Monday, January 12, 2026
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‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ पर संस्कृति विवि में सर रामानुजन को किया याद

मथुरा। संस्कृति विश्विद्यालय में साइंस क्लब के तत्वधान में महान गणितज्ञ सर श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर आयोजित ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्कृति विवि के डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा ने कहा कि भारत में गणित दिवस महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस पर मनाया जाता है। गणित के लिए उनके योगदान को सारा विश्व जानता और मानता है।
उन्होंने बताया कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 26 फरवरी 2012 को मद्रास विवि में भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन (22 दिसंबर 1887) की 125वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में इस दिन को राष्ट्रीय ग णित दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। शुद्ध गणित में किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बिना भी उन्होंने इस विषय में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उन्होंने गणितीय विश्लेषण किया, सबसे कठिन गणितीय समस्याओं के समाधान सहित संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला और निरंतर भिन्न दिए।
प्रो रजनीश त्यागी ने जीवन में शिक्षा की उपयोगिता बताई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता संस्कृति विवि की शैक्षिक अधिष्ठानता प्रो मीनू गुप्ता ने संख्या का जीवन में प्रयोग एवम उपयोग का महत्व बताया। उत्सव के पीछे मुख्य उद्देश्य मानवता के विकास के लिए गणित के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करने, उत्साहित करने और उनमें गणित सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए कई पहल की गई हैं। इस दिन गणित शिक्षकों और छात्रों को शिविरों के माध्यम से प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है और गणित और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए शिक्षण-शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के विकास, उत्पादन और प्रसार पर प्रकाश डाला जाता है।
कार्यक्रम का संयोजन साइंस क्लब के डा सुनील कुमार एवम डा नेहा पाठक ने किया। विश्विद्यालय के कुलाधिपति डा सचिन गुप्ता एवम सीईओ डा मीनाक्षी शर्मा ने विश्विद्यालय के सभी छात्र एव छात्राओ को राष्टीय गणित दिवस की शुभकामनाए प्रेषित कीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत एचओडी डा कुंदन चौबे ने किया। कार्यक्रम में विश्विद्यालय के छात्र एव छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नेहा गोयल, अपर्णा, अक्षिता, ध्रुव, भानु, इशिता,नूतन,कीर्ति, रिषभ एवम आर्ची ने उपयुक्त विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। साइंस क्लब के चेयरपर्सन एवम डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. डीएस तौमर ने इस सम्मेलन में गणित विषय के पांच शिक्षिको को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन तृतीय वर्ष की छात्रा एकता एवम तनुष्ठा ने किया। डा. नीलम कुमारी ने मुख्य अतिथि एवम सभी का आभार व्यक्त किया।

कोविड को लेकर एडवाइजरी जारी

सभी दर्शनार्थियों से अनुरोध है कि कोविड-19 का वैरिएंट पुनः अपने संक्रमण का प्रसार कर रहा है तथा देश के अधिकांश राज्यों में इसके धनात्मक केस रिर्पोट हो रहे हैं। इस हेतु सभी दर्शनार्थियों से अनुरोध है कि वे कोविड-19 के वैरिएंट (SARI/ILI) से सम्बन्धित निम्न दर्शित नियमों का पालन करें। जिससे कोविड-19 वैरिएंट (SARI/ILI) के संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

दर्शनार्थीगण मास्क लगाकर रखें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवायजरी का पालन करें, क्योंकि सजगता एवं स्वच्छता से ही इस संकमण के प्रसार को रोका जा सकता है, कोविड-19 नियमों का पालन करें।

खाँसी, जुखाम, बुखार, अस्थमा, एलर्जी इत्यादि से पीड़ित व्यक्ति भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग व्यक्तियों, छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों का भीड़ वाले स्थानों पर न ले जायें, स्वस्थ रहें, सजग रहें।

भीड़ वाले स्थानों एवं मंदिर परिसर में दर्शन पश्चात अधिक समय तक ना रूकें, शीघ्र अपने गंतव्य को प्रस्थान करें।

कोविड-19 लक्षण प्रतीत होने पर तुरंत अपनी जाँच करवाए तथा भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे। अपने तथा अन्यों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत एंव सजग रहें तथा देश हित एवं जनहित में कोविड-19 सम्बन्धित नियमों का पालन करें।

पाश्चात्य नववर्ष के अवसर पर भीड वाले रथानों पर जाने से बचे, सचेत एंव सर्तक रहें।

मंदिर व्यवस्थाओं में आप सभी दर्शनार्थीगणों का सहयोग सादर प्रार्थनीय है।

अयोध्या में हों कुम्भ जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं: ब्रजेश पाठक

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  • श्रीराम मंदिर के उद्घाटन एवं प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह के मद्देनजर उप मुख्यमंत्री ने अयोध्या में समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
  • 22 जनवरी को देश-दुनिया से गणमान्‍य श्रद्धालु, नेता, साधु- संत और लाखों राम भक्‍त पहुंचेंगे अयोध्या

लखनऊ।
अगले वर्ष 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर के उद्घाटन एवं प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। शनिवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अयोध्या में स्वास्थ्य विभाग के आला एवं स्थानीय अफसरों की समीक्षा बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में कुम्भ जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं रखें। कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस समारोह में शामिल होने के लिए देश-दुनिया से कई गणमान्‍य श्रद्धालु, नेता, साधु- संत और लाखों राम भक्‍त पहुंचेंगे।
अयोध्या के अंतराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी के सभागार में आहूत बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या में आयोजित इस समारोह के लिए उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अयोध्या एवं आसपास के जिलों में संचालित अस्पतालों के अतिरिक्त वैकल्पिक चिकित्सा इंतजाम भी रखे जाएं। इमरजेंसी सेवाओं को दुरुस्त रखें। प्राइवेट अस्पतालों के बेडों एवं आईसीयू की लिस्ट भी बनाएं। महिला चिकित्सालयों को अलर्ट मोड पर रखें। बैठक में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, प्रमुख सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
डिप्टी सीएम ने मौजूदा बेडों की संख्या, चिकित्सकों की अतिरिक्त व्यवस्था, कंट्रोल रूम, ब्लड बैंक, एंबुलेंस, एक्स रे मशीन, ऑक्सीजन प्लांट, अस्पताल परिसर में तीमारदारों को लिए रुकने, खान-पान, पेयजल, अल्ट्रासाउंड मशीनों, बर्न यूनिट, 50 अतिरिक्त एंबुलेंस, प्राइवेट स्तर से कैथ लैब की स्थापना, हेल्प डेस्क, बाहर की दवाएं न लिखने सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

संस्कृति नर्सिंग के विद्यार्थियों ने लैंप लाइटिंग के साथ की शपथ ग्रहण

मथुरा। संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग द्वारा संस्कृति विश्विविद्यालय के सभागार में लैंप लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने नर्सिंग कालेज के विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आप सब एक ऐसे पेशे से जुड़ी विद्या का अर्जन कर रहे हैं जिसे विश्व में सर्वाधिक सम्मान प्राप्त है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप कतई यह न सोचें कि आप किसी ऐसी शिक्षा को ग्रहण कर रहे हैं जिसके हासिल करने के बाद आप कहीं से भी कमतर आंके जाएंगे। आपने जिस क्षेत्र को अपना पेशा बनाने के लिए चुना है वह दुनिया का महानतम पेशा है। मरीजों की विभिन्न परिस्थिति में नर्स की एक अहम भूमिका होती है। कोरोना के दौरान सारी दुनिया नर्स की भूमिका के महत्व को स्वीकार कर चुकी है। समारोह में उपस्थित संस्कृति विश्वविद्यालय के डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा ने अनेक उदाहरण देते हुए बताया कि नर्सिंग का क्षेत्र ऐसा है जहां बहुत धैर्य, आत्मीयता और साहस की जरूरत होती है। विश्व युद्धों सहित अनेक ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें नर्स का रोल आज भी याद किया जाता है और सराहना की जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपनी मानसिक मजबूती बढ़ाएं ताकि विपरीत परिस्थियों में सहज बने रहकर अपने काम को अंजाम दे सकें।
संस्कृति विवि की एकेडमिक डीन मीनू गुप्ता ने कहा कि सेना और नर्स का पेशा समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आज नर्स की बहुत जरूरत है, यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां आपकी हमेशा जरूरत बनी रहेगी। संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर ने नर्सिंग पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसको करने के बाद रोजगार पाना समस्या नहीं रह जाता। उन्होंने विद्यार्थियों को लैंप लाइटिंग के साथ शपथ ग्रहण कराई। बताया गया कि लैंप लाइटिंग फ्लोरेंस नाइटिंगेल, “द लेडी विद द लैंप” को श्रद्धांजलि के रूप में आयोजित की जाती है, जो आधुनिक नर्सिंग की अग्रणी थीं। यह एक छात्र नर्स के जीवन में एक महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि यह समारोह 3 महीने के प्रारंभिक प्रशिक्षण के सफल समापन और पहली बार नर्स की वर्दी पहनने का प्रतीक है। समारोह का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर साक्षी शर्मा ने किया। प्रो. ब्लेसी जार्ज ने धन्यवाद ज्ञापित किया। असिस्टेंट प्रो. लोकेश तंवर में आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

क्रिसमस कार्निवाल में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मचाया धमाल

  • वर्ष के सबसे बड़े फन फेयर का बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी उठाया लुत्फ

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को वर्ष के सबसे बड़े फन फेयर क्रिसमस कार्निवाल का भव्य आयोजन किया गया जिसका छात्र-छात्राओं ही नहीं अभिभावकों ने भी जमकर लुत्फ उठाया। क्रिसमस कार्निवाल में छात्र-छात्राओं ने जहां अपने कौशल का जलवा बिखेरा वहीं माता-पिता के साथ मिलकर विभिन्न वस्तुओं से सज्जित स्टॉल्स लगाए जिनकी हर किसी ने प्रशंसा की। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने केक काटकर नन्हें-मुन्ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण बौद्धिक विकास में शिक्षा व खेलकूद के साथ ही अन्य आयोजनों का भी विशेष महत्व है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शनिवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल में क्रिसमस कार्निवाल फेयर का आयोजन किया गया। कार्निवाल में छात्र-छात्राओं के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने जमकर मस्ती की। कार्निवाल फेयर में छात्र-छात्राओं की खुशी देखते ही बनी। दरअसल, बच्चे भगवान का रूप होते हैं और छोटी-छोटी चीजों से ही उन्हें अपार खुशी मिल जाती है। कार्निवाल फेयर में बच्चों ने ड्राइंग, म्यूजिकल चेयर तथा अन्य प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सबसे बड़े फन फेयर क्रिसमस कार्निवाल में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभागिता की। समारोह को मनोरंजक बनाने के लिए छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार की स्टाल्स लगाईं। मनोरंजक खेल, नेल आर्ट, निशानेबाजी, विभिन्न प्रकार के फूड आइटम्स की स्टॉल्स ने जहां मेले में आने वाले लोगों को आकर्षित किया वहीं विभिन्न प्रकार के झूलों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों का मन मोह लिया। कार्निवाल में लगे विभिन्न स्टॉलों से लोगों ने जमकर खरीददारी भी की।
फन फेयर क्रिसमस कार्निवाल में छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई आर्ट एण्ड क्राफ्ट की वस्तुओं तथा पेंटिंग्स के लिए कला प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। कार्निवाल में विद्यार्थियों ने झूलों का आनन्द लिया तो सेल्फी पॉइन्ट पर तस्वीरें अपने-अपने मोबाइलों में कैद कीं। इस अवसर पर म्यूजिक ऑन डिमाण्ड पर छात्र-छात्राओं की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों को अभिभावकों ने खूब सराहा। सेंटा क्लाज का रूप धारण किए विद्यार्थियों ने मेले में आने वाले आगंतुकों का जहां आत्मीय अभिवादन किया वहीं उन्हें अपनी हस्त निर्मित खूबसूरत वस्तुएं भी दिखाईं। विद्यार्थियों ने ईसा मसीह के जीवन की कुछ झलकियां नाटक के रूप में प्रस्तुत कीं तो जिंगल बेल जिंगल बेल गाकर सबका मन मोह लिया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने क्रिसमस कार्निवाल के भव्य आयोजन के लिए छात्र-छात्राओं की मेहनत को सराहते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ इस तरह के मनोरंजक आयोजन भी समय-समय पर आयोजित किया जाना बहुत जरूरी है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हर तीज-त्योहार सद्भाव का संदेश देते हैं लिहाजा हमें मिल-जुलकर ऐसे आयोजन करने चाहिए।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस फन फेयर के माध्यम से उन्होंने शिक्षकों ही नहीं अपने माता-पिता का दिल भी जीता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं के कौशल को नया मंच प्रदान करता है। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने कहा कि क्रिसमस कार्निवाल फेयर को सफल बनाने में आरआईएस परिवार के साथ-साथ विद्यार्थियों की मेहनत तथा अभिभावकों के प्रोत्साहन का विशेष योगदान रहा है।

मथुरा – ग्राहक धोखाधड़ी से कैसे बचें

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  • सेबी के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि अपनी बचत का सही निवेश करने से भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वैसे तो हर निवेश में रिस्क की संभावना रहती है किंतु म्युचुअल फन्ड में अधिक समय के लिए कम निवेश करने पर भी अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को किसी प्रकार का निवेश करने के पहले उसकी शर्तों का गहन अध्ययन अवश्य करना चाहिए।
वरिष्ठ सलाहकार एमफ्री सूर्यकांत शर्मा,ने  विस्तार से बचत के महत्व, बचत को निवेश में परिवर्तित करने, सोच समझ कर  निवेश करने, फाइनेंशियल प्लानिंग के महत्व तथा पॉवर ऑफ कंपाउंडिंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समृद्धि  सभी का अधिकार है और यह भाग्य  से नहीं बल्कि सतत प्रयास से मिलता है तथा इसे सभी को करना चाहिए।
पत्रकार वार्ता के बाद वित्तीय साक्षरता एवं घोखाधड़ी से बचाने के लिए एसोसिएसन आफ म्युचुअल फन्ड इन इन्डिया की ओर से महिला सश्क्तीकरण के अन्तर्गत अमरनाथ गर्ल्स पोस्टग्रेजुएट कालेज मथुरा में 200 से अध्ध्कि छात्राओं एवं शिक्षकों को अच्छे निवेश के तरीके के बारे में उक्त अधिकारियों ने न केवल जानकारी दी बल्कि उनकी शंकाओं का समाधान भी किया साथ ही बताया कि म्यूचुअल फंड में निवेश के बहुत तरीके है और इसमें छोटी पूंजी से भी सेविंग करके निवेशक अपनी जीवन की बहुत सारी जरूरतों को पूरा कर सकता है ।
   अधिकारी द्वय ने बताया कि विक्तीय साक्षरता भारत सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है जिसके तहत अधिक से अधिक नागरिकों को इसके महत्व एवं प्रासंगिकता के बारे में जागरूक किया जाता है।पर्सनल फाइनेंस को प्रभावी तरीके से संभालना और सही बचत तथा निवेश करके उससे अधिक से अधिक आय का रास्ता निकालने का मार्ग प्रशस्त करना ही इन कार्यक्रमों का उद्देश्य है ।
उनका कहना था कि सेबी शेयर बाजार का राष्ट्रीय नियामक है और सेबी शेयर बाजार के घटकों  के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है । सेबी का मानना है कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से ही देश की समृद्धि का रास्ता निकलेगा। इसी उद्देश्य को ले कर अधिक से अधिक आयोजन महिला शिक्षण संस्थाओं में किये जा रहे हैं। उनका कहना था कि बहुत से लोग अपने यहां निवेश करने पर प्रतिफल की गारंटी लेते हैं जो बिलकुल गलत है तथा ऐसा करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करने की उनकी कोशिश रहती है।निेवेशक को भी इस प्रकार के फ्राड से बचना चाहिए।
   सेबी की युवा अधिकारी सुश्री कृतिका ने इस अवसर पर म्यूचुअल फन्ड पर  एक विस्तृत प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया ।
अमरनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कालेज के प्रधानाचार्य डा0 अनिल वाजपेयी ने सेबी एवं एमफ्री के अधिकारियों केा छा़त्राओं को वित्तीय प्रबंधन के बारे में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए साधुवाद दिया तो कालेज के असिस्टेन्ट प्रोफेसर रोहित वाजपेयी ने उक्त अधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कालेज की प्रवक्ता नूतन देहर, सुरभि गुप्ता, दीक्षा चौधरी , शायमा एवं डा0 निर्मल वर्मा ने इस कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में कार्य किया। संचालन दीक्षा चौधरी ने किया। इस अवसर पर अच्छे प्रश्न पूंछनेवाली छात्राओं को पुरूस्क्रत तथा महिला शिक्षकों का सम्मान भी किया गया ।

छाता अधिवक्ता एसोसिएशन ने का मनाया स्थापना दिवस

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तहसील छाता बार सभागार प्रांगण में अधिवक्ता एसोसिएशन छाता के सानिध्य में छाता सिविल कोर्ट स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।सर्वप्रथम अधिवक्ता सभागार प्रांगण में विधि विधान से आचार्य गौरव व्यास के सानिध्य में भगवान श्री गणेश का विधि विधान से पूजन किया गया और मां सरस्वती का भी विधि विधान से पूजन अर्चना करते हुए श्री बजरंग बली का हनुमान चालीसा का पाठ आयोजन अधिवक्ताओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिविल जज महोदय विशाल शर्मा एवं मुंशिफ मजिस्ट्रेट महोदय सुमित यादव का माल्यार्पण एवं पटुका पहनकर स्वागत किया गया इससे पूर्व मुख्य अतिथि सिविल जज महोदय विशाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा की जनता के हित में बाहर और बेंच का सामंजस अत्यंत जरूरी है और हम सभी को संवैधानिक दायित्व की पूर्ति करते हुए ज्यादा से ज्यादा स्वच्छ एवं निष्पक्ष न्याय देने का प्रयास करना चाहिए। अध्यक्ष चौधरी पूरन सिंह, एडवोकेट सुशील भारद्वाज, बच्चू सिंह निमेष , पूर्व अध्यक्ष किशन सिंह,एडवोकेट पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद सिंह,एडवोकेट पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह वर्मा, पूर्व उपाध्यक् निरंजन सिंह आजाद,के के पाठक, धर्मवीर सिंह,मदन सिंह संजू सिंह संजू शर्मा एडवोकेट यशपाल सिंह एडवोकेट भगवान दास रोहिल्ला मुरलीधर एडवोकेट दाऊ दयाल शर्मा एडवोकेट संग्राम सिंह एडवोकेट विजयपाल एडवोकेट श्री भगवान शर्मा एडवोकेट गिर्राज गोसाई एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।

सभी वैदिक ग्रंथों का प्रतीक है श्रीमद्भागवत गीता

  • जीएल बजाज में श्रद्धाभाव से मनी गीता जयंती

मथुरा। शुक्रवार को गीता जयंती के पावन अवसर पर जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के बाद करपात्री द्विवेदी तथा आचार्य अभिषेक शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को श्रीमद्भागवत गीता के महात्म्य की विस्तार से जानकारी दी। इन विद्वतजनों ने कहा कि हिन्दू धर्म को समझने के लिए जीवन में कम से कम एक बार श्रीमद्भागवत गीता अवश्य पढ़नी चाहिए क्योंकि यह सभी ग्रंथों का प्रतीक है।
श्रीमद्भागवत गीता के महात्म्य की जानकारी देने से पहले करपात्री द्विवेदी, आचार्य अभिषेक शुक्ला, प्रो. नीता अवस्थी तथा छात्र-छात्राओं ने सम्पूर्ण गीता का पाठ किया। विद्वतजनों ने प्राध्यापकों, छात्र-छात्राओं तथा अन्य कर्मचारियों को बताया कि गीता में मानव जीवन से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याओं को बहुत ही सरल भाषा में समझाया गया है। सच कहें तो गीता सभी वैदिक ग्रंथों का प्रतीक है। महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो जीवन का सार बताया था, वही श्रीमद्भागवत गीता है।
विद्वतजनों ने कहा कि श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए गीता के उपदेश आज के समय में भी लोगों को अपने जीवन में गहरे अवसाद से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं, इसीलिए हिंदुओं के साथ ही अन्य धर्मों के लोग भी गीता को अपने जीवन में अपनाते हैं। दरअसल, श्रीमद्भागवत गीता के उपदेश सभी को धार्मिकता, नैतिकता और जीवन के मूल सिद्धांतों से अवगत कराते हैं। विद्वतजनों ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप है।
गीता में श्रीकृष्ण ने जीवन के कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। उन्होंने न केवल गीता के माध्यम से धर्म के विषय में बताया है बल्कि ज्ञान, बुद्धि, जीवन में सफलता इत्यादि के विषय में भी मनुष्य को अवगत कराया है। भगवान श्रीकृष्ण गीता में बताते हैं कि धरती पर हर एक मनुष्य को अपने कर्मों के अनुरूप ही फल प्राप्त होता है। इसलिए उन्हें केवल अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। जो व्यक्ति अच्छे कर्मों में लिप्त रहता है, भगवान उसे वैसा ही फल प्रदान करते हैं। साथ ही जिसे बुरे कर्मों में आनंद आता है, उसे उसी प्रकार का जीवन दंड के रूप में भोगना पड़ता है।
गीता में बताया गया है कि मनुष्य की इन्द्रियां बहुत चंचल स्वभाव की होती हैं। वह आसानी से गलत आदतों को अपना लेती हैं, इसी वजह से व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जीवन को सुखमय बनाना है तो हमें इन्द्रियों पर खासकर अपने चित्त अर्थात मन पर विशेष नियंत्रण रखना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि चंचल मन के कारण कई प्रकार के बुरे कर्मों में लिप्त होने का खतरा बढ़ जाता है।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि श्रीकृष्ण ने धनुर्धर अर्जुन को महाभारत के युद्धभूमि में बताया था कि व्यक्ति के लिए क्रोध विष के समान है। वह न केवल शत्रुओं की संख्या बढ़ाता है बल्कि इससे मानसिक तनाव में भी वृद्धि होती है। इसके साथ गीता में बताया गया है कि क्रोध से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे चिंतन शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए अपने क्रोध पर काबू रखना ही व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा उपाय है। इस धार्मिक कार्यक्रम का संचालन विशाल सक्सेना, भूमिका शर्मा, प्रिया ठाकुर, थनेश गोला तथा प्रियंका शर्मा ने किया।

शेरगढ़ थाने मे तैनात सिपाही की सड़क दुर्घटना में मौत

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शेरगढ़ थाने में तैनात एक सिपाही का राया कट के पास घर जाते समय गुरुवार शाम लगभग 4:00 बजे के करीब किसी वहान ने टक्कर मार दी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए घायल सिपाही को मथुरा के सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां उनकी मृत्यु हो गई जिसकी सूचना संबंधित थाने में दी गई
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनील कुमार इटावा के रहने वाले थे जो शेरगढ़ थाने में तैनात थे सुनील कुमार थाने से 5 दिन की सीएल छुट्टी लेकर घर वापस जा रहे थे तभी राया कट के पास किसी वहान ने टक्कर मार दी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें स्थानीय पुलिस के द्वारा मथुरा के सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया सुनील कुमार को गुरुवार लगभग शाम 7 बजे के करीब ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया जिसकी सूचना संबंधित थाने पर देकर मृतक सिपाही के परिजनों को दी

जय को के.डी. हॉस्पिटल में मिली नई जिन्दगी

  • माता-पिता का कहना आखिरी उम्मीद लेकर यहां आए थे

मथुरा। डायबिटीज या शुगर (मधुमेह) जिसे कभी बुजुर्गों की बीमारी कहा जाता था, वह आज जवानों और बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है। इसी बीमारी की गिरफ्त में बेहोशी की हालत में आए छह वर्षीय जय पुत्र विवेक सिंह को के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. के.पी. दत्ता तथा डॉ. सुमित के प्रयासों से नई जिन्दगी मिली है। अब जय पूरी तरह से स्वस्थ है तथा उसके माता-पिता के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन का आभार मान रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि ग्राम कटैला, राया मथुरा निवासी जय पुत्र विवेक सिंह को अचानक 14 दिसम्बर को उल्टियां होने लगीं तथा थोड़ी ही देर बाद वह बेहोश हो गया। बच्चे की खराब स्थिति को देखते हुए परिजन उसे मथुरा के कई निजी चिकित्सालयों में ले गए लेकिन हर किसी ने उपचार से मना कर दिया। आखिरकार उसे के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर लाया गया। विशेषज्ञ शिशु रोग डॉ. के.पी. दत्ता ने बच्चे का प्राथमिक परीक्षण किया जिससे पता चला कि वह डायबिटिक कीटोएसिडोसिस तथा प्री-कोमा का शिकार है।
डॉ. के.पी. दत्ता और डॉ. सुमित ने बिना विलम्ब किए इंटरनेशनल प्रोटोकाल के तहत जय का उपचार शुरू कर दिया। बच्चे को चार दिन तक सघन चिकित्सा इकाई में रखा गया। अब जय पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉ. के.पी. दत्ता का कहना है कि यदि बच्चे को लाने में कुछ और विलम्ब हो जाता तो उसकी जान जा सकती थी। उन्होंने बताया कि डायबिटिक बीमारी एक बार में अपना लक्षण नहीं दिखाती बल्कि खराब लाइफ स्टाइल और अन्य कारकों के चलते हमारे शरीर में धीरे-धीरे पनपती है और वक्त के साथ घातक हो जाती है।
डॉ. दत्ता बताते हैं कि कुछ बच्चों में डायबिटीज होने का आनुवंशिक कारण होता है। अगर माता-पिता में से किसी एक को डायबिटीज है, तो बच्चे में डायबिटीज का खतरा अधिक रहता है। डॉ. दत्ता बताते हैं कि समय पर बीमारी का पता न चलने से मरीजों को खतरा हो जाता है तथा कई बीमारियां होने की आशंका रहती है। डॉ. दत्ता बताते हैं कि डायबिटीज दो प्रकार की होती है। इसमें पहली है टाइप 1 और दूसरी है टाइप-2. टाइप 1 में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनती या बननी बंद हो जाती है। टाइप-2 में ब्लड में शुगर का लेवल काफी बढ़ जाता है।
विभागाध्यक्ष शिशु रोग डॉ. दत्ता बताते हैं कि चूंकि के.डी. हॉस्पिटल के एनआईसीयू तथा पीआईसीयू में आधुनिकतम उपकरण तथा विशेषज्ञ नर्सेज हैं लिहाजा यहां हर शिशु का अच्छे तरीके से उपचार सम्भव हो पाता है। डॉ. दत्ता का कहना है कि यदि हमें डायबिटीज से बचना है तो नियमित रूप से एक्सरसाइज करें तथा छोटे बच्चों को खेलकूद की तरफ प्रेरित करें। इतना ही नहीं कम फैट वाला भोजन लें तथा उसमें प्रोटीन और विटामिन को शामिल करें। फाइबर युक्त भोजन लें तथा जंक फूड खाने से परहेज करें। जय के पूर्ण स्वस्थ होने से उसके माता-पिता बहुत खुश हैं। जय की मां का कहना है कि एकबारगी तो उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन के.डी. हॉस्पिटल में उनके बच्चे का नया जन्म हुआ है। जय के पिता विवेक सिंह कहते हैं कि कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद आखिरी उम्मीद लेकर के.डी. हॉस्पिटल आए थे। उन्होंने हॉस्पिटल प्रबंधन तथा डॉक्टरों की टीम की प्रशंसा करते हुए सभी का आभार माना।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने जय का समय से सही उपचार करने के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए बच्चे के सुखद जीवन की कामना की है।