






कथा खत्म, गंदगी का अंबार बरसाना में जगह-जगह कूड़ा कौन जिम्मेदार? बरसाना में शिव महापुराण कथा तो खत्म हो गई, लेकिन अपने पीछे गंदगी का अंबार छोड़ गई। कथा स्थल और आसपास के इलाकों में जगह-जगह कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक, पत्तल-दोने बिखरे पड़े हैं। पवित्र ब्रजभूमि की यह दुर्दशा देखकर स्थानीय लोग और श्रद्धालु नाराज हैं। कई दिनों तक चली इस विशाल धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन आयोजकों द्वारा साफ-सफाई की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई। कथा समाप्त होते ही आयोजक और प्रशासन गायब हो गया, और पीछे रह गया गंदगी का ढेर। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सड़कों के किनारे, खाली मैदानों और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। बदबू से स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बरसाना जैसी पवित्र नगरी में आस्था के नाम पर हुई इस लापरवाही से लोगों में भारी आक्रोश है। धर्म के नाम पर लाखों का चंदा जुटाया जाता है, बड़ी-बड़ी कथाएं होती हैं, लेकिन उसके बाद की गंदगी साफ करने की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। सवाल यह है कि आखिर इस गंदगी का जिम्मेदार कौन है – आयोजक या प्रशासन?” स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत और प्रशासन से जल्द से जल्द सफाई कराने की मांग की है। बरसाना से
राघव शर्मा

