Friday, January 16, 2026
Home Blog Page 210

प्रभारी मंत्री ने किया करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण।

विधायक राजेश चौधरी और जिलाधिकारी पुलकित खरे ने पंचायतो में हो रहे विकास कार्यों की प्रशंशा की

विकास खण्ड राया की ग्राम पंचायत में उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह , मांट विधायक राजेश चौधरी और जिलाधिकारी पुलकित खरे ने मांट विधानसभा की लगभग दर्जनों ग्राम पंचायतों में कराए गए 8 करोड़ की लागत से लगभग 60 विकास कार्यों का गांव गजू में सामूहिक लोकार्पण किया।

लोकार्पण में जिले के आला अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।
जिलाधिकारी मथुरा पुलकित खरे, जिला पंचायत राज अधिकारी किरन चौधरी, उपजिलाधिकारी मांट प्रीति जैन, क्षेत्राधिकारी मांट आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर गांव में जनसभा का आयोजन किया गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संदीप सिंह ने कहा प्रदेश की सरकार चहुंमुखी विकास कर रही है, विकास में कोई भेदभाव नहीं हो रहा है, प्रदेश में शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है, सड़कों की कनेक्टविती बेहतर हुई है। पंचायत में बना हुआ ग्राम सचिवालय एक ही छत के नीचे हमारे ग्राम वासियों को समस्त सेवाओं को दे रहे हैं ग्राम पंचायत में भी अब आधुनिक हो रही है ग्रामीणों को शौचालय आवाज पेंशन बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य सुविधाएं उत्तर प्रदेश सरकार मुहैया करा रही है पंचायती राज विभाग निरंतर ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने में लगा हुआ है।

मांट विधायक राजेश चौधरी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि गांव गजू में पंचायत भवन की मांग बहुत पुरानी थी, कुछ भू माफिया पंचायत घर की जमीन को कब्जाना चाहते थे परंतु गांव वालों की मांग को पूरा करते हुए हमने पंचायत घर बनाने का कार्य किया है, प्रदेश की सरकार गुंडों को मिट्टी में मिलाने का कार्य निरंतर कर रही है। हमारी विधानसभा में निर्मित अंत्येष्टस्थल, पंचायत सचिवालय, सामुदायिक शौचालय ,सीसी रोड, कॉमन सर्विस सेंटर आदि तीव्र विकास की तरफ पंचायतों को अग्रसर कर रहे हैं।
इस दौरान जिलाधिकारी पुलकित खरे ने गांव वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन जनता के समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। सरकार की सभी योजनाओं को नियमानुसार समय पर लागू किया जा रहा है एवं जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। यदि किसी ग्रामीण की समस्या ग्राम सचिवालय पर निस्तारित नहीं होती है, वह विकासखंड पर एवं जनपद पर जन सुनवाई के दौरान अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रख सकता है, उसका तत्काल समाधान करने की कोशिश की जाती है।
पंचायतों में बने हुए ग्राम सचिवालय ग्रामीण आवश्यकताओं की सेवाओं को देने में सक्षम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बलवीर सिंह मास्टर ने की, इस अवसर पर गजू ग्राम प्रधान जयप्रकाश ने सभी का स्वाफ़ा एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी उमाकांत मुदगल, प्रभात रंजन, सहायक खण्ड विकास अधिकारी शंकर पाल, अपर परियोजना प्रबंधक राजेश सोलंकी, ग्राम सचिव नीरज,अंशु,पूजा, आदि उपास्थित रहे।

संस्कृति विवि में राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

संतोश मैमोरियल हाल में प्रो.व्यास ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के कैंपस टू स्थित संतोष मेमोरियल हाल में विश्व पर्यावरण दिवस और राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि देश के जाने माने आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर नलिनाक्ष एस.व्यास ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं है। आपको ज्ञान हासिल करना होगा, पढ़ना होगा। अपने विषय से जुड़ी किताबों को खरीदये, उन्हें पढ़िए। दुनिया को अच्छा देने के लिए शुरुआत अपने आसपास से ही करिए। आपके आइडिया वैज्ञानिक होने चाहिए।
जुगनू सेटेलाइट लांच करने वाले प्रोफेसर व्यास ने कहा कि पर्यावरण के बारे में मंथन करते वक्त ये ध्यान रखें कि हमें अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाए जाने वाले मुद्दों को छोड़कर अपने यहां की स्थिति को लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रोजेक्ट बनाने होंगे। मसलन मथुरा में गंदगी से कैसे निजात पाई जा सकती है, यहां के सालिड वेस्ट का मैनेजमेंट कैसे किया जा सकता, पानी कैसे अच्छा किया जा सकता है, इनपर काम कीजिए और अपने आईडिया दीजिए। उन्होंने कहा कि मैं संस्कृति विवि आकर और यहां के चांसलर डा.सचिन गुप्ता की सोच को जानकर बहुत प्रभावित हुआ। आप सभी विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं जो यहां पढ़ रहे हैं। मेरा मानना है कि आपका भविष्य युवा चांसलर डा. सचिन, कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी और डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि किसी भी विषय से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार किए जा सकते हैं। उनपर 50-50 विद्यार्थियों के आइडिया मांगकर उनमें से जो सबसे अच्छे हों उनपर सरकार की सहायता से स्टार्टअप, इनोवेशन के प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने इस मौके पर विवि में इंटरनेट लैब खोलकर विद्यार्थियों को समर्पित करने का सुझाव भी दिया।
नेशनल स्किल डवलपमेंट कार्पोरेशन और संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच गठबंधन की सूत्रधार बनीं सुश्री पारुल महाजन, हेड आफ एडवोकेसी, गवर्मेंट रिलेशन, नेशनल स्किल डवलपमेंट कार्पोरेशन(एनएसडीसी) ने कार्पोरेशन और संस्कृति विवि के गठबंधन की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बताया कि स्किल डवलपमेंट के कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे उनपर संस्कृति विवि और एनएसडीसी दोनों के लोगो होंगे जिससे इन प्रमाणपत्रों की अहमियत बहुत ज्यादा होगी। उन्होंने कहा कि जिस दिन हम इस धरती को अपना घर मानना शुरू कर देंगे और इसी सोच के साथ उसकी साफ-सफाई रखना शुरू कर देंगे उसी दिन हमारी धरती का पर्यावरण स्वच्छ हो जाएगा।
समारोह में संस्कृति विवि के चांसलर डा. सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों को कहा कि आप अपने विद्यार्थी जीवन को गंभीरता से लेना शुरू कर दीजिए। आपके ज्ञान और कौशल को संवारने के लिए विवि बड़े-बड़े कदम उठा रहा है। आज आप संस्कृति विवि के माध्यम से विश्व की 300 विख्यात युनिवर्सिटी से डिग्री हासिल कर सकते हैं। एनएसडी के माध्यम से बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप कर सकते हैं, नौकरियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने इंडस्ट्री 4.0 का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हर समस्या का समाधान है। टेक्नोलाजी किसी से भी अछूती नहीं हैं। उच्छ शिक्षा के लिए दी जाने वाली बड़ी-बड़ी फीसों का समाधान खोजा जा रहा है, जो आपके सामने बहुत जल्द आ जाएगा। पूर्व में विवि के कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी ने स्वागत भाषण दिया तथा विवि के डाइरेक्टर जनरल जेपी शर्मा ने अतिथियों का परिचय कराया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन विवि की डा. रेनू गुप्ता किया। समारोह में श्रीमती कृष्णा महाजन, उदय श्राफ, संस्कृति विवि की विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, डा.रजनीश त्यागी आदि भी प्रमुख रूप से मौजूद थे।

हर व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य समझेः प्रो. नीता अवस्थी

जी.एल. बजाज में पोस्टर प्रजेंटेशन, वेस्ट सेग्रेशन और पौधरोपण कर मनाया पर्यावरण दिवस

मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा में छात्र-छात्राओं द्वारा पोस्टर प्रजेंटेशन, वेस्ट सेग्रेशन और पौधरोपण के माध्यम से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विपुल अग्रवाल, संस्थापक मथुरा प्रोजेक्ट तथा गोविन्द शर्मा सदस्य मथुरा प्रोजेक्ट ने वेस्ट सेग्रेशन के बारे में संस्थान के छात्र-छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी।
छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस इस बात की याद दिलाता है कि आज की पीढ़ी को आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और जंगलों की कटाई बढ़ते प्रदूषण की मुख्य वजह हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य समझ ले तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।
प्रो. अवस्थी ने कहा कि हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि प्लास्टिक का इस्तेमाल इस वक्त पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक है और हमें इसके इस्तेमाल को रोकने पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे में इस साल की थीम भी इसी पर आधारित है, जिसे नाम दिया गया है बीट प्लास्टिक पोल्यूशन। इस विषय को इसलिए चुना गया है ताकि प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इसके वैकल्पिक तरीकों के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर हुए पोस्टर प्रजेंटेशन में बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा सुरभि गोधारा ने बाजी मारी। जी.एल. बजाज के इन्वायरमेंटल क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के संयोजक सत्येन्द्र कुमार, आशीष कुमार और बृजेश गुप्ता रहे।

जीएलए में विश्व पर्यावरण दिवस पर पेड़ लगाओ प्रकृति बचाओ का सन्देश

जीएलए के सीएफओ, उपकुलपति और कुलसचिव ने वृक्षारोपण कर दिया प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर

मथुरा : यूं तो जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा हरे-भरे माहौल में शिक्षा प्रदान करने के नाम से विख्यात है, लेकिन इस प्रकृति के संरक्षण और सर्वधन की जिम्मेदारी हम सभी की है। इसी जिम्मेदारी के तहत विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर जीएलए के सीएफओ विवेक अग्रवाल, उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता और कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने कन्नेर, कंजी, गुड़हल आदि पौधों का रोपण किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिवार ने गुलमोहर, जामुन सहित दो दर्जन से अधिक पौधे लगाए। पौधे लगाकर सभी ने देखरेख और उनको सींचने की जिम्मेदारी भी उठाई। इसके साथ विश्वविद्यालय परिवार ने समय-समय पर वृक्षारोपण करने की भी शपथ ली। फार्मेसी विभाग के छात्रों ने वेस्ट प्लास्टिक एकत्रित कर प्लास्टिक से प्रकृति को पहुंचने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।

वहीं जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम आंझई में गोद लिए परिषदीय विद्यालयों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। यहां करीब एक दर्जन से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान यहां उपस्थित सभी शिक्षकगणों ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शपथ लेते हुए प्रकृति को संजोने का संकल्प लिया। इसके साथ ही रोपे गए पौधों को सींचने से लेकर उनको बड़ा करने की जिम्मेदारी भी ली।

इस अवसर पर सीएफओ विवेक अग्रवाल ने कहा कि मजबूत इरादों के साथ हरित विकास की ओर बढें तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संवर्धन समय की जरूरत है। वर्तमान समय में प्रकृति, पर्यावरण और जल का संरक्षण ही भावी पीढ़ी को जीवन प्रदान कर सकता है। प्राकृतिक संपदा का इस प्रकार दोहन न हो कि आने वाले समय में भावी पीढियों को जीवन के लिए ही संघर्ष करना पड़े। सामूहिक प्रयास से ही समाजिक विकास के साथ प्रकृति संरक्षण की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

हाॅटीकल्चर विभाग से गुलाब सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक विश्वविद्यालय में 400 से अधिक पौधों का रोपण हो चुका है। विश्वविद्यालय का हाॅर्टीकल्चर विभाग गोद लिए गए सुनरख स्थित रामताल, रंगजी मंदिर स्थित ब्रह्मकुंड, रसखान समाधि, ताजबीवी, कुसुम सरोवर, पांच परिषदीय विद्यालय को हरा-भरा रखने की जिम्मेदारी उठाये हुए है।

इस अवसर पर फार्मेसी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी, बीएससी एग्रीकल्चर विभाग के विभागाध्यक्ष सुरेन्द्र सिवाच, प्रशासनिक अधिकारी दीपक गौड़, सहप्रशासनिक अधिकारी धर्मेन्द्र कुलश्रेष्ठ सहित हाॅर्टीकल्चर विभाग के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

नेशनल कराटे चैम्पियनशिप में राजीव एकेडमी की प्रज्ञा ने जीता कांस्य पदक

कराटे में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रही होनहार प्रज्ञा

मथुरा। दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में हुई नेशनल कराटे चैम्पियनशिप में राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट की छात्रा प्रज्ञा चौधरी ने कांस्य पदक जीतकर समूचे मथुरा जनपद और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने छात्रा प्रज्ञा की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ज्ञातव्य है कि कराटे एसोसिएशन आफ इण्डिया द्वारा 31 से दो जून तक दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में नेशनल कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया जिसमें देश भर के लगभग डेढ़ हजार प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इस नेशनल चैम्पियनशिप में राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट की बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रज्ञा चौधरी ने निर्धारित पांच राउण्डों में से प्रथम तीन राउण्डों में ही 8-0, 8-0, 8-0 से जीत दर्ज कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। प्रज्ञा ने यह मेडल सीनियर वूमेन 50 से 59 किलो भारवर्ग में जीतकर राजीव एकेडमी का नाम रोशन किया है।
प्रज्ञा चौधरी को कराटे एसोसिएशन आफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश चौधरी ने कांस्य पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गुप्ता भी उपस्थित थे। छात्रा प्रज्ञा चौधरी ने इस सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षक हिमांशु उपाध्याय और अभिभावकों को दिया है। प्रज्ञा ने अपने सहपाठियों का आह्वान किया कि वे खेलों में करिअर बनाएं तथा खेल के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करें। प्रज्ञा भविष्य में कराटे में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रही है।

संस्कृति विवि आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को दिलाएगा उच्च शिक्षा

विवि ने शुरू की ने ‘सुकन्या शिक्षा योजना’

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय लगातार अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करने के लिए तत्परता के साथ काम कर रहा है। जहां एक ओर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनको आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत है तो वहीं दूसरी ओर प्रतिभाशाली छात्राओं के लिए जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, छात्रवृत्ति देकर उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए प्रयासरत है।
संस्कृति विश्वविद्यालय की विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि संस्कृति विवि की टीम द्वारा किए गए सर्वे में यह सामने आया है कि बहुत सी ऐसी छात्राएं हैं जो अत्यंत प्रतिभाशाली हैं, लेकिन वित्तीय बाधाओं के चलते उच्च शिक्षा से वंचित हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के चांसलर डा. सचिन गुप्ता के सामने जब ये तथ्य आए तो उन्होंने आदेश दिए कि ऐसी प्रतिभाशाली छात्राएं शिक्षा से वंचित न हों, इसके लिए विवि द्वारा योजना बनाकर तुरंत अमल की जानी चाहिए। इसी सोच के चलते विवि ने ‘सुकन्या शिक्षा योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत जिन छात्राओं के 12वीं की परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक या उससे अधिक अंक आए होंगे, उनको विवि द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान कर निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। ये वे 100 छात्राएं होंगी जिनके परिवार की अधिकतम वार्षिक आय दो लाख या दो लाख से कम(आईटीआर के अनुसार)होगी। विवि द्वारा ऐसी सभी छात्राओं को एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी और मैरिट के आधार प्रवेश पा सकेंगी। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए संस्कृति विश्वविद्यालय छाता (मथुरा) में एडमीशन सेल में या फिर 6399033329 फोन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

जीएलए में राष्ट्रीय पंजा कुश्ती चैंपियन में उत्तर प्रदेश और केरल का दबदबा

जीएलए में आयोजित पंजा कुश्ती चैंपियनशिप में पहुंचे खिलाड़ियों और अथितियों का सीएफओ ने किया सम्मान

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में चल रहे चार दिवसीय राष्ट्रीय पंजा कुश्ती चैंपियन में खिलाड़ियों के पंजे के दमखम को देखकर छात्र और शिक्षक अचंभित हैं। शनिवार को कई राज्यों के परिणाम भी सामने आ गये हैं। जिसके पहले परिणामों में उत्तर प्रदेश और केरल का दबदबा रहा। शेष राज्यों का फाइनल मुकाबला रविवार देर शाम तक होगा।

पंजा कुश्ती चैंपियन के दौरान जीएलए पहुंचे प्रो पंजा लीग के संस्थापक एवं बाॅलीवुड एक्टर प्रवीण डबास, पीपुल आर्म रेसलिंग फेडरेशन की प्रेसीडेंट एवं बाॅलीवुड एक्टर प्रीती जंघीयआनी को जीएलए के चीफ फाइनेंस ऑफिसर विवेक अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह् भेंटकर सम्मानित किया। सीएफओ विवेक अग्रवाल को उत्तर प्रदेश पंजा कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह् भेंट किया। कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता को उत्तर प्रदेश पंजा कुश्ती एसोसिएशन के तकनीकी अध्यक्ष डा. राहुल राज ने, उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता को उत्तर प्रदेश पंजा कुश्ती एसोसिएशन के वेटलिफ्टिंग कोच हरदीप सिंह ने, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह को एसोसिएशन के अभिषेक सिंह ने, जीएलए खेल विभाग के चीफ मेंटर प्रमोद जोशी को एसोसिएशन के सचिव योगेन्द्र सिंह ने किया।

इसके बाद कई भार वर्ग में फाइनल मुकाबले षुरू हुए, जिसमें सब जूनयर बालक वर्ग 45 किलो भार में असम से अभिषेक प्रथम, उत्तर प्रदेश से आनंद वर्मा द्वितीय और राजस्थान से कबीर शर्मा तृतीय रहे। 55 किलो भार वर्ग में आदित्य सिंह उत्तर प्रदेश प्रथम, बादल हरियाणा द्वितीय और शाहरुख उत्तराखंड तृतीय स्थान पर रहे। 60 किलो भार वर्ग में बहादुर अब्बास उत्तराखंड प्रथम, गौरव कुमार दिल्ली द्वितीय, अशुदुल असम तृतीय रहे। 65 किलो भार वर्ग में कृपाल शर्मा असम प्रथम, शुभम निषाद उत्तर प्रदेश द्वितीय, अतीक्ष आजी दिल्ली तृतीय पर रहे। 70 किलो भार वर्ग में दक्ष आनंद दिल्ली प्रथम, प्रिंस रघुवंशी उत्तराखंड द्वितीय, आदित्य सेमवाल उत्तराखंड तृतीय स्थान पर रहे। 70 प्लस भार वर्ग में पवन कुमार दिल्ली प्रथम, तनिष्क शर्मा उत्तर प्रदेश द्वितीय, रियान उत्तराखंड तृतीय रहे।

स्टैंडिंग प्रतियोगिता बालक वर्ग में 60 किलो भार वर्ग में हर्ष खोडियार छत्तीसगढ़ प्रथम, निखिल पटेल गुजरात द्वितीय और प्रिंस केरल तृतीय पर रहे। 70 किलो भार वर्ग में शांबोर्लन सेन मेघालय प्रथम, लव कुश हरियाणा द्वितीय और अंकित चैहान हरियाणा तृतीय रहे। 80 किलो भार वर्ग में कृष्णाकुमार केरल प्रथम, देवेंद्र यादव गुजरात द्वितीय, मोहम्मद आदिल खान उत्तर प्रदेश तृतीय पर रहे। 90 किलो भार वर्ग में श्रीनिवास कर्नाटका प्रथम, साइजल राव उत्तर प्रदेश द्वितीय, मनोज पटेल गुजरात तृतीय स्थान पर रहे। 100 किलो भार वर्ग में श्रीधर कर्नाटका प्रथम और नागेश कर्नाटका द्वितीय पर रहे।
मास्टर कैटेगरी बालक वर्ग में 70 किलो भार वर्ग में सुरेंद्र सैनी हरियाणा प्रथम, माधो केरल द्वितीय, मयंक पटेल गुजरात तृतीय रहे। 80 किलो भार वर्ग में राजेश केरल प्रथम, बाइजुमों केरल द्वितीय, लक्ष्मण सिंह दिल्ली तृतीय पर रहे। 90 किलो भार वर्ग में फैसल केरल प्रथम, शानू कुमार केरल द्वितीय, सर्वजीत सिंह दिल्ली तृतीय पर रहे। 100 किलो भार वर्ग में मोहम्मद हाशिम केरल प्रथम, केबी जुबान मेघालय द्वितीय, गजेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश तृतीय पर रहे। 100 प्लस भार वर्ग में नवीन पायल केरल प्रथम पर रहीं।

ग्रांड मास्टर कैटेगरी राइट हैंड बालक वर्ग में 70 किलो भार वर्ग में अनिल भास्कर केरल प्रथम रहे। 80 किलो भार वर्ग में शिबू केरल ने प्रथम स्थान पाया। 90 किलो भार वर्ग में सुरेश मधुबन केरल प्रथम रहे। 100 किलो भार वर्ग में महबूब खान मध्य प्रदेश प्रथमी रहे। 100 प्लस भार वर्ग में जितेंद्र चैहान उत्तराखंड प्रथम रहे। पैरा सीटिंग कैटेगरी लेफ्ट एंड बालक वर्ग में 55 किलो भार वर्ग में हरीश कुमार वर्मा गुजरात प्रथम रहे। 70 किलो भार वर्ग में दीपक शर्मा मध्य प्रदेश प्रथम रहे। 90 प्लस भार वर्ग में गिरीश मकवाना गुजरात प्रथम रहे।

जीएलए खेल विभाग के कोच और चैंपियनशिप डायरेक्टर जेपी सिंह के निर्देशन में चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन कोच भूपेन्द्र सिंह कर रहे हैं।

इस अवसर पर एशियन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी इंफाल के कुलपति अनूप प्रधान, एएमयू अलीगढ के फिजिकल एजुकेशन के प्रोफेसर वीपी सिंह, असम के प्रयांक महानता, पंजा कुश्ती एसोसिएशन के श्रीकांत वारनकर, लक्ष्मण भंडारी, आंचल दादा, केरल से जो जी एलयूर, प्रक्ष जादौन, गेल इंडिया के मैनेजर कीर्तन कुमार निगानिया आदि उपस्थित रहे।

रियल एस्टेट में सेवाएं देंगे राजीव एकेडमी के तीन छात्र

उच्च पैकेज पर मिले जॉब से खुशी का माहौल

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राएं लगातार राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में सेवा का अवसर हासिल कर रहे हैं। हाल ही में यहां के तीन एम.सी.ए. छात्रों का रियल एस्टेट की प्रसिद्ध कम्पनी कॉमण्डोर रियलिटी प्रा.लि. में उच्च पैकेज पर चयन हुआ है। चयनित छात्रों ने इसका श्रेय संस्थान द्वारा प्लेसमेंट पूर्व कराई जा रही तैयारियों को दिया है।
राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट विभाग के अनुसार विगत दिवस एमसीए के अमन, अंकित चौधरी तथा चेतन कौशिक को कॉमण्डोर रियलिटी प्रा.लि. में उच्च पैकेज पर चयनित किया गया है। प्लेसमेंट की समस्त आवश्यक परीक्षाओं में इन तीनों विद्यार्थियों का प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा। साक्षात्कार के उपरान्त इन तीनों छात्रों को ज्वाइनिंग लेटर प्रदान किए गए। कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 में स्थापित उक्त कम्पनी रियल एस्टेट के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है। बेंगलुरू (कर्नाटक) में इसका प्रधान कार्यालय है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने चयनित छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि एम.सी.ए. की महत्वपूर्ण डिग्री के साथ ही प्लेसमेंट से जॉब मिलना बड़ी उपलब्धि है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज प्रत्येक छात्र पढ़ाई पूरी करते ही मनमाफिक जॉब चाहता है। यह खुशी की बात है कि राजीव एकेडमी में युवाओं को न केवल समसामयिक शिक्षा मिल रही है बल्कि अच्छी कम्पनियों में सेवा के अवसर भी मिल रहे हैं।
निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित छात्रों को बधाई देते हुए कठिन परिश्रम करते हुए आगे बढ़ने की सलाह दी। डॉ. सक्सेना ने कहा कि रियल एस्टेट के क्षेत्र में छात्र की मार्केटिंग स्किल बहुत काम आती है। उन्होंने कहा कि राजीव एकेडमी प्रत्येक छात्र-छात्रा के स्वर्णिम करिअर को प्रतिबद्ध है।

जीएलए में उमड़ा खिलाड़ियों का हुजूम, दिखाया पंजे का दम

जीएलए में आयोजित राष्ट्रीय पंजा कुश्ती प्रतियोगिता में 22 राज्यों के खिलाड़ी कर रहे हैं प्रतिभाग

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में 4 दिवसीय राष्ट्रीय पंजा कुश्ती चैंपियनशिप की शुरुआत हो चुकी है। पहले दिन देर सायं तक कई राज्यों के बीच लीग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 22 राज्यों के करीब 1200 से अधिक महिला-पुरुष खिलाड़ियों के बीच पंजे का खूब जोर देखने को मिला।

शुक्रवार को राष्ट्रीय पंजा कुश्ती चैंपियनशिप का शुभारंभ मुख्य अतिथि चीफ फाइनेंस ऑफिसर विवेक अग्रवाल, प्रो पंजा लीग के संस्थापक एवं बाॅलीवुड एक्टर प्रवीण डबास, पीपुल आर्म रेसलिंग फेडरेशन की प्रेसीडेंट एवं बाॅलीवुड एक्टर प्रीती जंघीयआनी ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत गणेशीलाल अग्रवाल जी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।

शुभारंभ के दौरान विभिन्न प्रदेशों से आये पंजा कुश्ती खिलाड़ियों से रूबरू होते हुए सीएफओ विवेक अग्रवाल ने कहा कि जीएलए अब वट वृक्ष बन चुका है। यहां के खेल मैदान अब इतने विशालकाय बन चुके हैं कि यहां राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेलों का आयोजन समय-समय पर होता रहता है। शुक्रवार से विश्वविद्यालय में ही में चार दिवसीय पंजा कुश्ती की शुरुआत हो चुकी है, जो कि विश्वविद्यालय और ब्रज के लिए एक गौरव का विषय है कि ब्रज में स्थित एक मात्र बेहतर शिक्षा के साथ खेलों में अपना परचम लहराने वाले विश्वविद्यालय में 22 राज्यों उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, दिल्ली, बंगाल आदि राज्यों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया है।

प्रो पंजा लीग के संस्थापक एवं बाॅलीवुड एक्टर प्रवीण डबास एवं पीपुल आर्म रेसलिंग फेडरेशन की प्रेसीडेंट एवं बाॅलीवुड एक्टर प्रीती जंघीयआनी ने सर्वप्रथम विश्वविद्यालय का भ्रमण कर खेल मैदानों को परखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के खेल मैदानों देखकर साबित होता है कि जीएलए के छात्र पढ़ाई के साथ खेलों में अपना परचम लहरा रहे हैं। इस दौरान जीएलए खेल विभाग के कोचों द्वारा विभिन्न प्रदेशों में राष्ट्रीय स्तर पर बीते दिनों आयोजित हुए खेलों में विजय पताका फहराने वाले छात्रों के बारे में जानकारी दी।

जीएलए खेल विभाग के कोच और चैंपियनशिप डायरेक्टर जेपी सिंह ने बताया कि पहले दिन लीग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी कोहनी के दम पर हाथ के पंजे के इस्तमाल से खूब जोर आजमाइश दिखाई। खिलाड़ियों ने भी छात्र दर्षकों की जमकर तालियां बटोरीं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक राज्य की टीम के लिए विश्वविद्यालय की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की गईं हैं। पहले और दूसरे दिन तक लीग प्रतियोगिता होगी। इसके बाद तीसरे दिन क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और चौथे दिन फाइनल चैंपियनशिप का आयोजन होगा। फाइनल चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के बीच एड़ी-चोटी का जोर आजमाइश देखने को मिलेगी। प्रत्येक टीम चाहेगी कि वह जीएलए में वह चैंपियन बने। चैंपियनशिप का संचालन कोच भूपेन्द्र मिश्रा कर रहे हैं।

कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता एवं कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, स्टूडेंट वेलफयर के डिप्टी डीन डाॅ. हिमाँशु शर्मा ने सभी खिलाड़ियों को अग्रिम शुभकामनायें दीं। इस अवसर पर जेपी सिंह, अमित कुमार शर्मा, अमित कुमार सिंह, आशीष राय, रितु जाट, राहुल उपाध्याय, हरीओम शुक्ल, आकाश कुमार, सौरभ गुप्ता, सोनिका, मुकेश के सहयोग से पंजा कुश्ती आयोजित की जा रही है।

शिविर में जो कुछ सीखा उसका अभ्यास जरूरीः डॉ. देवेन्द्र पाठक

राजीव इंटरनेशनल स्कूल में ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन

मथुरा। 24 से 31 मई तक राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विभिन्न क्रीड़ांगनों में चले ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों का गुरुवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच समापन किया गया। समापन अवसर पर राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने शिविरों में अपने प्रशिक्षकों और गुरुजनों से जो कुछ भी सीखा है, उसका अभ्यास जरूर करते रहें। डॉ. पाठक ने कहा कि खेल हो या कोई अन्य गतिविधि उसमें अभ्यास का विशेष महत्व है। यदि हम निरंतर सीखी बातों पर अमल करेंगे तो अपना लक्ष्य भी हासिल कर पाएंगे।
समापन अवसर पर स्कूल की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने बताया कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल में 24 से 31 मई तक ग्रीष्मकालीन शिविरों में विद्यार्थियों की रुचि व क्षमता के आधार पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। आठ दिन तक चले विभिन्न शिविरों में कुकिंग क्लासेज में विद्यार्थियों ने तरह-तरह के व्यंजन बनाना सीखा तो दूसरी तरफ वेस्ट मटीरियल से अनेक शोपीस भी बनाये। इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं ने सुयोग्य प्रशिक्षकों से भारतीय से लेकर पाश्चात्य नृत्य-संगीत में भी महारत हासिल की। ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों में छात्र-छात्राओं को स्केटिंग, बॉस्केटबॉल, टेनिस, क्रिकेट आदि खेलों की बारीकियां भी सिखाई गईं। समापन अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सीखी गई सभी कलाओं का प्रदर्शन किया।

केक काटकर ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का समापन करते राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक


आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से हम छिपी प्रतिभाएं खोज सकते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पूरी निष्ठा व लगन से सीखी गई विद्या तथा की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी कभी भी हार नहीं मानता, यही खिलाड़ी की विशेषता होती है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल का कहना है कि आजकल बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बहुत अधिक रहता है। ऐसे समय में इस तरह के शिविर विद्यार्थियों को खेल-खेल में बहुत कुछ सीखने का अच्छा अवसर हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को असफलता से घबराने की बजाय उससे सीख लेनी चाहिए। खेलों का जीवन में बहुत महत्व है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को प्रतिदिन कुछ समय खेलों के लिए निकालना चाहिए ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।