Friday, January 16, 2026
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कारागार एवं होमगार्ड मंत्री के.डी. हॉस्पिटल में भर्ती घायल जवान से मिले

मंत्री प्रजापति ने दी आर्थिक मदद, चिकित्सकों से पूछा मरीज का हाल

मथुरा। उत्तर प्रदेश के कारागार एवं होमगार्ड राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति बुधवार सुबह कोई 9 बजे के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर आए और उन्होंने रविवार को सड़क हादसे में घायल होमगार्ड जवान वीरेन्द्र सिंह (38) निवासी ग्राम पसौली, तहसील छाता, मथुरा का मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं उप प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार से कुशलक्षेम जानने के बाद उसके परिजनों को आर्थिक मदद दी और कहा कि उसके इलाज में किसी तरह की कोई आर्थिक परेशानी आड़े नहीं आएगी।
मंत्री धर्मवीर प्रजापति के के.डी. हॉस्पिटल आगमन पर हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। सड़क हादसे में घायल होमगार्ड जवान वीरेन्द्र सिंह को देखने के बाद मंत्री श्री प्रजापति ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि यह जवान मेरे परिवार का सदस्य है, इसके इलाज में हर तरह की आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने होमगार्ड जवान के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के बाद कहा कि वह घायल जवान की गरीबी को देखते हुए हरमुमकिन आर्थिक मदद देने के साथ ही मुख्यमंत्री सहायता कोष से भी मदद दिलाने के लिए अनुरोध करेंगे।
ज्ञातव्य है कि होमगार्ड जवान वीरेन्द्र सिंह (38) निवासी ग्राम पसौली, तहसील छाता, मथुरा रविवार को वाहन के इंतजार में खड़ा था जिसे गलत दिशा से आ रहे एक ट्रेक्टर ने टक्कर मार दी। उसे गम्भीर हालत में के.डी. हॉस्पिटल लाया गया। विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह के प्रयासों से घायल जवान को खतरे से बाहर निकाला गया। डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मंत्री श्री प्रजापति को बताया कि अब जवान खतरे से बाहर है। अब उसका उपचार हड्डी रोग विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा क्योंकि उसे सीने सहित तीन जगह गम्भीर चोटें हैं। इस अवसर पर मंत्री श्री प्रजापति ने जवान के त्वरित उपचार के लिए के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन का आभार मानते हुए उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
जवान से मुलाकात के बाद मंत्री प्रजापति ने उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार और अमित शर्मा से के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर द्वारा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी हासिल की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस और होमगार्ड के आलाधिकारियों के साथ ही हॉस्पिटल प्रभारी अमित शर्मा, समीर गौतम, वेदप्रकाश, प्रियकांत यादव, अखिलेश शुक्ला, अतुल पाठक सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे।

झाड़-फूंक नहीं बल्कि मनोरोगी का कराएं इलाजः डॉ. कमल किशोर वर्मा

के.डी. हॉस्पिटल में मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस के उपलक्ष्य में मानसिक रोग विभाग द्वारा मंगलवार को मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कमल किशोर वर्मा ने इस रोग के लक्षणों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मनोरोग से पीड़ित व्यक्ति को झाड़-फूंक के चक्कर में न डालते हुए उसका सही तरीके से चिकित्सकीय उपचार कराना चाहिए।
डॉ. वर्मा ने बताया कि सिजोफ्रेनिया का मरीज हमेशा भ्रम की स्थिति में रहता है। वह अकेले रहना और खुद से बातें करना पसंद करता है। उसे ऐसी चीजें दिखाई व सुनाई देती हैं, जो हकीकत में होती ही नहीं हैं। धीरे-धीरे उसका व्यवहार हिंसक और आक्रामक हो जाता है। यह बीमारी इस हद तक बढ़ जाती है कि व्यक्ति अपना ही दुश्मन बन जाता है। यह मानसिक बीमारी कई बार आत्महत्या का कारण बन जाती है। बीमारी का कारण आनुवांशिक, तनाव, पारिवारिक झगड़े व नशे की लत हो सकती है। ऐसे में समय से समुचित इलाज बेहद जरूरी है। इलाज शुरू होने पर मरीज आठ से 10 महीने में ठीक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव में आमतौर पर लोग इस बीमारी की चपेट में आने वाले व्यक्ति की सनक या भूत-प्रेत का साया समझ बैठते हैं। जबकि इसमें अपनी भावनाओं व विचारों पर मरीज़ का कोई नियंत्रण नहीं रहता। ऐसे मरीजों के परिजन कई बार झाड़-फूंक कराने में लग जाते हैं इससे इनकी मानसिक स्थिति और खराब हो जाती है। इसलिए परिजनों को अंधविश्वास में न पड़कर ऐसी स्थिति में मरीज को इलाज के लिए चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. विदुषी मक्कड़ ने बताया कि सिजोफ्रेनिया एक गंभीर बीमारी है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बेहतर जीवन देने के लिए घर-परिवार के लोगों को संयम बरतना चाहिए क्योंकि इस तरह के रोगी को परिवार के सपोर्ट की बहुत आवश्यकता होती है। इस बीमारी का साधारण इलाज है लेकिन रोगी को समय रहते डॉक्टर के पास ले जाना जरूरी है। समय रहते यदि इस तरह के मरीजों को उपचार मिल जाए तो वे पूरी तरह ठीक हो सकते हैं और समाज की मुख्य। धारा में शामिल हो सकते हैं। आपको बता दें कि प्रतिवर्ष 24 मई को विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं जन जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. अंकुश सिंह, डॉ. प्रियंका अरोड़ा, डॉ. रवनीत कौर, नैदानिक मनोविज्ञानी सचिन गुप्ता, मनोचिकित्सकीय सामाजिक कार्यकर्ता संध्या कुमारी, राधारानी चतुर्वेदी, नर्सिंग इंचार्ज मनोरोग विभाग पूजा कुंतल, मंजनी तथा बड़ी संख्या में मनोरोगी और उनके परिजन उपस्थित थे।

जीएल बजाज और ऑक्ट्रो इंक के साथ हुआ अनुबंध

छात्र-छात्राओं को प्रौद्योगिकी और नवाचार सीखने में मिलेगी मदद

मथुरा। छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता में इजाफा करने, आधुनिकतम प्रौद्योगिकी से रूबरू कराने तथा परस्पर ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रगाढ़ करने के लिए सोमवार को जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा तथा नोएडा स्थित गेमिंग डोमेन की उत्पाद विकास कम्पनी ऑक्ट्रो इंक के साथ अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। अनुबंध पत्र पर जी.एल. बजाज की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी तथा ऑक्ट्रो इंक की वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन रेशमा सुलेमान ने हस्ताक्षर किए।
अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कम्प्यूटर साइंस, मैकेनिकल तथा विभिन्न विभागों के उपस्थित प्राध्यापकों का मेहमानों से परिचय कराया। प्रो. अवस्थी ने कहा कि इस समझौते से दोनों संस्थानों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं इससे छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण और विकास में नए आयाम जुड़ेंगे। प्रो. अवस्थी ने कहा कि ऑक्ट्रो इंक से हुए अनुबंध से वर्तमान और आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए कैम्पस की व्यस्तता और इंटर्नशिप हायरिंग के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर रेशमा सुलेमान ने जी.एल. बजाज के प्राध्यापकों को हायरिंग उद्योग मामलों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि गेमिंग डोमेन के नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के उन छात्र-छात्राओं के कौशल में सुधार करेंगे जोकि कैम्पस प्लेसमेंट का लक्ष्य बना रहे हैं। उन्होंने उपस्थित प्राध्यापकों को पिछले साल अन्य शैक्षणिक संस्थानों से नियुक्त हुए छात्र-छात्राओं की जानकारी भी दी। सुश्री सुलेमान ने छात्र-छात्राओं के कोडिंग कौशल और प्रौद्योगिकी ज्ञान द्वारा लाइव परियोजनाओं में उनके योगदान का विशेष उल्लेख किया।
रेशमा सुलेमान ने व्यक्तिगत रूप से उन कुछ छात्र-छात्राओं के बारे में बात की, जिन्होंने ऑक्ट्रो इंक में सभी फ्रेशर्स को मात दी है। उन्होंने प्राध्यापकों तथा छात्र-छात्राओं से प्रौद्योगिकी ज्ञान तथा संचार में अंग्रेजी के उपयोग के संदर्भ में उद्योग की अपेक्षाओं पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की तथा नवीनतम तकनीक और फुल स्टैक सीखने की शुरुआत पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक नीरज गर्ग प्लेसमेंट विभाग जीएल बजाज द्वारा किया गया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा तथा ऑक्ट्रो इंक के साथ जो अनुबंध हुआ है वह दोनों ही संस्थानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जीएल बजाज भारत और विदेशों में अग्रणी प्रौद्योगिकी संगठनों के साथ अपने सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के अनुबंध जारी रखेगा ताकि छात्र-छात्राओं को प्रौद्योगिकी और नवाचार सीखने में मदद मिल सके।

प्रतिभाओं की कमी नहीं, केवल अच्छे प्लेटफार्म की जरूरत: भाटिया

क्रेज अकादमी के खिलाड़ियों ने 10 पदक जीतकर फहराया परचम, स्वागत

मथुरा। फिरोजाबाद के जनता इंटर कॉलेज में ताइक्वांडो प्रतियोगिता में क्रेज ताइक्वांडो अकडमी के खिलाड़ियों ने 10 मैडल जीते तो दो ट्रॉफी जीतकर परचम लहरा दिया। इन खिलाड़ियों के मथुरा पहुंचने पर बिड़ला मंदिर पर भाजपा पार्षद और पुलिस अफसरों ने स्वागत करके आशीर्वाद दिया।
शनिवार की शाम हुए कार्यक्रम में बच्चों को आशीर्वाद देते हुए नवनिर्वाचित भाजपा पार्षद राकेश भाटिया ने कहा कि केवल बच्चों को प्लेटफार्म मिलना चाहिए, यह प्लेटफार्म क्रेज ताइक्वांडो अकादमी के अध्यक्ष और कोच कुशल जोशी ने देकर इनकी प्रतिभाएं निखारी हैं। यही प्रतिभाएं आगे जाकर देश का नाम भी विदेशी धरती पर ऊंचा करेंगी। इससे पहले स्वागत समारोह में भाजपा पार्षद, थाना गोविंदनगर के एसएचओ ललित भाटी, बिड़ला मंदिर चौकी प्रभारी नीरज भाटी, समाजसेवी सईद का माला पहनाकर स्वागत किया गया। सभी विजयी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करके शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ी चेष्टा सोनी, शकील खान, समर्थ ने स्वर्ण पदक, राहुल कौशिक, किशोरी, सक्षम, विश्वरा ने रजत पदक और उन्नति, हार्दिक, तनु ने कांस्य पदक जीता। बेस्ट प्लेयर बॉयज शकील खान और बेस्ट प्लेयर गर्ल्स चेष्टा सोनी रहे। टीम कोच कौशल जोशी और टीम मैनेजर उत्कर्ष रहे। इस मौके पर भाजपा नेता घनश्याम गौतम, भाजपा नेता चंद्रभान शर्मा, दिनेश,साहिल, सुनील वर्मा, सिम्मी बेगम मौजूद रहीं।

राजीव एकेडमी के 11 विद्यार्थियों का उच्च पैकेज पर चयन

सेंसस कंसल्टेंट कम्पनी में फुलटाइम प्रॉपर्टी रिलेटर के पद पर देंगे सेवाएं

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के 11 विद्यार्थियों का सेंसस कंसल्टेंट कम्पनी में फुलटाइम प्रॉपर्टी रिलेटर के पद पर उच्च पैकेज पर चयन किया गया है। चयनित छात्र-छात्राओं में जहां खुशी का माहौल है वहीं उन्होंने इसका श्रेय संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली को दिया है।
राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विगत दिवस सेंसस कंसल्टेंट कम्पनी के पदाधिकारी यहां कैम्पस प्लेसमेंट को आए और उन्होंने छात्र-छात्राओं का बौद्धिक मूल्यांकन करने के बाद साक्षात्कार लिया और 11 छात्र-छात्राओं को उच्च पैकेज पर आफर लेटर प्रदान किए। चयनित छात्र-छात्राओं में बीबीए के आदित्य जग्गी, अमिष प्रताप सिंह, अनामिका सिंह, बबिता सेंगर, चेतन खण्डेलवाल, गौरव शर्मा, हर्ष अग्रवाल, कपिल शर्मा, कार्तिक अग्रवाल और बी.ईकॉम के नमन अग्रवाल तथा पवन कुमार शामिल हैं। चयनित छात्र-छात्राओं का कार्य क्षेत्र हरियाणा का गुरुग्राम होगा।
चयन प्रक्रिया से पहले पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि सेंसस कम्पनी रेजीडेंसियल प्रोजक्ट कम्पनी है। कम्पनी अब तक 23 बड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर चुकी है। मुख्यतः यह जनगणना सलाहकार का कार्य करती है। कम्पनी गुरुग्राम में सभी प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक, कृषि और औद्योगिक सम्पत्तियों की खरीद और बिक्री का सौदा तय कराती है। यह कम्पनी आईआरईओ, त्रेहन, डीएलएफ, यूनीटेक, विपुल, वाटिका, एम्मार, एमजीएफ और अन्य कई आवासीय सम्पत्तियों की बुकिंग भी कराती है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा है कि अध्ययन के साथ-साथ उच्च पैकेज पर जॉब मिलने से भविष्य की राह आसान हो जाती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में बिना अर्थ के जीवन की व्यवस्था को सुचारु बनाना कतई सम्भव नहीं है। विद्यार्थी लगातार कठिन परिश्रम करते हुए जॉब का जो सुअवसर मिला है उसे स्वीकार करें। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल व संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

वाद-विवाद प्रतियोगिता में काव्या विजेता, सूरज रहे उप विजेता

जी.एल. बजाज में महिला-पुरुष के समान अधिकारों पर हुए विविध कार्यक्रम

मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा के महिला प्रकोष्ठ द्वारा महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकारों पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा परस्पर संवाद के जरिए इस विषय पर समाधान निकालने की कोशिश की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. शिखा गोविल तथा डॉ. उदयवीर सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलित कर किया गया।
डॉ. शिखा गोविल ने कहा कि समय बदल रहा है। सरकार व समाज की तरफ से नारी सशक्तीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन यदि महिला और पुरुष की समानता में जरा भी विभेद रहा तो ऐसे प्रयासों के कोई मायने नहीं रह जाते। डॉ. गोविल ने कहा कि असल जीवन में यदि हम अपने देश, समाज और परिवार का उत्थान चाहते हैं तो महिला समाज का उत्थान, महिलाओं और पुरुषों के अधिकारों में समानता पर ही सम्भव हो सकता है।


कार्यक्रम की समन्वयक ऋचा मिश्रा ने कहा कि इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य महिला-पुरुष की समानता पर जोर देना और महिलाओं के प्रति मिथक धारणाओं को छोड़ नारी को भी समाज और राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ना है। कार्यक्रम की शुरुआत महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित पिछले कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ हुई। उसके बाद छात्रों ने महिलाओं के लिए शिक्षा और करियर के अवसरों पर एक स्क्रिप्ट का प्रदर्शन करते हुए समान अवसरों के महत्व और इसे प्राप्त करने में शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस स्क्रिप्ट को उपस्थित प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं द्वारा खूब सराहा गया।
स्क्रिप्ट के बाद वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने महिला-पुरुष की बराबरी के महत्व पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। बहस जीवंत और काफी ज्ञानवर्धक रही। बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा काव्या ने महिलाओं का पक्ष रखते हुए कहा कि आज विकास और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। आज शिक्षा के क्षेत्र में तो लड़कों से अच्छा औसत लड़कियों का होता है। यदि हम लड़कियों को मौका दें तो वे बहुत आगे जा सकती हैं लेकिन वहां पुरुषों के अहम को ठेस पहुंचती है तथा समानता की भावना दब जाती है। काव्या ने कहा कि आज महिलाओं के प्रति संकीर्ण भावना को त्यागना बहुत जरूरी है।

महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकारों पर कार्यक्रम पेश करते छात्र-छात्राएं तथा उपस्थित प्राध्यापक


कार्यक्रम के अंत में निर्णायकों ने विजेता और उप-विजेता छात्र-छात्राओं की घोषणा की। वाद-विवाद प्रतियोगिता में बीटेक प्रथम वर्ष की काव्या विजेता रहीं तथा सूरज सिंह चौहान बी.टेक द्वितीय वर्ष (सीएसई-एआईएमएल) उप-विजेता रहे। बीटेक प्रथम वर्ष की प्राची वशिष्ठ, साक्षी माहौर, खुशबू चौधरी, आयुष शर्मा तथा योगेश ने अपनी लघु नाटिका के माध्यम से महिला और पुरुषों के अधिकारों का बेहतरीन मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन ऋचा मिश्रा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में सह संयोजक स्तुति गौतम तथा छात्र समन्वयक इशिता अग्रवाल और तनीषा की भूमिका सराहनीय रही।

राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर

मार्शल आर्ट आत्मरक्षा की सबसे प्रभावी कलाः संजय चौहान

मथुरा। मार्शल आर्ट आत्मरक्षा की सबसे प्रभावी कला है। मार्शल आर्ट सीखने वाले छात्र-छात्राओं के दिल व दिमाग से हमेशा के लिए डर निकल जाता है। मार्शल आर्ट ऐसी विधा है जोकि लगातार प्रैक्टिस करने से ही आती है। यह बातें चतुर्थ डिग्री ब्लैक बेल्टधारी और इण्टरनेशनल ताईक्वांडो फेडरेशन अवॉर्ड प्राप्त संजय चौहान ने राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के बीबीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को बताईं।
राजीव एकेडमी में बुधवार को आत्मरक्षा में मार्शल आर्ट की उपयोगिता विषय पर आयोजित मोटीवेशनल गेस्ट लेक्चर में श्री चौहान ने छात्र-छात्राओं से कहा कि हम दूसरों की रक्षा तभी कर सकते हैं जब स्वयं की सुरक्षा करने में समर्थ होंगे। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के आधुनिकतम युग में भी आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट का हुनर ही सबसे उत्तम है। यही ऐसी विधा है जो हर समय आपके पास रहती है। यदि हमें निडर और बेखौफ जीवन बसर करना है तो हमें मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण जरूर लेना चाहिए।
श्री चौहान ने कहा कि यदि आप मार्शल आर्ट जानते हैं तो औरों की बजाय स्वयं की रक्षा करने में अधिक सक्षम हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुक्केबाजी, जीतकुनेडो, जीउजित्सु, जूडो, मावमागा, मयथाई, सम्बो आदि मार्शल आर्ट के ही विभाग हैं। हम इनमें से किसी एक कला में दक्षता हासिल कर स्वयं की आत्मरक्षा कर सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि मार्शल आर्ट सीखने के लिए अच्छे उस्ताद (गुरू) का चयन करें। दूसरे आप उक्त कला को सीखते समय अपने मन और मस्तिष्क पर फोकस करें। ध्यान रहे कि मन और मस्तिष्क एक ही है। मस्तिष्क जो शरीर को आर्डर करेगा वह तत्काल करेगा, यदि शरीर और मस्तिष्क में तालमेल ठीक रहेगा तो आप सामने वाले श्रेष्ठ जानकार को भी हरा सकेंगे।
श्री चौहान ने छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा की वे पांच कलाएं भी बताईं जिनको सीखने के बाद कोई भी अपनी सुरक्षा आसानी से कर सकता है। उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे स्वयं की रक्षा के लिए मार्शल आर्ट जरूर सीखें। श्री चौहान ने कहा कि हर बेटी अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ले तभी वह सही मायने में पॉवरफुल महिला कहलाने की हकदार होगी। उन्होंने बताया कि किसी हमले की हालत में अटैकर की आंखों में उंगलियों से वार करें। हथेली का मुक्का बनाकर अटैकर के कानों पर मारें या उसके घुटनों पर किक करें। कभी किसी के चेहरे पर मुक्के से वार न करें क्योंकि इससे उसके दांतों से आप खुद घायल हो सकती हैं। इसकी बजाय कुहनी का इस्तेमाल करें। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चतुर्थ डिग्री ब्लैक बेल्टधारी संजय चौहान का आभार माना।

डॉ अंबेडकर बाल संरक्षण शिक्षक प्रशिक्षण” नामक पायलट प्रशिक्षण की शुरुआत

सोमवार को निर्मल इनिशिएटिव द्वारा डायट मथुरा के तत्वाधान में बाल यौन शोषण की रोकथाम के लिए “डॉ अंबेडकर बाल संरक्षण शिक्षक प्रशिक्षण” नामक पायलट प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। इस पायलट में मथुरा ज़िले के 10 कंपोजिट स्कूल के प्रतिनिधि शिक्षकों ने भाग लिया। डायट प्रिंसिपल महेंद्र कुमार सिंह जी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा की बाल यौन शौषण की रोकथाम में विद्यालय की मुख्य भूमिका है।बच्चों की लिए सुरक्षित अधिगम वातावरण का निर्माण करना शिक्षकों – शिक्षिकाओं के लिए मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। संस्था की निदेशिका श्वेता गोस्वामी ने इस कार्यशाला की अगुवाई करी और बताया कि यह कार्यशाला को मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई भावनाओं, लिंग और हिंसा को ध्यान में रख कर ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है।

स्कूल के शिक्षक (विशेष रूप से प्राथमिक स्तर) मॉड्यूल के प्राथमिक लाभार्थी हैं, और उनके संबंधित छात्रों को मॉड्यूल के द्वितीय लाभार्थी के रूप में देखा जा सकता है। क्योंकि, बाल यौन उत्पीड़न एक प्रयोगशाला में हुआ समीकरण नहीं है, बल्कि यह एक जटिल सामाजिक जाल है, जिसमें जेंडर, जाति, हिंसा, शरीर, बचपन, परिवार आदि शामिल होते हैं। इसलिए, इस मुद्दे के समाधान के लिए भी एक बहु-स्तरीय, ठोस और नियमित सहभागिता की आवश्यकता होती है। इसलिए यह कार्यशाला 1 वर्ष के अंतराल में छह चरणों में पूर्ण होगी जिसमे 10 प्राइमरी स्कूल शामिल रहेंगे।

इस कार्यशाला का उद्देश्य बाल यौन उत्पीड़न के प्राथमिक रोकथाम में स्कूल और शिक्षकों की भूमिका को समझना, बाल यौन उत्पीड़न के संबंध में मौजूदा पूर्वधारणाओं, भ्रमों और असहजताओं की पहचान और विचार करना तथा बाल यौन उत्पीड़न के संबंध में मुख्य अवधारणाओं और परिभाषात्मक मुद्दों को समझना है।

आरआईएस के छात्र-छात्राओं ने मातृशक्ति को किया नमन

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया मदर्स डे

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने रविवार को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मदर्स डे मनाया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने मां की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए नारी शक्ति को नमन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एडीजे पल्लवी अग्रवाल, एडीजे पूनम पाठक, विशिष्ट अतिथि नीरू ऑनर सॉल्ट एंड पेपर कम्पनी, किरण चुग ऑनर केक हाउस, सृष्टि राना, अविनाश ऑनर द नेशनल नेक्स्ट लेवल डांस स्टूडियो द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।


राजीव इंटरनेशनल स्कूल में छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लास के बीच मदर्स डे मनाया। इस अवसर पर
छात्र-छात्राओं द्वारा पन्नाधाय के बलिदान को दर्शाती नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। विद्यालय में पधारी छात्र-छात्राओं की माताओं के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने नृत्य, कुकिंग, हेंडीक्राफ्ट एवं रैम्पवॉक में उत्साहपूर्वक प्रतिभागिता की। आगंतुक अतिथियों ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए सभी मातृशक्ति को मदर्स डे की शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता माताओं को पुरस्कृत किया गया।


आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने मातृशक्ति को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर इंसान के जीवन में मां का स्थान सर्वोपरि है। मां ही बच्चे की प्रथम गुरु होती है। विद्यालय के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना की और कहा कि बच्चों को एक दिन ही नहीं बल्कि प्रतिदिन अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि मातृशक्ति स्वयं को माँ, बहन, बेटी आदि रूपों में ढालकर इस संसार को सम्पूर्ण बनाती है।


विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने सभी माताओं को उत्साहित करते हुए कहा कि जीजाबाई जैसी माताओं के कारण ही भारत सदैव महान कहलाया है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंटकर में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए आभार माना। कार्यक्रम का संचालन भाव्या, काश्वी, प्रणिका, वीथिका एवं सूर्यांश ने किया।

सेवा का नाम ही नर्स हैः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल

हर्षोल्लास से मना के.डी. हॉस्पिटल में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सभागार में आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार, जनरल मैनेजर अरुण अग्रवाल, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट शीला एलेक्स आदि ने केक काटकर अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस मनाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नर्सेज तथा कांती देवी नर्सिंग कॉलेज एण्ड पैरामेडिकल साइंस के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सेवा का नाम ही नर्स है। नर्सेज के काम और सेवाभाव को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पेशेवर डॉक्टर जब दूसरे रोगियों को देखने में व्यस्त होते हैं, तब रोगियों की चौबीस घण्टे देखभाल करने की जिम्मेदारी नर्स की ही होती है। नर्सेज न केवल रोगियों के मनोबल को बढ़ाती हैं बल्कि रोगी को बीमारी से लड़ने तथा स्वस्थ होने के लिए भी प्रेरित करती हैं। एक नर्स अपनी परेशानी को नजरअंदाज करते हुए मानसिक और भावनात्मक दृष्टि से हमेशा रोगी की देखभाल करती है। एक नर्स ही होती है जो अपने जान की परवाह किए बिना दूसरों का जीवन बचाती है। अंत में डॉ. अग्रवाल ने सभी नर्सेज को अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस की बधाई देते हुए फ्लोरेंस नाइटिंगल के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस कार्यक्रम के शुभारम्भ से पूर्व फ्लोरेंस नाइटिंगल की यादों को जीवंत रखने के लिए हर्षोल्लास के बीच केक काटा गया और सभी नर्सेज ने सेवाभाव का संकल्प लिया। प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने अपने उद्बोधन में बताया कि सन् 1974 में इस दिन को मनाने की घोषणा की गई थी। फ्लोरेंस नाइटिंगल ने आधुनिक नर्सिंग की स्थापना की थी, इसीलिए उनकी जयंती के रूप में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है। हर साल इंटरनेशनल नर्सेज डे पर थीम डिसाइड की जाती है। इस साल की थीम हमारी नर्सेज, हमारा भविष्य है।
उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने कहा कि डॉक्टर्स और नर्सेज एक गाड़ी के दो पहिए के समान होते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में दोनों के योगदान को कम नहीं माना जा सकता। स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत नर्सों को समाज में उनके परिश्रम और सेवा के लिए सम्मानित नजरिए से देखा जाता है। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस हमें उन नर्सों के प्रति अपना आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, जो अपनी परेशानियों के बावजूद मरीज की सेवा को अपना कर्तव्य मानती हैं। इस अवसर पर नर्सेज सुपरिंटेंडेंट शीला एलेक्स, स्नेहा पाराशर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर समीर गौतम, अमित गोस्वामी, थनकम्मा वर्गीस, शीला थॉमस, निर्मला रुथ सहित बड़ी संख्या में नर्सेज तथा अन्य चिकित्सा कर्मचारी उपस्थित रहे।