Tuesday, January 13, 2026
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जीएलए में सृजन का हिस्सा बने हजारों इंटर स्कूली छात्र

  • जीएलए की प्रयास टीम ने इंटर स्कूली छात्रों के लिए आयोजित किया सृजन

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 60 से अधिक सीबीएसई इंटर स्कूलों के 3000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी सृजनता को निखारा। जीएलए प्रबंधनतंत्र सहित स्कूलों से पदाधिकारियों ने छात्रों के हुनर की सराहना की।

जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में सोशल इनिसिएटिव प्रयास तत्वावधान में आयोजित सृजन कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधन संकाय के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह और एडमिशन एंड ब्राडिंग सेक्शन के डीजीएम नितिन गौर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई तथा गणेश वंदना के साथ नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए एसोसिएट डायरेक्टर इंटरनेशनल रिलेशन डॉ. निर्भय कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रतियोगिता के इस युग में श्रेष्ठता हासिल करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं मे सम्मलित होना काफी उपयोगी है। साथ ही नितिन गौर ने प्रतियोगिता की शुरुआत की घोषणा की।

दो दिवसीय चले इस कार्यक्रम में आगरा, मथुरा, हाथरस, कोसी और पलवल से आए प्रतिभागियों ने मेधा, संवाद, आलाप, मुद्रा, कलाकृति, नुक्कड, जिज्ञासा, मन्थन, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, चैस, बास्केटबाल, क्रिकेट, फुटबाल, कबड्डी, टेबल टेनिस, वॉलीबाल, कराटे तथा विभिन्न सांस्कृतिक, वैज्ञानिक एवं खेल -कूद प्रतियोगिताओं में शिरकत की। मेधा क्विज में श्रीजी बाबा गर्ल्स स्कूल, नुक्कड नाटक एवं संवाद हिंदी में राजीव इंटरनेषनल, अलावा अलाप सोलो में वृंदावन पब्लिक स्कूल, अलाप गु्रप में अमरनाथ विद्या आश्रम, मुद्रा सोलो एवं गु्रप में ओवर ऑल इलाइट न्यू जनरेषन स्कूल, मंथन हिंदी में चरकुला ग्लोबल स्कूल, मंथन, जिज्ञासा एवं संवाद अंग्रेजी में कान्हा माखन, कलाकृति में पीडी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर चैंपियन रहे। इसके साथ ही एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ऑल ओवर एवं कबड्डी गर्ल्स में चैंपियन अंगूरी देवी पब्लिक स्कूल, कबड्डी बालक वर्ग में आर्केडियन, चैस प्रतियोगिता बालक एवं बालिका वर्ग में केएमपीएस एवं एचपीडी पब्लिक स्कूल, बैडमिंटन बालिका एवं बालक वर्ग प्रतियोगिता में आर्मी पब्लिक स्कूल एवं रियल पब्लिक स्कूल, बॉलीबॉल बालिका एवं बालक वर्ग प्रतियोगिता में रतन लाल फूल कटोरी देवी एवं कान्हा माखन स्कूल, बास्केटबॉल बालिका एवं बालक वर्ग प्रतियोगिता में राजीव इंटरनेषनल एवं सेंट एंडूज स्कूल, टेबल टेनिस बालिका एवं बालक वर्ग प्रतियोगिता में केएमपीएस एवं डीएसबीएम स्कूल, फुटबाल में श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर ओवर ऑल चैंपियन, क्रिकेट में अमरनाथ विद्या आश्रम चैंपियन रहे। षॉर्टपुट बालिका वर्ग में जीवन ज्योति, षॉटपुट एवं लंबी कूद बालक वर्ग में श्रीजी बाबा स्कूल, लंबी कूद बालिका वर्ग में वात्सलय स्कूल, सहित कई और स्कूल विभिन्न प्रतियोगिताओं में चैंपियन रहे। स्कूलों के विजेता खिलाडियो को मेडल ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम समापन के बाद 60 से अधिक विद्यालयों के छात्रों ने जीएलए विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्रों ने जाना कि किस प्रकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जीएलए के छात्र नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रयास टीम के नितिन गौर से काफी जानकारी जुटायी। साथ ही छात्रों ने स्मार्ट क्लास रूम, लैब्स, इंजीनियरिंग प्रयोगशालाओं सहित हॉस्टल और मैस की व्यवस्थाओं को देखा।

इस अवसर पर निदेशक प्रो. अनुराग सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गठित संस्था ‘प्रयास‘ का हमेशां यही उद्देश्य रहता है कि जीएलए जो भी कुछ कर रहा है, उसमें इंटर स्कूली छात्रों को भी लाभ मिले। इसके लिए टीम स्कूलों में पहुंचकर कई तरह के कार्यक्रम मोटिवेशनल सेशन, स्वास्थ्य जांच शिविर, शिक्षक-प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम आयोजित करती है और जीएलए के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर एवं मोटिवेशनल स्पीकर नीरज अग्रवाल के माध्यम से मोटिवेशन सेशन कार्यक्रमों के तहत सफलता के मंत्र दिए जाते हैं।

इस अवसर पर अमित कुमार शर्मा, बृज बिहारी सिंह, भूपेंद्र कुमार मिश्रा, राहुल उपाध्याय, हरिओम शुक्ला, आकाश कुमार, आशीष राय, श्याम नारायण राय, रितु जाट, सोनिका, टीम प्रयास से सिद्धार्थ पन्नू, मुकुल राजपूत, प्रिया निगम, कमलेश राजपूत, विनीता शर्मा, स्नेहा चतुर्वेदी आदि टीम का विशेष सहयोग रहा।

बाहरी होटलों की गंदगी पालिका क्षेत्र को बना रही कूड़ाघर, कूड़े के ढेर पर कार्य कर रहे देश के भविष्य

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नगरपालिका कोसीकला क्षेत्र के निकासा क्षेत्र में संचालित स्कूलों के आसपास पड़ा कूड़े का ढेर स्कूल संचालकों सहित स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले छात्रों के लिए लगातार नासूर बनता जा रहा है। कूड़े के ढेर पर ओर कूड़ा एकत्र करने के लिए निकासा क्षेत्र के स्थानीय व्यक्ति अपने आर्थिक लाभ के चक्कर मे हाइवे स्थित होटलों से संपर्क कर होटलों के कूड़े को स्कूलों के रास्ते मे डालकर कर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगा रहे है। जी हां बच्चे देश का भविष्य होते है। जिन्हें उनके माता पिता पढ़ालिखा कर अफसर एवं नेता बनाने का सपना देखते है। लेकिन यह नजारा निकासा क्षेत्र स्थित स्कूलों के पास बने बाहर से लाये गए कूड़े के ढेरों पर कूड़ा छांट रहे नोनिहाल बच्चो का है। जिन्हें उनके मातापिता के साथ असम सहित अन्य राज्यो से लाया जाता है। ओर फिर उनसे इसी तरह का कार्य कराया जाता है। अब यह सोचने का गंभीर विषय है कि कूड़े से ढेरो से उतपन्न होने वाली गंभीर बीमारी कूड़े छाटने वाले व्यक्तियों और बच्चो के माध्यम से अन्य लोगो मे नही फैलेगी। कूड़ा छांटने वाले बच्चो एवं व्यक्तियों के हाथों में किसी भी प्रकार का बचाव के संसाधन नही है। इस पर पालिका प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग को गौर करने की बात है। होटलों से निकलने वाले गंदे बदबूदार कूड़े को कोसीकला पालिका क्षेत्र में लाकर पालिका क्षेत्र को ओर भी कूड़ाघर बनाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। क्या इसकी खुफिया विभाग भी मोंन बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि पालिका प्रशासन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी इस ओर क्या कार्यवाही करते है।

मथुरा – 6 फरवरी तक करीब 297 विभिन्न ट्रेनें प्रभावित होंगी, मथुरा जंक्शन पर यार्ड री मॉडलिंग का कार्य शुरू, देखें प्रभावित ट्रेनों की सूची

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मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या दो पर यार्ड के री मॉडलिंग कार्य का सोमवार को शुभारंभ हो गया। 72 दिनों तक चलने वाले इस कार्य के शुरू होते ही पहले दिन यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि मथुरा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या दो पर यार्ड का री मॉडलिंग कार्य कराया जाना है जिसके लिए 72 दिनों तक मथुरा जंक्शन से तमाम रेलगाड़ियों का आवागमन बाधित होगा।
6 फरवरी तक चलने वाले इस कार्य के दौरान रेलवे विभाग के अनुसार करीब 297 विभिन्न ट्रेनें प्रभावित होंगी जिनमें कई ट्रेनों को जहां निरस्त किया गया है तो वहीं कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट भी किया गया है। वहीं रेलवे प्रशासन के द्वारा ट्रेनों के निरस्त होने और रूट डायवर्ट होने के संबंध में लगातार एनाउंसमेंट भी किया जा रहा है।
सोमवार से शुरू हुए इस काम के पहले ही दिन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी संख्या नजर आई जो ट्रेन के इंतजार में बैठे हुए थे। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्रियों से जब जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि जानकारी न होने के कारण वह मथुरा जंक्शन पर आए हैं लेकिन यहां पर ट्रेन उपलब्ध नहीं है।

संस्कृति विवि की वेबिनार में बताया आयुर्वेद से मधुमेह का इलाज

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज द्वारा ‘डाइबिटीज(मधुमेह)’ पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में अतिथि वक्ताओं और विषय विशेषज्ञों ने आयुर्वेद के माध्यम से मधुमेह के निदान और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उपाय बताते हुए कहा कि आहार और जीवन शैली में परिवर्तन कर इस व्याधि से दूर रहा जा सकता है।
वेबिनार में भाग लेने वाली मुख्य वक्ता सिविल अस्पताल अंबाला की आयुष विंग प्रभारी डा. शेफाली ने बड़े ही विस्तार से डाइबिटीज बिमारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में उल्लेखित आहार और दिनचर्या को अपनाकर व आयुर्वेद की ऐसी औषधियों का सेवन कर जिनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, डाइबिटीज को नियंत्रित तो रखा जा सकता है, साथ ही इससे मुक्ति भी पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि डाइबिटीज को लेकर समाज में बहुते सारी भ्रांतियां भी हैं, जिनसे भ्रमित नहीं होना चाहिए और योग्य चिकित्सक के पास जाकर अपनी भ्रांतियों का निवारण करना चाहिए। उन्होंने कहा यह एक ऐसी बीमारी है जो हमारी जीवन शैली से ज्यादा जुड़ी है। हम इसपर चिकित्सक द्वारा निर्धारित आहार योजना और निर्धारित जीवन शैली अपनाकर काबू कर सकते हैं।
वेबिनार में उपस्थित संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एमबी चेट्टी ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि डाइबिटीज को लेकर अक्सर लोग भ्रांतियों का शिकार हो जाते हैं। बहुत से तो ये मान बैठे हैं कि इसका कोई निदान ही नहीं है। कुछ ऐसा मानते हैं कि डाइबिटीज के इलाज से हमारे शरीर के अन्य अंग प्रभावित हो जाते हैं। इस वेबिनार में इन्हीं भ्रांतियों पर बात होगी और आयुर्वेद जैसी सशक्त चिकित्सा पद्धति से मधुमेह के निदान और बचाव के बारे में बताया जाएगा।
वेबिनार में उपस्थित विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता से अनेक सवाल कर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। मुख्य वक्ता डा. शेफाली ने सभी सवालों का विस्तार से और संतुष्टि पूर्वक जवाब देकर वेबिनार की सफलता की पुष्टि की। अंत में पैरामेडिकल साइंसेज विभाग, संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रमुख डॉ. राजेश प्रसाद जयसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की मॉडरेटर: डॉ. नेहा रानी, सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मेडिकल एंड अलाइड साइंसेज, संस्कृति विश्वविद्यालय थीं। वेबिनार में 26 फैकल्टी मेंबरों और 90 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरौ न कोई रे

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ब्रज रज उत्सव 2023

किशन चतुर्वेदी

मथुरा। मीरा के भजनों में एक भक्त की गुहार है, इष्ट से प्रेम का अलौकिक स्वरूप है तो एक ऐसा समर्पण का भाव है जो विरला है। कल्पना ही की जा सकती है कि उस समय प्रेम के इस दीवानेपन को देखकर कोई क्यों न जला होगा। मीरा ने इस प्रेम की खातिर कितने दिल जलाए और कितने दुश्मन बनाए, ये तो किस्से कहानियां बताते ही हैं लेकिन इस सब से बेखबर मीरा किस अमृत का पान कर रही थीं, ये उनके भजन बताते हैं। मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरौ न कोई रे, जाके सिर मोर मुकुट मेरौ पति सोई रे।

ब्रज रज उत्सव के मंच पर मीरा की 525वीं जयंती पर आयोजित मीरामय प्रस्तुतियों का दूसरा दिन था और प्रख्यात गायिका सुमित्रा गुहा अपनी गायिकी से मीरा के जीवन को जीवंत कर रही थीं। उनकी गायिकी के साथ अपने नृत्य से गायिकी की बंदिशों को सजीव कर रहे थे वे कलाकार जो अपने काम में पारंगत थे। रात के नौ बज रहे थे और पंडाल में बहुत अधिक दर्शक नहीं थे लेकिन कलाकारों को दर्शकों की संख्या नहीं सुधी दर्शकों की उपस्थिति ही प्रोत्साहित करती है और ऐसा यहां भी हो रहा था। जितने मन से कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे थे उतने ही मन से उनकी इस कला का रसपान करने वाले कुछ सैंकड़ा दर्शक भी मौजूद थे। नृत्य नाटिका के एक के बाद एक दृश्य मंच पर चलचित्र की भांति चल रहे थे और दृश्य परक प्रकाश व्यवस्था उनको प्रभावी बना रही थी। मथुरा-वृंदावन की सांसद जो स्वयं में एक मंझी हुई कलाकार हैं, मौजूद थीं और इन कलाकारों के प्रदर्शन का आनंद ले रही थीं।

मंच पर पहली प्रस्तुति नृत्यांगना श्रीमती विद्या पांडे की हुई। मीरा के जीवन से जुड़े 14 पात्रों को अकेले ही अपने एकल नृत्य से जीवंत कर उन्होंने सबकी प्रशंसा बटोरी और दिखाया कि भारतीय नृत्य परंपरा कितनी समर्थ और संपूर्ण है। 12 वर्षीय देव चक्रवर्ती ने अपनी कम उम्र में जिस गायिकी का परिचय देते हुए मीरा बाई के भजन प्रस्तुत किए वो अपने आप में उनकी प्रतिभा का गुणगान करने के लिए पर्याप्त थे। जिस भाव के साथ वे गा रहे थे वो देखते ही बनता था। ये नन्हा कलाकार सांसद हेमा मालिनी का पौत्र है। वैदिक ॠचाओं की तरह लोक संगीत या लोकगीत अत्यंत प्राचीन एवं मानवीय संवेदनाओं के सहजतम उद्गार हैं। ये लेखनी द्वारा नहीं बल्कि लोक-जिह्वा का सहारा लेकर जन-मानस से निःसृत होकर आज तक जीवित रहे। राजस्थानी लोकगीत गायक समंदर मंगनियार ने अपनी सहज और दिल छूने वाली गायकी से सबको प्रभावित किया। वहीं संचालन कर रहे डा. अनिल चतुर्वेदी ने बीच-बीच में मीरा के जीवन से जुड़े अनेक वृतांत सुनाए। उन्होंने कहा कि ब्रज में जन्मे कृष्ण उनके साथी बनते हैं जिनको अपने भी नकार देते हैं। मीरा को अपनों ने कष्ट दिए तो कृष्ण ही सहारा बने। डा. चतुर्वेदी के कुशल संचालन ने प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा। कार्यक्रम के दौरान मथुरा-वृंदावन की सांसद हेमा मालिनी ने कलाकारों का सम्मान करते हुए उन्हें मीराबाई की सुंदर मूर्तियां भेंट कीं।

बाक्स-उत्सव में लगे चार चांद

तीर्थ विकास परिषद के द्वारा कन्हैया की नगरी में पिछले तीन सालों से आयोजित किया जा रहा ब्रज रज उत्सव अपनी बुलंदियों पर पहुंचने लगा है। इस महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपस्थित होकर इसके महत्व को और बढ़ा दिया है। संस्कृति और कला से ओतप्रोत मथुरा-वृंदावन की सांसद हेमा मालिनी द्वारा उत्सव में ली गई रुचि और सहभागिता ने इसे महोत्सव का रूप दे दिया है। उनकी स्वयं की प्रस्तुति और राष्ट्रीय, अतंर्राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने ब्रज रज उत्सव में चार चांद लगा दिए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृष्ण भक्त मीरा में दिखाई गई रुचि और ब्रज रज उत्सव के दौरान मीरा बाई के 525वें जन्मदिन को लेकर मीराबाई के भजनों पर आधारित नृत्य नाटिकाएं उत्सव को एक ऩई ऊर्जा प्रदान कर रही हैं। कविता कृष्ण मूर्ति और सुमित्रा गुहा जैसी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिकाएं इस उत्सव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रही हैं।

साइबर अपराध : आनलाइन ठगी का बढ़ता मकड़जाल, पुलिस ने पाँच साइबर अपराधियों को पकड़ा

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गोवर्धन. पहचान वाला बनकर बैंक खातों से लाखों रुपयों की ऑनलाइन ठगी करने वाले पाँच साइबर अपराधियों को थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं. उनके कब्जे से एक तमंचा 12 बोर व एक जिन्दा कारतूस 12 बोर, 5 एन्ड्राइड मोबाइल फोन, 2 फर्जी आधार कार्ड, 4 ए.टी.एम. कार्ड, 41 सिमकार्ड, 81600 नगद रुपये बरामद हुए हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध की रोकथाम व साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने को चलाये जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी राम मोहन शर्मा के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा के निर्देशन में थाना पुलिस ने मुखबिर खास की सूचना पर देवसेरस से भगोसा जाने वाले मार्ग से भगोसा से पाँच साइबर अपराधियों गिरफ्तार किया. पकड़े गए साइबर अपराधी जुनैद पुत्र सन्ती, सद्दाम पुत्र ताहिर,आसिफ पुत्र कल्लू,इंसाफ पुत्र साबदीन,रहीश उर्फ बाई पुत्र जुम्मा निवासीगण भगोसा रोड़ देवसेरस थाना गोवर्धन के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में चालान किया गया.

थाना प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया की साइबर अपराधीगणों द्वारा फर्जी पहचान पत्र से सिम आसाम, बिहार, झारखण्ड आदि से निकलवाकर, फर्जी बैंक एकाउन्ट खुलवाकर, ट्रू-कॉलर, फेसबुक से अज्ञात नम्बरों पर फर्जी सिम से कॉल कर व फेसबुक सोशल साइटस, फोन-पे आदि से जानकारी हासिल कर जान पहचान वाला बनकर उनके व्हाट्सएप व मोबाइल नंबर पर कॉल कर उनको झांसे में लेकर अवैध रूप से उनके खाते से क्यूआर व कोड यूपीआई आईडी के माध्यम से अपने फर्जी खातो में पैसा डलवाकर धोखाधडी करके ठगे गये रूपयों को आपस में बाट लेते हैं ।

बरसाना में आठ घंटे तक जाम में फंसे रहे श्रद्धालु

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जाम के चलते तीन किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचे स्कूली बच्चे
बरसाना में शनिवार को लगे जाम में फंसे श्रद्धालुओ के वाहन

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना: भले ही योगी सरकार ने बरसाना को तीर्थ स्थल का दर्जा दे दिया, लेकिन आज भी बरसाना जाम के झाम में फंसा रहता है। शनिवार को बरसाना में तीन किलोमीटर लंबे जाम में श्रद्धालु आठ घंटे तक फंसे रहे। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया।

धार्मिक नगरी बरसाना में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु राधारानी के दर्शन करने आते है। ऐसे में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण अक्सर शनिवार व रविवार को जाम लग जाता है। जाम के कारण स्कूल बस तथा एबुलेंस तक घंटो फसीं रहती है। शनिवार को बरसाना में सुबह दस बजे से ही जाम लगना शुरू हो गया। दोपहर तीन बजे तक श्रद्धालुओ के वाहन जाम में फंसे रहे। जाम की स्थिति इस कदर थी कि राणा की प्याऊ से लेकर नया बस स्टैंड, गोवर्धन ड्रेन की दोनो सड़कें वाहनों से फूल थी। करीब तीन किलोमीटर लंबे जाम में श्रद्धालुओ के वाहन आठ घंटे तक जाम में फंसे रहे। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोपहर बाद जाम को खुलवा पाए। जाम के चलते स्कूल की बस भी घंटो तक जाम में फंसी रही। जिसके चलते छोटे छोटे बच्चें तीन किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर पहुंचे। वहीं एक एंबुलेस भी घंटो तक जाम में फंसी रही। जाम के कारण श्रद्धालु सड़क किनारे ही अपने वाहनों को खड़ा करके दर्शन को पैदल निकल लिए। जबकि हाल ही नगर पंचायत द्वारा 64 लाख रूपये का पार्किंग ठेका उठाया गया, लेकिन उसके बावजूद भी जाम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जाम की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर पुलिस व नगर पंचायत पर सवाल उठाए। पूर्व वाइस चेयरमैन गोकलेश कटारा एडवोकेट ने बताया कि नगर पंचायत ने पार्किंग का ठेका उठा दिया, लेकिन पार्किंग की कोई व्यवस्था तक नहीं है। जबकि स्थानीय पुलिस व नगर पंचायत को मालूम है बरसाना में अक्सर शनिवार रविवार को जाम लगता है। उसके बावजूद भी कोई इंतजाम तक नहीं किए गए। पूर्व जेल विजिटर लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने बताया कि एसएसपी महोदय द्वारा जाम की समस्या को देखते हुए बरसाना में ट्रैफिक के एक एसआई, दो कांस्टेबल तथा छह होमगार्डों की तैनाती की है, लेकिन यह लोग सिर्फ अवैध वसूली के आलावा कोई काम नहीं करते। राणा की प्याऊ पर बैठकर सिर्फ स्थानीय लोगों तथा श्रद्धालुओ के वाहनों से वसूली ही इनका काम है। चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने बताया कि नगर पंचायत के पास दो पार्किंग स्थल है। जल्द ही कुछ नए पार्किंग स्थल और बनाए जा रहे है। जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगा।

राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन गीतानंद जी महाराज की पुण्यतिथि 26 नवंबर को वृंदावन में मनेगी

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मथुरा। राष्ट्रसंत तपोमूर्ति ब्रह्मलीन गीतानंद जी महाराज की 19 वीं पुण्यतिथि वृंदावन के गीता आश्रम में मनाई जाएगी, जिसमें देश-विदेश से उनके अनुयाई बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
मुमुक्षु मंडल व गीता आश्रम वृन्दावन के प्रमुख एवं महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी अवशेषानन्द महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रसंत ब्रम्हलीन तपोमूर्ति गीतानंद जी महाराज के 19 वीं पुण्य तिथि के अवसर पर गीता आश्रम वृंदावन में एक वृहद कार्यक्रम 26 नवम्बर को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के जाने माने संत, भगवताचार्य, विद्वान, हाईकोर्ट के जस्टिस, अधिकारी, समाजसेवी, शिक्षाविद भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर भगवत सेवा में लीन साधुओं को जहां ऊनी वस़्त्रों एवं कंबल आदि का वितरण किया जाएगा वहीं साधनविहीन लोगों को भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी एवं ब्रज क्षेत्र का विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह 10 बजे से 11.30 तक श्रद्धांजलि सभा तथा पूर्वाह्न 11.30 बजे से भंडारा आयोजित किया जायेगा।
डॉ. स्वामी अवशेषानंद महाराज ने बताया कि ब्रम्हलीन संत गीतानन्द महाराज ने अपने जीवन की अंतिम के आखिरी समय तक जनहित कार्यों से समाज के प्रत्येक वर्ग की मदद करने का प्रयास किया था। उत्तर भारत के वे ऐसे महान संत थे जो घट घट में भगवान के दर्शन करते थे तथा जिनका कार्य क्षेत्र उनके द्वारा देश के विभिन्न भागों में स्थापित किये गए आश्रमों के साथ साथ आश्रम के बाहर भी था। उनकी आराधना का मूल मंत्र था ’’प्रमु तुम हरौ जनन की पीर’।’
वे ऐसे महान संत थे जिन्हे गीता न केवल कंठस्थ थी बल्कि गीता को उन्होंने अपने जीवन में उतारा था। गाय में 33 करोड़ देवताओं का वास होता है इसलिए उन्होंने गोशालाओं की स्थापना की तो शिक्षा के लिए संस्कृत पाठशाला, चिकित्सा के लिए समय समय पर विभिन्न प्रकार के शिविरों का आयोजन, संतों के लिए अन्न क्षेत्र, वृद्धों के लिए वृद्धाश्रम की स्थापना, हरिजन बच्चों के लिए हरिजंन छात्रावास, प्राकृतिक आपदा में पुनर्वास एवं राहत कार्य इस महान संत के त्यागमय जीवन की कहानी के पन्ने बोलते हैं। वृन्दावन की पावन धरती पर चैतन्य महाप्रभु, बल्लभाचार्य, रूप गोस्वामी, जीव गोस्वामी, गोपाल भट्ट, जैसे संतों ने यदि धर्म की ध्वजा फहराई और श्यामाश्याम की लीलाओं के गूढ़ रहस्य को समाज के कोने कोने तक पहुंचाया तो बीसवीं शती में देवरहा बाबा, श्रीपाद बाबा, आनन्दमयी मां,स्वामी अखण्डानन्द, स्वामी वामदेव, नीम करौली बाबा, जैसे संतों ने सनातन धर्म पर आए संकट से समाज को निकालकर एक दिशा दी। स्वामी गीतानन्द महराज ने इससे अलग हटकर गीता के रहस्य को मानवजीवन में उतारने के मूलमंत्र को इस प्रकार प्रस्तुत किया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी के मुंह से सहज ही निकल पड़ा था कि यदि अन्य संत इसी भावना को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें तो भारत अपने पुराने गौरव को प्राप्त कर सकता है। कारगिल युद्ध के बाद प्रधानमंत्री रक्षा कोष में जमा करने के लिए जब इस संत ने 11 लाख रूपये की थैली पूर्व प्रधानमंत्री स्वय अटल बिहारी वाजपेयी को सौंपी तो वाजपेयी अभिभूत होकर उक्त प्रतिक्रिया व्यक्त कर गए पर अहंकार से कोसों दूर इस महान संत ने यह कहकर वाजपेयी को और आश्चर्यचकित कर दिया था कि इसमें उनका कुछ भी योगदान नही है। उन्होंने तो वही काम किया है जो एक पोस्टमैन करता है। यह धनराशि उनके शिष्यों की है जिसे उन्होंंने प्रधानमंत्री रक्षा कोष को दिया है। उनका सिद्धान्त था कि दान इस प्रकार दिया जाना चाहिए कि दाहिने हांथ से दिये गए दान का पता बांए हाथ को भी न चल सके।
स्वामी गीतानन्द महाराज दीपक की तरह थे जिन्होंने न केवल अपने शिष्यों को बल्कि सम्पूर्णमानवता को अंधकार से निकालकर समाजसेवा का ऐसा सन्मार्ग दिखाया जो वास्तविक मोक्ष का साधन है। उनका कहना था कि भगवत गीता मानव जीवन के जीने का विज्ञान है। गीता के रहस्य एवं चमत्कार को मानव अपने जीवन में उतारकर ही उसकी महत्ता और उपयोगिता का अनुंभव कर सकता है। गीता मानव को जन्म से लेकर मृत्यु तक हर परिस्थिति से मुकाबला करने और उसमें दी गई अच्छाइयों को उतारने की शिक्षा देती है। स्वामी गीतानन्द महराज ने गीता पर प्रवचनों के माध्यम से समाज को बताया कि मनुष्य अपने कार्य एवं साधना से मानव की सेवा किस प्रकार कर सकता है। उन्होंने वृन्दावन की पावन भूमि से गीता के संदेश की ऐसी अमृत वर्षा की थी कि आज के प्रतियोगितापूर्ण समय में इसका रसास्वादन करने के लिए महाराजश्री के पास जो भी आया उसके मन को ऐसी शांति मिली कि उसके लिए वृन्दावन का अनूपयति गीता आश्रम ही तीर्थ बन गया। कहा जाता है कि संत भगवत शक्ति का एक स्वरूप होता है। जैसे जल का सहज स्वभाव हर व्यक्ति को शीतलता देकर उसकी तृष्णा को बुझाना होता है उसी प्रकार संतों का स्वभाव दु:खी और संतृप्त जीवों पर करूणा कर उन्हें कल्याणकारी मार्ग की ओर अग्रसर करने का होता है। ब्रम्हलीन संत गीतानन्द महाराज इन्ही विशेषताओं के कारण अपने शिष्यों के प्रेरणा के श्रोत बन गए।

बहन ने की बड़े भाई की अंतिम इच्छा पूरी

मृतदेह के.डी. हॉस्पिटल को देकर किया फर्ज पूरा

मथुरा। बहन ने अपने बड़े भाई की अंतिम इच्छा पूरी कर समाज के सामने एक नजीर पेश की है। 60 सेवा सदन, हिम्मतपुरा, मथुरा निवासी उमा शर्मा (73 वर्ष) ने अपने बड़े भाई तिलकेश्वर शर्मा (89) की मृतदेह के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के एनोटॉमी विभाग को देकर उनकी अंतिम इच्छा पूरी की। स्वर्गीय तिलकेश्वर शर्मा ताउम्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और उन्होंने राष्ट्रहित के लिए शादी भी नहीं की।
ज्ञातव्य है कि तिलकेश्वर शर्मा (89) पुत्र स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा निवासी सेण्ट्रल रेलवे वेस्टर्न कॉलोनी रोड, नियर न्यू बस स्टैंड, शांतिनगर मथुरा का विगत दिवस निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने की बजाय मृतदेह किसी चिकित्सालय को देने की थी। मृत्यु से पूर्व तिलकेश्वर शर्मा ने यह इच्छा अपनी बहन उमा शर्मा को जताई थी। बड़े भाई की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उमा शर्मा ने के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर प्रबंधन से बात की। स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने भाई की मृतदेह के.डी. हॉस्पिटल को देकर समाज के सामने नजीर पेश की है।
दरअसल, चिकित्सा जगत के लिए मृतदेह अमूल्य है, सिर्फ जनरल पढ़ाई-लिखाई ही नहीं, आगे के शोध और जटिल ऑपरेशन में दिग्गज सर्जनों के लिए भी यह देह रोशनी का काम कर कई जिंदगियां बचाती है। फिलहाल हमारे देश में देहदान के बारे में विशेष जागृति नहीं है। मथुरा में के.डी. मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद इस दिशा में जन जागरूकता बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। अब तक यहां एक दर्जन से अधिक लोग देहदान के प्रपत्र भर चुके हैं।
के.डी. मेडिकल कॉलेज के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका का कहना है कि रक्तदान, नेत्रदान की तरह ही मृतदेह भी चिकित्सा क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। पर्याप्त संख्या में मानव मृतदेह नहीं मिलने से मेडिकल छात्र-छात्राओं को मानव शरीर के अंगों के अध्ययन में काफी परेशानी आती है। डॉ. अशोका का कहना है कि देहदान के प्रति जागरूकता लाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास हुए हैं, लेकिन अभी भी समाज में जागरूकता की काफी कमी है। उन्होंने बताया कि देहदान की कमी का सीधा असर चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ता है।
डॉ. अशोका का कहना है कि मेडिकल ऑपरेशन में जब भी कोई नई तकनीक आती है, तो उसे सीखने और प्रैक्टिकल कर देखने के लिए कडैवेरिक वर्कशॉप (मानव शरीर पर प्रयोग) के लिए भी बॉडी का उपयोग किया जाता है। शरीर के मृत होने पर तीन घंटे में आंख के कॉर्निया का दान हो सकता है। डॉ. अशोका का कहना है कि बिना पोस्टमार्टम मृत देह एनोटॉमी विभाग में रसायनों के जरिए वर्षों तक सुरक्षित रखी जा सकती है लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव लम्बे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।
आर.के. एज्यूकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि देहदान सबसे बड़ा धर्म है। यदि मृतदेह किसी के काम आए तो उससे अच्छा आखिर क्या हो सकता है। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने उमा शर्मा के साहसिक फैसले की सराहना करते हुए ब्रजवासियों से अधिकाधिक देहदान का आग्रह किया है।

जीएलए में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे विशेषज्ञ और शोधार्थी

-जीएलए : अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में केन्द्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों को पीसीआई के प्रेसीडेंट ने सराहा

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के फार्मेसी विभाग में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमिनार में देश और विदेश के विषय-विशेषज्ञ सहित शिक्षक और शोधार्थी शामिल हुए हैं। इसके अलावा कई राज्यों से शोध पत्र भी प्रकाशन हेतु प्राप्त हुए हैं।

विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार का शुभारम्भ मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल जी के चित्रपट के समक्ष मुख्य अतिथि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट डा. मोंटू पटेल, विशिष्ठ अतिथि एजुकेशन रेगुलेशन कमेटी एंड पीसीआई मेंबर डा. दीपेन्द्र सिंह, राजीव एकेडमी फार्मेसी विभाग के निदेशक डा. देवेन्द्र पाठक, सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के डीन डा. विभु साहनी, जीएलए फार्मेसी के निदेषक डा. अरोकिया बाबू, विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजेयी ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डा. मोंटू पटेल ने केन्द्र सरकार द्वारा फार्मा सेक्टर में दिए गए अतिरिक्त योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस बार सरकार ने 1 हजार करोड़ का निवेश किया है। इससे फार्मेसी सेक्टर में पिछले वर्षों से अब तक पेटेंट के ग्राफ में भी काफी इजाफा हुआ है। राज्य सरकार भी प्रदेश को फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाने के प्रयासों में जुटी हुई है। इसके लिए एपीआई पार्क और फार्मा पार्क बनाए गए हैं। इससे यह साबित होता है कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय पूरे विष्व को एपीआई एक्टि फार्मा स्युटिकल सामिग्री उपलब्ध करायेगा।

उन्होंने बताया कि फार्मा सेक्टर में रोजगार सृजन हेतु नेषनल जॉब पोर्टल बनाने पर कार्य चल रहा है। इसके माध्यम से फार्मासिस्ट को जॉब हासिल करने में आसानी होगी। यानि प्रत्येक फार्मासिस्ट को रोजगारपरक बनाने में सरकार के प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि एक और बड़ी तैयारी की ओर सरकार ने अपने कदम बढ़ाए हैं। जल्द ही सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर व बार कोड़ शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलर का पेय स्केल बढ़ाने पर काम चल रहा है। रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए रिसर्च स्कॉलर्स और शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने अंतरराश्ट्रीय स्तर पर ऐसे सेमिनार आयोजित कराने के लिए अनुरोध किया।

विशिष्ट अतिथि डा. विभु साहनी ने फार्मासिस्टों के सहयोग के लिए पीसीआई को अपग्रेड करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम योजना नीति आयोग (हील बाइ इंडिया) के द्वारा बहुत लोगों को लाभान्वित किया गया है। जल्द ही भारत फार्मेसी पैकेजिंग में भी अग्रसर होगा।
विशिष्ठ अतिथि डा. दीपेन्द्र सिंह ने कहा कि हम दुनियां के सबसे दवा बनाने वाले मैन्युफैक्चरर हैं, लेकिन हमें हमेषां एपीआई और रॉ मटेरियल बाहर से लेना पड़ता है। यही कारण है कि दवाओं का मूल्य अधिक होता है। जल्द ही इस समाधान हेतु सरकार आगे काम कर रही है। यह समस्या भी खत्म होते ही सभी को कम कीमत पर दवा उपलब्ध होगी।

विशिष्ट अतिथि डा. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी को ज्ञान तो गूगल से भी मिल जायेगा, लेकिन विवेकषील बनने के लिए तो मेहनत करने की आवश्यकता है।

जीएलए फार्मेसी विभाग के निदेशक डा. अरोकिया बाबू ने बताया कि तीन दिन तक फार्मेसी विद्यालयों में हो रहे रिसर्च को सभी छात्र-छात्राएं ओरल प्रेजेंटेशन व पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से साझा करेंगे और छात्रों की शोध गुणवत्ता के अनुसार प्रथम व द्वितीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किए जाएंगे।

सेमिनार में एंट्रा जेनिका नई दिल्ली, रेडिस लेबोरेटरी, नोवाट्रिस हैदराबाद, डावर रिसर्च फाउंडेषन गाजियाबाद, पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार, जुविलेंट जेनेटिक्स ग्रेटर नोएडा, ऑरिजेन ऑन्कोलॉजी बैंगलोर, मेनकाईड फार्मा नई दिल्ली, सन फार्मा बडोदरा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन और रिसर्च मोहाली पंजाब, जादवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता, जामिया हमदर्द, टेक्सस टेक यूनिवर्सिटी यूएसए, लवली विश्वविद्यालय पंजाब आदि से शोधार्थी और विषय-विशेषज्ञ शामिल हुए।

सेमिनार के अंत में मुख्य अतिथि को जीएलए के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, विशिष्ट अतिथियों को निदेशक डा. अरोकिया बाबू और विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया।

सेमिनार के सफल संचालन में विभाग के शिक्षकों और छात्रों का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डा. सोनिया सिंह ने किया।