Tuesday, February 10, 2026
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राजीव इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास से मनी लोहड़ी


अनेकता में एकता का संदेश देते हैं तीज-त्योहारः डा. रामकिशोर अग्रवाल


मथुरा। बुधवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कोरोना संक्रमण के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हर्षोल्लास से लोहड़ी का पर्व मनाया। स्कूल के बच्चों ने पतंगबाजी के माध्यम से मानवता एवं नैतिक मूल्यों का संदेश भी दिया। बच्चों ने नैतिक मूल्यों से संबंधित विचारों को पतंग पर लिखकर दूर-दूर तक पहुंचाने का प्रयास किया। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने आग जलाकर उसकी पूजा कर प्रसाद अर्पण किया और जमकर नृत्य किया।


इस अवसर पर आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि तीज-त्योहार हमें अनेकता में एकता का संदेश देते हैं। हमारे देश में विभिन्न सम्प्रदाय के लोग रहते हैं लिहाजा हमें सभी की भावना का ध्यान रखते हुए आपसी मेल-जोल के साथ हर त्योहार मनाना चाहिए। डा. अग्रवाल ने कहा कि लोहड़ी सिख धर्म के साथ-साथ हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा मनाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। लोहड़ी को सर्दी का मौसम खत्म होने का प्रतीक भी माना जाता है।

चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को लोहड़ी एवं मकर संक्रांति पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दीं। श्री मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश की संस्कृति दुनिया की सर्वोत्तम संस्कृति है। हम सभी तीज-त्योहारों को मनाकर इसकी जड़ों से जुड़े रहते हैं और इन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।

प्राचार्य शैलेन्द्र सिंह ग्रेवाल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि लोहड़ी पंजाब और हरियाणा के प्रमुख त्योंहारों में से एक है, लेकिन इस पर्व को पूरे देश और दुनिया में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है क्योंकि पंजाब के लोग भारत ही नहीं बल्कि् विदेशों में भी बसे हुए हैं। श्री ग्रेवाल ने कहा कि ऐसी मान्याता है कि लोहड़ी के दिन साल की सबसे लम्बी रात और सबसे छोटा दिन होता है। लोहड़ी नई फसल के आने की खुशी और अगली बुवाई की तैयारी का भी संकेत है। सच कहें तो यह पर्व किसानों को समर्पित है। कहा जाता है कि लोहड़ी के समय किसानों के खेत लहलहाने लगते हैं और रबी की फसल कटकर आती है। लोहड़ी पर किसान आग के चारों ओर नाचते-गाते हैं और अग्नि को फसल से निकले दाने समर्पित करते हैं।


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