
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति जागरूकता और समर्थन के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों की नोडल अधिकारी डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि कार्यक्रमों में छात्राओं की विशेष रुचि होने के कारण उनकी भागीदारी भी बड़ी संख्या में देखने को मिल रही है। इसी क्रम में मिस्ड कॉल देकर और दीवार पर संदेश लिखकर और हस्ताक्षर कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया गया।
डा. श्रीमती मीनात्री शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नारी शक्ति वंदन के समर्थन एवं जागरूकता के लिए चलाए गए मिस्ड कॉल अभियान में सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और निर्धारित नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अधिनियम के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को अधिनियम के महत्व एवं इसके प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह एवं जागरूकता देखने को मिली। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने इस अवसर पर छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें ऐसे सामाजिक अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डा. आरएन त्रिवेदी एवं डा.रतीश शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजन में डा. डीएस तोमर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में डा. रघुराम भट्ट, डा. केके पाराशर, विजय सक्सैना सहित अन्य अधिकारीगण एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया एवं भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।
वहीं एक अन्य कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हस्ताक्षर दीवार पर छात्राओं ने बढ़चढ़कर महिला सशक्तिकरण से जुड़े संदेश, विचार एवं संकल्प लिखे, जो समाज में महिलाओं की भूमिका, अधिकारों और समानता के प्रति जागरूकता का सशक्त माध्यम बने। इस दीवार पर छात्राओं को अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का अवसर मिला। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने रचनात्मक विचारों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा एवं जागरूकता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम नोडल अधिकारी डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. आरएन त्रिवेदी एवं डा. रतीश शर्मा ने किया। विशेष सहयोगियों में डा. डीएस तोमर, डा. केके पाराशर तथा विजय सक्सैना शामिल रहे। प्रो. रघुराम भट्ट की उपस्थिति विशेष उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

