Monday, January 12, 2026
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वीपीएस में खेलकूद प्रतियोगिता में छात्रों ने जीते मेडल

  • दौड़, लांग जंप, शाॅटपुट, बाॅलीबाॅल, कबड्डी, खो-खो प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
  • कक्षा 6-8 तक के लगभग 500 छात्रों ने की सहभागिता

वृंदावन। वृन्दावन पब्लिक स्कूल में चल रही वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन कक्षा 6-8 तक के लगभग 500 छात्रों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। इस दौरान खेल के प्रति छात्रों में काफी उत्साह दिखाई दिया।
प्रतियोगिता अंतर्गत 100 मीटर, 200 मी. दौड़, लौंग जम्प, हाई जम्प, शाॅटपुट, बाॅलीबाॅल, कबड्डी, खो-खो आदि खेलों का आयोजन हुआ। जिसमें कुल 11 छात्रों द्वारा स्वर्ण पदक, 30 रजत तथा 30 कांस्य पदक जीते गये। शाॅटपुट में कक्षा 6 से क्रमशः प्रथम स्थान विनय द्वितीय प्रवीन तथा तृतीय जितेन्द्र ने प्राप्त किया। तथा छात्राओं में क्रमशः प्रथम निशा, द्वितीय कीर्ति तथा तृतीय स्थान योगिता ने प्राप्त किया।
कक्षा 7 के छात्र संदीप, गौरव, वेदान्त, क्रमशः प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे तथा छात्राओं में शालिनी नीलम रितु ने क्रमशः प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। लौंग जम्प में कक्षा 8 से छात्रों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान क्रमशः अनुज, प्रवीण व गर्वित एवं छात्राओं में निशा, तृप्ति व खुशी विजयी रही। कक्षा सात से छात्रों में प्रथम द्वितीय तृतीय पर क्रमशः तरुण, शिवा व प्रशान्त तथा छात्राओं में खुशी, पूजा व ऋचा विजयी रही। इसी क्रम में कक्षा आठ से प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान क्रमशः प्राची, ज्योति, लक्ष्मी ने अपने हुनर का परचम लहराया।


इसी श्रृंखला में हाई जम्प में कक्षा 6 से छात्रों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर क्रमशः अनुज, विनय, प्रवीण एवं छात्राओं में कीर्ति, नव्या, निशा तथा कक्षा-सात से छात्रों में तरुण प्रशान्त शिवा ने व छात्राओं में खुशी व गौरांगी ने बाजी मारी। कक्षा आठ में छात्रों में विजय, जतिन, व नीरज ने स्थान प्राप्त किया।
कक्षा 8 के छात्र- क्रमशः कुणाल, विजय, जतिन ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम का संयोजन खेल विभाग के सदस्य भारतभूषण उपाध्याय, पंकज चैहान, शिवानी वर्मा, राधा प्रजापति के निर्देशन में हुआ तथा इस अवसर पर रागिनी श्रीवास्तव, दिशि गोस्वामी, स्वेका राज, सीमा पाहूजा, हेमलता वर्मा, सपना शर्मा, अशोक सैनी, मनोज उपाध्याय ने अपनी सहभागिता निभाई।
तथा प्रधानाचार्या कृति शर्मा ने विजयी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना करते हुए बताया कि खेल से बच्चों के मानसिक व शारीरिक रूप से सुदृढ़ होते हैं। तथा जीवन में अनुशासन, सहयोग, सामंजस्य की भावना का विकास होता है इस अवसर पर समस्त वीपीएस परिवार ने भी छात्रों को प्रोत्साहित किया और आगामी प्रतियोगिताओं के लिये उत्साहवर्धन करते हुए मंगलकामना की।

कोसीकलां – महिलाओं को जागरूक कर रही मिशन जाग्रति टीम

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प्रदेश सरकार के आदेश पर महिलाओं एवं छात्राओं को जागरूक करने के लिए चलाये जा रहे मिशन जाग्रति के तहत नगर के चार बार्डों में जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसका नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक अरून कुमार, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, महिला उपनिरीक्षक सरिता, महिला कान्सटेवल श्रृद्धा ने करते हुए महिलाओं एवं स्कूली छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि अपने साथ धटित होन वाली किसी भी प्रकार की यौन हिंसा, पारिवारिक हिंसा को छिपाये नहीं। या तो अपने परिजनों को या थाना पुलिस या सरकार द्वारा संचालित महिला हैल्पलाइन नम्वरों पर सूचना तत्काल देने को प्ररित किया। साथ ही उन्हें झूठी खवरें न देने को भी जागरूक किया। कार्यक्रम बार्ड नम्वर 1, 3, 4 एवं 5 में चलाया गया। जिसमें सैकडों महिलाओं, युवतियों एवं स्कूली छात्राऐं मौजूद रही। प्रभारी निरीक्षक अरून कुमार ने बताया कि मिशन जाग्रति का असर स्कूली छात्राओं एवं युवतियों में तो साफ दिखायी दे रहा है क्यों कि पिछली कई छेडछाड की धटनाओं में छात्राओं एवं युवतियों ने राहगीरों एवं कोलोनीवासियों की मदद से कई मनचलों को सवक सिखा चुकी हैं।

वीपीएस में विद्यार्थियों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया जोशीला अंदाज

  • खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने भरी हुनर की हुंकार

वृंदावन। छात्रों के सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया में उनके शारीरिक व मानसिक बल व बुद्धि में अभिवृद्धि करने की परिकल्पना को साकार रूप देना हर विद्यालय व परिवार का दायित्व होता है। इसी उद्देश्य से मथुरा मार्ग स्थित वृन्दावन पब्लिक स्कूल में साप्ताहिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें लगभग 1400 छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं तथा अपने शारीरिक सौष्ठव का प्रदर्शन करते हुए टीम भावना से इस प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया।

उक्त प्रतियोगिता का शुभारम्भ खेल विभाग के सदस्य भारत भूषण उपाध्याय, शिवानी वर्मा, पंकज चौहान, राधा प्रजापति व दमयन्ती गोस्वामी ने संयुक्त रूप से ध्वजा लहराकर किया। खेल प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन खेलो इण्डिया से प्रेरित हो ब्रज वृंदावन से अधिक से अधिक खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान दिलाना है। प्रतियोगिता में कक्षा पीजी से 12 वीं तक के छात्रों ने प्रतिभाग लेकर इस विशाल साप्ताहिक आयोजन को सफल बनाया।
गौरतलब है कि खेल प्रतियोगिता का आयोजन 15 दिन से वृंदावन नर्सरी स्कूल के नन्हे मुन्नों के खलों द्वारा हुआ। जिसमें पीजी एलकेजी यूकेजी के छात्रों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया जिसे पूर्ण कराने में संयोजिका दमयन्ती जो स्वामी कस सकारात्मक सहयोग व दिशा निर्देश सराहनीय रहे। जिसे पीजी के छात्रों द्वारा फ्रौग रेस, म्यूजिकल चेयर व ब्लेसिंग बाॅल जैसे मनोरंजनात्मक खेल कराया गया, जिसमें फ्रौग रेस में प्रथम, द्वितीय व तृती स्थान पर क्रमशः बाल कृष्ण गौतम, अभिषेक यादव व अर्पित सारस्वत, म्यूजिकल चेयर में क्रमषः नव्या युग, भव्या गौतम व नव्या गोला, ब्लेसिंग बाॅल में प्रथम, गोविन्द शर्मा, व कार्तिक चैहान व द्वितीय स्थान पर गुंजन सैनी व गुनगुन शर्मा, संयुक्त रूप् से विजयी रहे। वहीं दूसरी ओर कक्षा एलकेजी में पुश योर ग्लास विथ स्टिक, चेयर रेस, पिक द कैण्डी जैसे अद्भुत व अनोखे खेल खिलाए गए जिसमें पुश योर ग्लास में तृतीय स्थान पर दीपक, द्वितीय स्थान पर लक्षिता व प्रथम स्थान पर अंजलि सैनी ने प्राप्त किया।

शल्य क्रिया से के.डी. हॉस्पिटल में नवजात शिशु को मिली नई जिन्दगी

  • शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा के प्रयासों से बच्चा स्वस्थ

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के जाने-माने शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने अपने किस्म की एक जटिल शल्य क्रिया के माध्यम से मथुरा निवासी रवि कुमार के नवजात शिशु को नई जिन्दगी दी है। नवजात शिशु अब न केवल अच्छे से सांस ले रहा है बल्कि उसके आंतों की खराबी भी दूर हो गई है। पूर्ण स्वस्थ होने के बाद बच्चे की छुट्टी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार मथुरा निवासी रवि कुमार के घर एक माह पूर्व बच्चे ने जन्म लिया। जन्म से ही बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने के चलते उसे मथुरा के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। कुछ दिनों के उपचार के बाद भी जब नवजात शिशु की परेशानी दूर नहीं हुई तब उसे के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा के पास लाया गया। डॉ. शर्मा द्वारा नवजात शिशु का परीक्षण करने के बाद उसका एक्सरा कराया गया जिससे पता चला कि उसके दाईं ओर का डाइफ्राम एक पतली झिल्ली की तरह है जिसके कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही है तथा फेफड़े में भी संक्रमण है।
नवजात शिशु की स्थिति को देखते हुए डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने परिजनों को सर्जरी की सलाह दी। परिजनों की स्वीकृति के बाद 15 दिसम्बर को नवजात शिशु की सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान यह देखा गया कि बच्चे का डाइफ्राम झिल्लीनुमा था तथा आंतों में भी खराबी थी। सर्जरी के माध्यम से डॉ. शर्मा ने बच्चे की दोनों विकृतियों को दूर करने में सफलता हासिल की। सर्जरी में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. विनायका तथा निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. लीना गोयल ने किया। अब नवजात शिशु पूरी तरह से स्वस्थ है तथा मां का दूध भी पीने लगा है।
डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का कहना है कि यह सर्जरी काफी मुश्किल थी। मेडिकल भाषा में इसे इवेन्ट्रेशन आफ डाइफ्राम कहते हैं तथा आपरेशन को नाम प्लाइकेशन आफ डाइफ्राम एण्ड करेक्शन आफ माल कोटेशन है। डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल में बच्चे का यह आपरेशन बहुत कम खर्चे में होने से परिजन खुश हैं तथा इस सेवाभावी कार्य के लिए उन्होंने हॉस्पिटल प्रबंधन का आभार माना है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने नवजात शिशु की सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए बच्चे के सुखद जीवन की कामना की है।

संस्कृति विवि के 52 विद्यार्थियों को सुब्रोस लिमिटेड में मिली नौकरी

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एसी किट बनाने वाली विश्वविख्यात कंपनी सुब्रोस लिमिटेड ने अपने यहां नौकरी दी है। कंपनी ने कैंपस प्लेसमेंट के तहत लंबी चयन प्रक्रिया अपनाकर इंजीनियरिंग और डिप्लोमा के 52 विद्यार्थियों का चयन किया है।
कंपनी से आए एचआर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुब्रोस लिमिटेड की स्थापना 1985 में एक संयुक्त उद्यम सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में की गई थी, जिसमें 36.79% स्वामित्व भारतीय प्रमोटरों के पास, 20% स्वामित्व डेंसो कॉर्पोरेशन, जापान और 11.96% स्वामित्व सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन, जापान के पास था, जो ऑटोमोटिव के लिए थर्मल उत्पादों का अग्रणी निर्माता है। डेन्सो के साथ भारत में तकनीकी सहयोग करती है। कंपनी के पास नोएडा (2), मानेसर, पुणे, चेन्नई और साणंद में विनिर्माण संयंत्र हैं, जिनकी वार्षिक क्षमता 1.5 मिलियन एसी किट प्रति वर्ष है, साथ ही नोएडा में एक अच्छी तरह से सुसज्जित अनुसंधान एवं विकास केंद्र और टूल रूम भी है।
संस्कृति प्लेसमेंट सेल की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री अनुजा गुप्ता, सहायक जयकांत त्रिपाठी ने बताया कि त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद कंपनी ने इंजीनियरिंग और डिप्लोमा के 52 छात्रों सचिन कुमार, तेजवीर, योगेश, पवन, सत्यप्रकाश, अभिषेक कुमार, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी, कुलदीप, हरवंश, धर्मेश कुमार आमिर खान, धर्मेद्र कुमार, वेदराम, विवेक, लाखन शर्मा, गजेंद्र, सीताराम, कन्हैया लाल पांडे, ऋषि देव, सूरज सूरज, सौरभ, निखिल गुप्ता, सुभाष चंद्र, उत्तम सिंह, लाखन सिंह नौहवार, क्रिशन, रामदयाल, दीपक, विकास, चेतराम, प्रशांत कुमार, राहुल सिंह, सौरभ धनगर, विवेक कुमार, मोहन शर्मा, अबुबकर राशिद बेंडर्स, सुनील, लोकेंद्र सिंह, गौरव, सीताराम, राहुल, राधे श्याम, लक्ष्मण, चेतन, रिषिराज सिंह, प्रवीर कुमार को चयनित किया है।
संस्कृति विवि की सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को इस मौके पर बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी योग्यता से कंपनी में अपना एक विशिष्ठ स्थान बनाता है। उसके ज्ञान और कुशलता से कंपनी की तो प्रगति होती है साथ ही विद्यार्थी के शिक्षण संस्थान का भी नाम होता है। उम्मीद है कि आप सभी कंपनी की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और संस्कृति विवि का नाम रौशन करेंगे।

आईटी युग में एण्ड्रायड का महत्वपूर्ण स्थानः रविशंकर मिश्र

  • राजीव एकेडमी में एण्ड्रायड पर कार्यशाला आयोजित

मथुरा। आज के दौर में स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन चुका है। आधुनितम तकनीकों से युक्त स्मार्टफोन इंसान की जिन्दगी को जहां आसान बना रहे हैं वहीं इनसे शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव देखे जा सकते हैं। अब सब कुछ आपकी उंगलियों पर है। चाहे व्यवसाय प्रबंधन की जिम्मेदारी हो या फिर मनोरंजन के कुछ पल जीने की बात, स्मार्टफोन सबसे अधिक कारगर है। यह बातें सोमवार को राजीव एकेडमी में आयोजित कार्यशाला में रिसोर्स परसन (वर्कशॉप) रविशंकर मिश्र (ट्रेनर डुकैट नोएडा) ने एमसीए के छात्र-छात्राओं को बताईं।
श्री मिश्र ने बताया कि विभिन्न तकनीकों से युक्त एण्ड्रायड शैक्षिक उद्देश्यों की पूर्ति में कारगर हैं वहीं इनके माध्यम से व्यावहारिक संसाधन भी आसानी से जुटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एण्ड्रायड ने शिक्षा में काम करने के तरीके को भी बदल दिया है। रिसोर्स परसन ने आईटी युग में एण्ड्रायड को महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि यह डिवाइस सिर्फ काम ही नहीं करती बल्कि हमारी जिन्दगी को आसान बनाती है।
रिसोर्स परसन ने कहा कि एण्ड्रायड ही है जिसकी मदद से जीपीएस ट्रेफिक से बचाता है। आपकी घड़ी मैसेज भेजती है और आपका असिस्टेंट सवालों के जबाव देता है। यह एक ऐसा आपरेटिंग सिस्टम है जो करोड़ों चालू डिवाइस में मौजूद है। यह आपरेटिंग सिस्टम डिवलपर्स और हार्डवेयर निर्माताओं को सॉफ्टवेयर में बदलाव की अनुमति देता है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को एण्ड्रायड अल्फा, एण्ड्रायड बीटा, एण्ड्रायड क्यूपैक, एण्ड्रायड डॉट आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एण्ड्रायड मूलतः एक लिंक्स आधारित आपरेटिंग सिस्टम है जो मुख्य रूप से स्मार्टफोन और टेबलेट पर चलता है। श्री मिश्र ने बताया कि वर्तमान में लगभग एक दर्जन लेटेस्ट एण्ड्रायड मार्केट में उपभोक्ताओं की पसंद बने हुए हैं।
रिसोर्स परसन श्री मिश्र ने छात्र-छात्राओं को बताया कि हर आविष्कार की तरह एण्ड्रायड के भी अच्छे और बुरे पक्ष हैं। जरूरत इन दोनों पक्षों को ध्यान में रखने की है। छात्र जीवन में समय प्रबंधन के साथ ही नोटपैड, अलार्म, रिमाइंडर, कैलेंडर, डिजिटल आयोजक और सूची-निर्माता जैसे ऐप छात्रों को उनके शैक्षणिक और पाठ्येतर जीवन को ट्रैक पर रखने में मदद करते हैं। वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे कभी भी असाइनमेंट की समय सीमा न चूकें या परीक्षा की तारीख न भूलें। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने रिसोर्स परसन रविशंकर मिश्र का आभार माना।

जीएलए विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह हर्षोल्लाष के साथ संपन्न

  • दीक्षांत समारोह में 3536 उपाधियां एवं 22 गोल्ड और 22 सिल्वर मेडल प्रदान किए

जीएलए विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह हर्षोल्लाष के साथ संपन्न

  • दीक्षांत समारोह में 3536 उपाधियां एवं 22 गोल्ड और 22 सिल्वर मेडल प्रदान किए
    मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा (उ.प्र.) के 12वां दीक्षांत समारोह अत्यन्त गरिमा एवं उल्लास के साथ रविवार को सम्पन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की कुल 22 गोल्ड और 22 सिल्वर मेडलिस्ट के साथ 3536 उपाधियां प्रदान की गईं। इसके अलावा 32 छात्रों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।

समारोह का शुभारम्भ मुख्य अतिथि परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एवं परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डा. अजीत कुमार मोहंती, कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल के अलावा बतौर विशिष्ट अतिथि कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स और साइबर सिस्टम के महानिदेशक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डा. सुमा वरूघीस एवं कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल जी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षिक शोभायात्रा के आगमन से हुई, जिसमें मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव एवं डीन एकेडमिक, मुख्य परीक्षा नियंत्रक डॉ. अतुल बंसल के साथ विश्वविद्यालय के कोर्ट, एग्जीक्यूटिव काउंसिल एवं एकेडमिक काउंसिल के सदस्य की अगवानी मुख्य सभागार में हुई। तत्पश्चात कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह के प्रारम्भ की उद्घोषणा की।

समारोह में मुख्य अतिथि डा. अजीत कुमार मोहंती ने दीक्षांत संबोधन की शुरुआत सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन, सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुए की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डा. मोहंती एवं विशिष्ट अतिथि प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डा. सुमा वरूघीस को जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान की गई। इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने सभी का स्वागत किया। प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया।

विशिष्ट अतिथि ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय में आना मेरे लिए आनंद का विषय है। मैं यहां खुद को नई ऊर्जा से ओत-प्रोत का अनुभव कर रही हूं। इन युवा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच उनके उत्साह को देखकर मुझे 35 वर्ष पूर्व के अनुभव की स्मृति हो रही कि जब मैं इन्हीं भावनाओं के समुद्र से गुजरी थी। इसलिए मैं आप सभी से आसानी के साथ सबकी भावनाओं को समझ रही हूं। उन पुरानी स्मृतियों को दोबारा याद कराने के लिए मैं जीएलए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करती हूं।

कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता द्वारा विष्वविद्यालय की प्रगति के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय ने पिछले वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्वविद्यालय को मिली यह उपलब्धियां भी छात्रों को बेहतर शिक्षकों द्वारा दी जा रही प्रदत्त शिक्षा का प्रमाण है। विश्वविद्यालय जिस प्रकार हमेशां छात्रों के साथ कांधे से कांधा मिलाकर चलता है, ठीक उसी प्रकार असहायों की मदद के लिए आगे रहता है। पिछले वर्षों में एक से बढ़कर एक कंपनी ने जीएलए के छात्रों को रोजगार प्रदान किया है, लेकिन यह तभी संभव हो पाया है जब विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने रोजगार पाने के लायक छात्रों को तैयार किया। इसके अलावा ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग की टीम ने कंपनियों में जाकर संपर्क साधा। आगे भी विश्वविद्यालय अपने छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करने की तैयारी में जुटा हुआ है। नैक ‘ए‘ श्रेणी को पीछे छोड़कर अब दूसरी बार में नैक से सर्वोच्च 3.46 स्कोर के साथ नैक से ‘ए प्लस‘ ग्रेड हासिल किया है।

कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल ने मुख्य अतिथि डा. अजीत कुमार मोहंती को स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया। विषिश्ट अतिथि डा. सुमा वरूघीस को प्रतिकुलाधिपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने स्मृति चिन्ह् भेंट किया। कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कुलाधिपति श्री नारायणदास अग्रवाल को स्मृति चिन्ह् भेंट किया। कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने प्रतिकुलाधिपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान को स्मृति चिन्ह् भेंट किया।

तत्पश्च्यात कुलाधिपति द्वारा दीक्षांत समारोह के सम्पन्न होने की उद्घोषणा की गयी एवं शैक्षिक शोभायात्रा के प्रस्थान से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डा. विवेक मेहरोत्रा ने किया।

इस अवसर पर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर नीरज अग्रवाल, चीफ फाइनेंस ऑफीसर विवेक अग्रवाल, जीएल बजाज ग्रुप के एमडी मनोज अग्रवाल, जीएलए के सीओई डा. अतुल बंसल, डीन एकेडमिक प्रो. आशीष शर्मा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष सहित आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

छात्रों की उपाधियों पर एक नजर

जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) से वर्ष 2023 में पीएचडी के 59, बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर 92, बीएससी ऑनर्स बायोटेक के 31, बीएससी ऑनर्स कैमिस्ट्री के 31, बीएससी ऑनर्स फिजिक्स के 31, बीए ऑनर्स इकॉनोमिक्स के 13, बीबीए के 163, बीबीए ऑनर्स 124, बीबीए फैमिली बिजनेस 27, बीकॉम ऑनर्स ग्लोबल एकाउंटिंग 11, बीकॉम ऑनर्स 80, बीटेक सिविल इंजीनियरिंग 49, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 45, इलेक्ट्रॉनिक्स 18, मैकेनिकल इंजीनियरिंग 120, बीटेक एमई ऑटोमोबाइल 4, एमई मेकाट्रॉनिक्स 4, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेषन इंजी. 94, कम्प्यूटर साइंस के 933, बीटेक सीएस एआईएमएल 105, बीटेक सीएस सीसीवी 29, बीटेक सीएस डीए 28, बीटेक सीएस सीएसएफ 24, बीटेक सीएस आइओटी 10, बीसीए 216, बीफार्म 81, बीएड 40, एमएससी बायोटेक 17, एमएससी माइक्रो एंड इम्यूनोलॉजी 13, एमएससी कैमिस्ट्री 11, एमएससी फिजिक्स 3, एमएससी मैथमेटिक्स 3, एमटेक सीई ट्रांसपोर्टेषन 5, एमटेक सीई स्ट्रक्चरल 2, एमटेक सीएस 6, एमटेक ईई 4, एमटेक ईसी 2, एमटेक एमई प्रोडक्शन 7, एमबीए 341, एमबीए ऑनर्स 17, एमबीए कंस्ट्रक्शन 7, एमबीए एफएमबी 35, एमबीए एलएससीएम 14, एमसीए 102, एमफार्म फार्माकोलॉजी 13, एमफार्म फार्मास्यूटिक्स 15, एलएलएम बीएफआइएल 1, एलएलएम सीडीपीएल के 7 विद्यार्थियों की उपाधि अनुमोदित की गई है। इसके अलावा डिप्लोमा कैमिकल के 10, डिप्लोमा सिविल इंजी. के 63, डिप्लोमा सीएस के 62, डिप्लोमा ईई 87, डिप्लोमा ईसी के 9, डिप्लोमा एमई के 146 तथा डिप्लोमा इन फार्मेसी के 45 विद्यार्थियों को डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रदान किए।

यह रहे उपस्थित
महापौर विनोद अग्रवाल, पूर्व सांसद चौ0 तेजवीर सिंह, एमएलएसी ठा0 ओमप्रकाश सिंह, विधायक पूरन प्रकाश, पिछडा आयोग के सदस्य भुवन भूषण कमल, डा. कमलकांत उपमन्यु, मुकेश खंडेलवाल, पूर्व विधायक गोवर्धन ठा0 कारिंदा सिंह, कमल किशोर वार्ष्णेय आदि उपस्थित रहे।

पीएचडी डिग्री धारक

सीईए से निखिल गोविल, सौरभ आनंद, अंषी सिंह, जुगिंदर पाल सिंह, रवि प्रकाष वार्श्णेय, अरविंद सिंह चौधरी, पुनीत षर्मा, आषीश तिवारी, गुंजन वर्मा, एजुकेषन से प्रति वर्मा, ज्योति षर्मा, रविकांत, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से एम वी एन मोहन, अजय कुमार, कर्मवीर, फार्मेसी से मीनाक्षी पाण्डेय, गणेष लाल, अमन श्रीवास्तव, रजत गर्ग, षषांक चतुर्वेदी, मैनेजमेंट से खुषबू श्रीवास्तव, षुभी अग्रवाल, सिंह विवेक देवव्रत, सतवीर सिंह, दीपिका बॉंदिल, आकांक्षा सिंघल, अविराज चौहान, अभिनव श्रीवास्तव, रेवा चिब, मीतू जैन, भूपेन्द्र गोयल, निहारिका सिंह, मेघा अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेषन इंजीनियरिंग से नितिन अग्रवाल, पी बचन, षेलेष कृश्ण सारस्वत, बायोटेक्नोलॉजी से अतुल कुमार वर्मा, तरूवाला षर्मा, कृश्णा षर्मा, मंथेना नवभारत, हिमष्वेता सिंह, आषीश गौड, रोहित कुमार षर्मा, तरूणा मोहिनानी, साक्षी गौतम, दीपिका, अंग्रेजी से षिरीन जैदी, प्रांषुल गौतम, अंकुष महाजन, षोर्मिता बोस, गणित से ष्वेता, फिजिक्स से वर्शा रघुनाथजी गेडाम, ऐजाज अहमद खान, मिस्बा हामिद, मोहसिन रहमान खान, सौम्या राय, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से इंद्रेष यादव, सिविल इंजीनियरिंग से अनस षाहिद मुल्तानी, उज्जवल षर्मा को पीएचडी की उपाधि प्राप्त हुई।

इन्हें मिले मेरिट सर्टिफिकेट

बीए ऑनर्स इकोनोमिक्स के प्रणव सिंह, बीए ऑनर्स एलएलबी के रोहित कुमार सोलंकी, बीकॉम एलएलबी के षौर्य जैन, बीकॉम ऑनर्स ग्लोबल एकाउंटिंग से भूमि मित्तल, बीटेक सीएस सीसीवी से पलक सिंघानिया, बीटेक सीएस सीएसएफ से अमन सिंह चौहान, बीटेक सीएस डीए प्रथम कुमार, बीटेक सीएस आईओटी तुशार अग्रवाल, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रविकांत गर्ग, बीटेक एमई मेकाट्रॉनिक्स से औंकार निगम, बीटेक एमई ऑटोमोबाइल से चेतन सिंह पूनिया, बीबीए फैमिली बिजनेस आकर्श अग्रवाल, एमएससी कैमिस्ट्री से देव पाठक, एमएससी मैथमेटिक्स से गिरिजा चौधरी, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी से रसनप्रीत कौर, एमएससी फिजिक्स से सिद्धार्थ षर्मा, एमटेक सिविल इंजीनियरिंग से रामबहादुर, एमटेक सीएस आरती जैन, एमटेक ईई से अनुपम जैन, एमटेक ईसी से ईभा दीप्ति सिंह, एमटेक एमई से महेष षर्मा, एमबीए एलएससीएम से सोमेष वार्श्णेय, एमबीए कंस्ट्रक्षन अनुज यादव, एमफार्म फार्माकोलॉजी से नंदिनी दुबे, एलएलएम सीडीपीएल से अक्षिता अग्रवाल, डिप्लोमा फार्मेसी से याचना वत्स सहित पॉलीटेक्निक (डिप्लोमा) के अवनीष कुमार, विजय सिंह, गौतम, मुनीष गौतम, नीलेष षाक्य, जगदीष चौधरी को मेरिट सर्टिफिकेट से नवाजा गया।

बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग दुनियां के लिए खतरा : डा. अजीत मोहंती
-जीएलए विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में परमाणु ऊर्जा आयोग के अघ्यक्ष बोले ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग जरूरी
-परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष ने जीएलए विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षकों को कोलैबोरेशन के तहत भाभा परमाणु के साथ रिसर्च के लिए किया आमंत्रित
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के 12वें दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष एवं परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डा. अजीत कुमार मोहंती ने अपने संबोधन की शुरुआत राधे-राधे से करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यक्रम से पूर्व मथुरा के दो मंदिर बांके बिहारी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने जीएलए विश्वविद्यालय को शिक्षा का तीसरा मंदिर कहकर संबोधित किया।

जीएलए विश्वविद्यालय के समग्र स्वरूप को देख समझकर मुख्य अतिथि अभिभूत दिखाई पड़े और उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में भारतीय इतिहास के गरिमामय विश्वविद्यालय जैसे कि नालंदा और तक्षशिला जैसे आदर्श शिक्षा देने की राह पर चल पड़ा है। ऐसे संस्थानों का काफी अभाव है देश में। एक सम्पूर्ण हॉलिस्टिक शिक्षा का केंद्र बनता जा रहा है। इस विद्यालय से निकलकर सभी को गुरुकुल का सम्मान करना चाहिए, जिसने आपको जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए सुयोग्यता प्रदान की।

इस दौरान उन्होंने जीएलए विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बहुआयामी विकास की भूरी-भूरी सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि यहां शैक्षणिक ही नही सांस्कृतिक आध्यात्मिक और उद्यमिता और नवाचार से युवा वर्ग को संस्कारित करने का उत्तम प्रबंधन किया गया है। जीएलए की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली को न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार सराहनीय बताते हुए उन्होंने यहां के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट एवं ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट सेल के द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों को सराहा।

उन्होंने बेहतर मैनेजमेंट के गुणों के बारे में बताते हुए एवं तीन प्रबंधन के गुरूओं का नाम लेते हुए कहा कि चाणक्य तक्षशिला से थे। इनसे पहले कौरवों के लिए शकुनि ने भी बेहतर सलाहाकार के रूप में अपनी नीतियां कौरवों के सामने रखीं। लेकिन चाणक्य और शकुनि से ऊपर भगवान श्रीकृष्ण ने सर्वश्रेष्ठ मैनेजमेंट कंसल्टेंट की उपिध हासिल की। इसलिए आप भी भगवान श्रीकृष्ण की उस नगरी के विश्वविद्यालय से पढ़े-लिखे हैं जहां से आप निश्चित ही एक बेहतर और उच्चतम स्तर पर कंसल्टेंट की भूमिका निभाएंगे। आगे उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए राष्ट्र को विश्वगुरु बनाने में पूरा योगदान प्रदान करने का संकल्प दिलाया। वसुधैव कुटुम्बकम का उदाहरण देते हुए उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग जैसे ज्वलनशील मुद्दे पर अपने भाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज देश का हर एक शिक्षित युवा बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग से काफी चिंतित तो है, लेकिन उस साइंस और टेक्नोलॉजी का प्रयोग नहीं कर पा रहा है, जिससे बढ़ती उस ग्लोबल वार्मिंग को कहीं हद तक रोका जा सके।

उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विश्व एक दिन पानी में समां जायेगा, इसलिए हमें साइंस एवं टेक्नोलॉजी से इसे बचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने एक पृथ्वी, एक परिवार एवं एक भविष्य की कामना करते हुए मानवजाति को संपूर्ण पृथ्वी का भविष्य निर्धारक तय किया। आजादी के अमृत महोत्सव का वर्णन करते हुए उन्होंने भावा एटोमिक रिसर्च सेंटर के प्रतिपादक श्री होमी भाभा के आदर्श जीवन का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि वह भारत के एक संपन्न एवं टाटा ग्रुप परिवार से थे। बीटेक मैकेनिकल एवं गणित तथा साइंस की डिग्री प्राप्त करने के पश्च्यात उन्होंने एटम के बारे में सोचना शुरू कर उन्होंने एटम एनर्जी का उपयोग पर कार्य किया।

उन्होंने भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर की उपलब्धियों के बारे में वर्णन करते हुए बताया कि हमने 25 बडे़ ऑपरेशन किए और एटोमिक संस्थान ने 25 वर्ष पूर्ण किए। इसी के साथ उन्होंने जीएलए विश्वविद्यालय के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनायें दीं। उन्होंने अपने संबोधन में ऑपरेशन षक्ति (1998) एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का वर्णन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को होमी भाभा से सीख लेने की प्रेरणा दी।
अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन एवं कार्य की आपधापी में आप सभी स्वयं के परिवारजन को भी समय दीजिए। क्योंकि उनकी वजह से आप इस मुकाम तक पहुंचे हैं। हैप्पी हैल्दी और वेल्यूएबल लाइफ का भी मूल मंत्र दिया।

मोहंती ने की पेटेंट तकनीक के उद्योग जगत में प्रयोग की ठोस वकालत
डा. अजीत कुमार मोहंती ने भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक डॉक्टर भाभा की जीवनी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सलाह दी कि वैज्ञानिक दृष्टि कौतूहल ही आधुनिक विज्ञान को नई दिशा देता है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा विकसित न्यूक्लियर इंडिया की मूल संकल्पना ही राष्ट्र कल्याण और पर्यावरणीय संवेदनशीलता से संपादित होती है। उनके द्वारा परमाणु निहित ऊर्जा को खाद्य उत्पादन में वृद्धि और खाद्य संरक्षण, रिएक्टर जनित आइसोटोप द्वारा न्यूक्लियर मेडिसिन और दुर्लभ डायग्नोस्टिक मशीनों द्वारा मानव स्वास्थ्य को लाभान्वित किया गया है। 2 सफल परमाणु विस्फोटों के बावजूद भी हमने परमाणु ऊर्जा के दोहन द्वारा क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन की विभीषिका से बचाव की दिशा में कदम बढ़ाया है और उन्होंने विशेष आग्रह किया कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा 200 से अधिक पेटेंट हैं, जिनका उपयोग इन्क्यूबेशन और उद्यामिता में भरपूर उपयोग हो सकता है, जिसके लिए जीएलए विष्वविद्यालय भी संचित इकोसिस्टम (प्रणाली) प्रदान करता है।

अभी सभी यंग भाभा मिलकर रिसर्च करें
मुख्य अतिथि जीएलए विश्वविद्यालय के रिसर्च केन्द्रों से अभिभूत होकर बोले कि विद्यार्थी और आज के शिक्षक यंग भाभा हैं। इसलिए मुंबई भाभा परमाणु के साथ मिलकर रिसर्च करने का प्रयास करें। उनका मानना है कि एक अच्छा रिसर्च देश के विकास के साथ ही युवा वर्ग के लिए सही मार्गदर्शक साबित होगा। उन्होंने कहा कि रिसर्च के लिए एक कोलॉबेरेषन की तरह कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि न्यूक्लियर एनर्जी से न्यूक्लियर मेडीसन टाटा मैमोरियल हॉस्पीटल में बनाई जा रही हैं। इसके अलावा न्यूक्लियर एग्रीक्लचर रिसर्च एवं नेचुरल म्युटेशन एंड क्रॉप इंप्रेवमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के बायोटेक विभाग को रिसर्च के लिए आमंत्रित किया।

महाराष्ट्र प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक प्रदेश
मुख्य अतिथि ने एग्रीकल्चर क्षेत्र की बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक प्रदेश है। इसकी कीमत अपने आप में राजनीति का बड़ा हासिया बन गई है। हमने हजारों टन प्याज को कई माह तक सुरक्षित रखा है। हमारा यह परीक्षण कई उत्पादों के लिए सफल रहा। उन्होंने रेडिएशन कोऑपरेटिव के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से हम कई चीजों को सुरक्षित रख सकते हैं।

डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और इसके संस्थापक डॉ. होमी जहांगीर भाभा की विरासत के बारे में बताया। उन्होंने एक महान वैज्ञानिक के रूप में भाभा की उपलब्धियों का इतिहास बताया जब उन्होंने रॉयल सोसाइटी की कार्यवाही में एक पेपर प्रकाशित किया जिसमें उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रॉन-पॉज़िट्रॉन प्रकीर्णन के क्रॉस-सेक्शन की गणना की। इलेक्ट्रॉन-पॉज़िट्रॉन प्रकीर्णन को बाद में उनके नाम पर भाभा प्रकीर्णन नाम दिया गया। उन्होंने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की स्थापना और प्रशंसा के बारे में भी बताया. भाभा ने विस्तारित परमाणु ऊर्जा अनुसंधान और विकास कार्यक्रम की जनशक्ति आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए BARC प्रशिक्षण स्कूल की स्थापना की। भाभा ने परमाणु विज्ञान और इंजीनियरिंग के सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

मोहंती ने BARC में होने वाले विभिन्न प्रयोगों पर कुछ प्रकाश डाला। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कृषि के क्षेत्र में हो रहे म्यूटेशनल फार्मिंग के प्रयोगों के बारे में बताया। उन्होंने प्याज की शेल्फ-लाइफ को बहुत सीमित समय से बढ़ाकर लगभग आठ महीने तक करने के लिए किए जा रहे प्रयोगों के बारे में भी बताया। उन्होंने जी.एल.ए विश्वविद्यालय जैसे विश्वविद्यालयों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को शामिल करने और अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने पर भी जोर दिया।

डिग्री शैक्षणिक यात्रा की पूर्ति नहीं यह विद्यार्थी के समर्पण का प्रमाण : सुमा वरूघीस

मथुरा। विशिष्ट अतिथि कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स और साइबर सिस्टम के महानिदेशक एवं प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डा. सुमा वरूघीस ने दीक्षा समारोह के दौरान कहा कि जब हम स्नातक, परास्नातक और डाक्टरेट की की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के लिए एकत्र हुए हैं, तो उन महत्वपूर्ण मील के पत्थर को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है जिन तक आप पहुंचे हैं। अपनी शैक्षणिक यात्रा पूरी करना केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है; यह आपके समर्पण, कड़ी मेहनत और सीखने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

विद्यार्थियों के उन पुराने दिनों पर फोकस करते हुए सुमा वरूघीस ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय में आपके कार्यकाल के दौरान प्राप्त ज्ञान, बनी मित्रता और चुनौतियों पर विचार करने के लिए कुछ समय निकालें। विश्वविद्यालय ने आपके दिमाग को आकार देने और आपकी बौद्धिक जिज्ञासा को पोषित करने, आपको आगे आने वाली रोमांचक यात्रा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि ज्ञान से नम्रता आती है, नम्रता से चरित्र प्राप्त होता है, चरित्र से धन प्राप्त होता है, धन से अच्छे कर्म (धार्मिकता) आते हैं और फिर सुख मिलता है। इसलिए आप अपने जीवन में जैसे-जैसे आगे बढ़े़ं उसके साथ ही इन मूल्यों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है। शिक्षा केवल तथ्यों और आंकड़ों का संग्रह नहीं है। यह एक परिवर्तनकारी अनुभव है, जो आपके चरित्र को आकार देती है। जैसे-जैसे आप नए क्षितिज की ओर बढ़ते हैं, इन मूल्यों को अपना दिशासूचक बनने दें, जो आपको शालीनता और प्रामाणिकता के साथ सफलता की ओर निर्देशित करें। यह वह अंतर्दृष्टि है जो आपको दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सक्षम बनाएगी।

सुमा वरूघीस ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र करते हुए कहा कि उनके शब्दों में “सीखना रचनात्मकता देता है, रचनात्मकता सोच की ओर ले जाती है, सोच ज्ञान प्रदान करती है और ज्ञान आपको महान बनाता है।“ इसलिए ज्ञान की खोज डिग्री प्रदान करने से समाप्त नहीं होती। निश्चित रूप से, इसने नींव तैयार की है – विश्लेषणात्मक कौशल जो आपको सीखने और आत्म-खोज की आजीवन यात्रा शुरू करने में मदद करता है। लगातार बदलती दुनिया में, अनुकूलन करने, सीखने और बढ़ने की क्षमता अधिक मूल्यवान है – बल्कि सही दृष्टिकोण के साथ बढ़ने की।
अंत में उन्होंने कहा कि मथुरा अपने आप में बहुत बड़ी सांस्कृतिक सृद्धि का शहर है। यहां मिली शिक्षा के लिए सभी विद्यार्थियों को बधाई।

संस्कृति विवि के 55 विद्यार्थियों को बजाज मोटर्स में मिली नौकरी

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को आटो कंपोनेंट के लिए फोर्जिंग और कास्टिंग का काम करने वाली विश्वविख्यात कंपनी बजाज मोटर्स ने अपने यहां नौकरी दी है। कंपनी ने कैंपस प्लेसमेंट के तहत लंबी चयन प्रक्रिया अपनाकर मैकेनिकल डिप्लोमा के 55 विद्यार्थियों का चयन किया है।
कंपनी से आए एचआर विभाग के राजबहादुर, दीपक कुमार ने बताया कि सितंबर 1986 में बजाज मोटर्स ने ऑटो कंपोनेंट्स के लिए फोर्जिंग और कास्टिंग के पिछड़े एकीकरण के साथ एक मशीनिंग इकाई के रूप में शुरुआत की और 1989 में अपना व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। तब से बजाज मोटर्स लिमिटेड ने प्रतिबद्धता और अद्वितीय गुणवत्ता के कारण अपना प्रमुख स्थान पाया है। बजाज मोटर्स मशीनीकृत घटकों, असेंबल किए गए घटकों, फोर्जिंग घटकों, कास्टिंग घटकों और निर्यात घटकों के गुणवत्ता आपूर्तिकर्ता के रूप में प्रसिद्ध है, जो सभी वाहन खंडों को पूरा करता है जिसमें दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, भारी उपकरण और विदेशी और घरेलू बाजारों के लिए औद्योगिक उत्पाद शामिल हैं।
संस्कृति प्लेसमेंट सेल की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री अनुजा गुप्ता, सहायक चंद्रकांत त्रिपाठी ने बताया कि त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद कंपनी ने मैकेनिकल डिप्लोमा के छात्र आदित्य शर्मा, अजीत सिंह, अमीर हमजा, आमिर खान, अनुज कुमार, चेतराम, दीपक, धर्वेंद्र कुमार, दुष्यंत, गौरव, गौरव दो, हेमराज, जसवीर, कन्हैया लाल पांडे, करन, क्रिशन, क्रिश्न कुमार, लाखन शर्मा, लोकेंद्र सिंह, लक्ष्मण, मोहन, मोहन शर्मा, मोनू, निखिल गुप्ता, परषुराम पांडे, पवन, पिंटू गोला, प्रशांत, प्रशांत कुमार, प्रथम सिंह, प्रवीन कुमार, पुनीत, पुष्मेंद्र शर्मा, राधे श्याम, राहुल चाहर, राहुल सिंह, रामदयाल, रामवीर, ऋषी देव, ऋषिराज सिंह, सचिन कुमार, सत्यप्रकाश, सौरभ धनगर, शिवकुमार, सीता राम, सोनू, सूरज, सुभाषचंद्र, सुमित कुमार, सुनील, उत्तम सिंह, वेदराम, विकास, विष्णु सिंह को चयनित किया है।
संस्कृति विवि की सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने इस मौके पर कहा कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान की जा रही है। यही वजह है कि ये विद्यार्थी कंपनियों की आवश्यकताओं पर खरे उतर रहे हैं। उन्होंने सभी चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे विवि से निकलकर बड़ी-बड़ी कंपनियों में रोजगार पा रहे छात्र-छात्राएं विवि का नाम तो ऊंचा कर ही रहे हैं साथ ही कंपनियों को भी आगे ले जाने में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं।

दिव्यांग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु समग्र शिक्षा माध्यमिक के अंतर्गत जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन वी डी पी राजकीय इंटर कॉलेज मथुरा में किया गया

दिव्यांग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु समग्र शिक्षा माध्यमिक के अंतर्गत जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन वी डी पी राजकीय इंटर कॉलेज मथुरा में किया गया ,जिसमें जनपद के राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के दिव्यांग छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया गया। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में अवधेश कुमार प्रथम ,राहुल द्वितीय, व आदर्श परिहार द्वारा तृतीय स्थान प्राप्त किया गया।
दौड़ प्रतियोगिता बालक वर्ग में राहुल कुमार प्रथम ,रमन कुमार द्वितीय ,व अवधेश कुमार द्वारा तृतीय स्थान प्राप्त किया गया।
दौड़ प्रतियोगिता बालिका वर्ग में दिव्या प्रथम ,रुचि धनगर द्वितीय व गौरी वर्मा द्वारा तृतीय स्थान प्राप्त किया गया।
थ्रोबॉल प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में गौरी वर्मा द्वारा प्रथम राखी द्वितीय व पल्लवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। थ्रोबॉल बालक वर्ग में अवधेश कुमार प्रथम नितिन कुमार सागर द्वितीय व राहुल कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बॉल थ्रो स्पेशल कैटिगरी मैं अभिषेक कुमार प्रथम, रूपक कौशिक द्वितीय, व अजय कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
ट्राईसाईकिल दौड़ में संदीप कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में करिश्मा प्रथम नेहा द्वितीय व नितिन कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निबंध प्रतियोगिता में शिवांश भदोरिया ने प्रथम अवधेश कुमार ने द्वितीय व मुस्कान गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
नृत्य प्रतियोगिता में साधु लाल भार्गव की छात्रा कुमकुम ने एक पैर पर नृत्य कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। किशोरी रमन कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा दिया कुमारी ने नृत्य में बहुत ही मकनमोहक प्रस्तुती दी। नृत्य प्रतियोगिता में कुमकुम प्रथम, नेहा द्वितीय व मुस्कान व दिया कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मथुरा वृंदावन मेयर श्री विनोद अग्रवाल द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किया गया , उनके द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि आपको ईश्वर ने विशेष कार्य हेतु भेजा है, दिव्यांगता जीवन मे किसी कार्य हेतु बाधा नहीं बननी चाहिए आपके हौसले से ही सभी बाधा दूर हो सकती है। सरकार द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु विशेष कार्यक्रम संचलित किये जा रहे हैं जिससे दिव्यांग छात्र जीवन मे सफलता को प्राप्त कर सकते हैं। प्रतियोगिता में जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्र द्वारा छात्रों को शाशन द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी दी गयी व उनको योजनाओ के लाभ के बारे में बताया गया। प्रतियोगिता का संचालन श्रीमती कविता सक्सेना नोडल अधिकारी द्वारा किया गया। श्री सत्यदेव प्रधानाचार्य द्वारा सभी उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। खेल प्रतियोगिता में श्री सर्वेश सोलंकी, श्री अमित गौतम, श्री राकेश साहू ,श्री रबी प्रकाश , श्री बलभद्र, श्री राहुल शर्मा द्वारा रेफरी की भूमिका निभाई गयी, श्रीमती बी एन मिडिल, श्रीमती बरखा सारस्वत द्वारा निबंध व गायन व नृत्य प्रतियोगिता में मूल्यांकन किया गया।
स्पेशल एडुकेटर श्री आशीष मिश्रा, श्रीमती आराधना व श्री ललित मिश्रा द्वारा छात्रों को प्रतियोगिता में सहयोग प्रदान किया गया।

जीएलए के एफएसएईटी सम्मेलन में नवाचार और उद्यमिता विकास पर जोर

मथुरा : जीएलए यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के तत्त्वधान में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘एफएसएइटी 23’ का आयोजन कुशलता पूर्वक संपन्न हुआ। त्रि दिवसीय सम्मेलन के मुख्य अतिथि की भूमिका में प्रोफेसर अनिल कुमार कश्यप जो वर्तमान में निकमार यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं तथा फ्रांस से पधारे विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर पास्कल पिवेट्यू ,शोध निर्देशक आईएनआरएइ ने उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई।
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने देश और विदेश से आए हुए वैज्ञानिकों, छात्रों, शिक्षाविदों का सम्मान करते हुए आयोजन के मुख्य विषय की सस्टेनेबिलिटी और फ्यूचरिस्टिक पक्ष का स्पष्टीकरण किया।
यह कार्यक्रम चीफ चेयरपर्सन विभागाध्यक्ष प्रो एवं हेड डॉ. सुधीर कुमार गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के सभापति प्रोफेसर सुभाष त्रिपाठी एसोसिएट डायरेक्टर रिसर्च और उपसभापति डॉ. नकुल गुप्ता थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के मधुर गान से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनिल कश्यप ने देश सिविल अभियांत्रिकी के क्षेत्र में हो रहे नवाचार और नए विकास कार्यक्रमों की सुंदर जानकारी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के सम्मानित विदेशी अतिथि प्रोफेसर पास्कल पिवेट्यू जी ने फ्रांस में हो रहे बायोलॉजिकल और खाद्य अपशिष्टों से ऊर्जा दोहन प्रणाली की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए फ्रांस के नगर विकास परिषद द्वारा पर्यावरण पोषी प्रयोगों का गंभीरता से हो रहे कार्यान्वयन पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। प्रो. राजेश गोयल, डीन एनआईसीएमएआर पुणे ने 3डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी पर विमर्श किया। प्रो. कपिलेश भार्गव, साइंटिफिक ऑफिसर-एच, बीएआरसी मुंबई ने एक केस स्टडी रेजिडेंशियल बिल्डिंग असेसमेंट पर प्रस्तुति दी। प्रो. सी एस पी ओझा, आई आई टी रूरकी ने इंजीनियरिंग इंटरवेंशंस पे चर्चा की, जो भविष्य के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है। डॉ. लिंडा गिरेसिनी, असिस्टेंट प्रोफेसर, सैपिएंजा यूनिवर्सिटी ऑफ़ रोम, इटली ने मौजूदा चुनाव वाली इमारतों के लिए डिज़ाइन की आवश्यकता पर जोर दिया।
दूसरे दिन की शुरुआत इंजीनियरिंग में विविध विषयों को कवर करते हुए डॉ. एस. के चतुर्वेदी, एनसीसीबीएम, गाजियाबाद, डॉ. गोविंद परचानि एवं डॉ. एल बी रॉय, प्रोफेसर एनआईटी पटना ने भवन निर्माण सामग्री और प्रबंधन, परिवहन इंजीनियरिंग और भू-तकनीकी इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए, समानांतर तकनीकी सत्र में क्रमवार टेक्निकल प्रस्तुति दी। समापन समारोह में सम्मेलन के समापन के लिए डॉ. के आर सिंह ने सबका अभिवादन किया।
समापन समारोह में एक प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरण समारोह शामिल था। आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता में उनके योगदान को स्वीकार करते हुए प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कुल मिलाकर, ‘एफएसएइटी 23’ ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ज्ञान, अंतर्दृष्टि और अनुसंधान निष्कर्षों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान किया। वक्ताओं की विविध श्रृंखला, तकनीकी सत्र और नेटवर्किंग अवसरों ने इंजीनियरिंग में भविष्यवादी और टिकाऊ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में सम्मेलन की सफलता में योगदान दिया।

ज्ञात हो कि जीएलए विश्वविद्यालय के परिसर में भी अपशिष्ट खाद्य पदार्थों से ऊर्जा दोहन संयंत्र शीघ्र ही चालू होने जा रहा है, जिससे प्रतिदिन प्रचुर मात्रा में बायोमेथने गैस उत्पन्न होगी, जिसे रसोई की ऊर्जा खपत में काफी कमी आएगी। यह ग्रीन जीएलए की दिशा में एक समाज उपयोगी सार्थक पहल है, जिसका आधार “निसर्ग ऋण” नाम का प्रोग्राम है जो भाभा परमाणु संयंत्र के निर्देशन में हो रहा है ।