसर पर भीड वाले रथानों पर जाने से बचे, सचेत एंव सर्तक रहें।
मंदिर व्यवस्थाओं में आप सभी दर्शनार्थीगणों का सहयोग सादर प्रार्थनीय है।

