Saturday, January 17, 2026
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संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को बड़ी कंपनियों ने दीं नौकरी

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को देश की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने आनलाइन चयन प्रक्रिया अपनाकर अपनी कंपनियों में नौकरी दी है। आनलाइन हुए प्लेसमेंट के दौरान लंबी चयन प्रक्रिया के बाद इन विद्यार्थियों ने जाब आफर हासिल किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
संस्कृति विवि की एमबीए की छात्रा विशाखा सिंह राठौर ने ब्ल्यूस्टोन कंपनी में आनलाइन हुई चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल की है। कंपनी ने उन्हें अच्छे वेतनमान पर अपने यहां काम करने का अवसर प्रदान किया है। एमबीए की छात्रा सोनिया सिंह ने एचपी इंजीनियर्स वर्क्स में आनलाइन इंटरव्यू के माध्यम से नौकरी हासिल की है। बी.काम. की छात्रा निधि तिवाली को एक्स्पोबिज आईटी सोल्यूशन कंपनी ने अपने यहां नौकरी दी है। संस्कृति विवि के इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा के छात्र प्रवेंद्र चाहर को माइक्रो इन्नोटेक इंडिया प्रा.लि. ने अपने यहां नौकरी दी है। वहीं इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा के एक अन्य छात्र ब्रजकिशोर को इलेक्ट्रोस्मार्ट टेक्नोलाजी कंपनी में नौकरी पाने में सफलता हासिल हुई है। देश की नामी कंपनी आईडीएस इन्फोटेक लि. ने संस्कृति विवि की बी. फार्मा की छात्रा हिंतांशी अग्रवाल तथा बीएससी बायोटेक की छात्रा प्रज्ञा सिंह को आनलाइन इंटरव्यू कर अपनी कंपनी के लिए चयनित किया है।
विद्यार्थियों के इस चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्कृति विवि के अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों में नौकरी पाने वाले छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल जरूरीः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल

के.डी. डेंटल कॉलेज में स्पर्धा-2023 का शानदार आगाज

मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच स्पर्धा-2023 का शुभारम्भ किया गया। यह प्रतियोगिता 30 अप्रैल तक चलेगी जिसमें छात्र-छात्राएं वॉलीबाल, बॉस्केटबाल, शतरंज, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स, रस्साकशी आदि स्पर्धाओं में अपने कौशल का आगाज कर अधिक से अधिक मेडल जीतने का प्रयास करेंगे। स्पर्धा-2023 का शुभारम्भ डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने राष्ट्रगान के साथ गुब्बारे उड़ाकर किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से अपने संदेश में कहा कि जीवन में खेलों के महत्व पर लम्बी चर्चा की जा सकती है। कुछ लोग मानते हैं कि खेल समय की बर्बादी है लेकिन ऐसा नहीं है। आज के भागमभाग भरे जीवन में खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि खेल जीवन में महत्वपूर्ण हैं। खेल हमें सिखाते हैं कि एक टीम के रूप में एक साथ कैसे काम करना है, कैसे लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें हासिल करना है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि मनुष्य के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए अच्छी शिक्षा के साथ ही खेलों का समावेश होना भी आवश्यक है। खेल हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह हम ज्ञान के लिए पढ़ाई करते हैं उसी तरह हमें स्वस्थ शरीर के लिए नियमित रूप से कोई न कोई खेल अवश्य खेलना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सद्भावपूर्ण वातावरण में खेलने का आह्वान किया।

रस्साकशी में जोर लगाते छात्र
प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक खेलों का विशेष महत्व है। शिक्षा का अर्थ केवल पुस्तकों का ज्ञान अर्जित करना ही नहीं होता बल्कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास का पर ध्यान देना होता है। जिस प्रकार हमारे लिए शिक्षा का महत्व होता है उसी प्रकार शिक्षा में खेलों का भी महत्व होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेलकूद महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा से बुद्धि, ज्ञान का विकास होता है वहीं खेलों से हमारा शरीर स्वस्थ और तंदुरुस्त रहता है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा और खेल दोनों का महत्व है। जिस प्रकार हमें जिन्दा रहने के लिए हवा, पानी और भोजन की आवश्यक होती है उसी तरह स्वस्थ रहने के लिए खेलकूद बहुत आवश्यक हैं क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।
स्पर्धा-2023 के सफल संचालन के लिए अभिमन्यु को छात्र वर्ग तथा समीक्षा को छात्राओं के वर्ग की कप्तानी सौंपी गई है। स्पोर्ट्स आफीसर डॉ. सोनू शर्मा की देखरेख में चलने वाले इन खेलों में लोकेश शर्मा, लक्ष्मीकांत तथा निशांत निर्णायक की भूमिका का निर्वहन करेंगे। स्पर्धा-2023 के शुभारम्भ अवसर पर डॉ. विनय मोहन, डॉ. सुनील, डॉ. शैलेंद्र चौहान, डॉ. नवप्रीत कौर, डॉ. सिद्धार्थ सिसोदिया, डॉ. अतुल, डॉ. उमेश, डॉ. अजय नागपाल, डॉ. सोनल, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पौधरोपण कर के.डी. डेंटल कॉलेज में मना पृथ्वी दिवस

छात्र-छात्राओं ने लिया पर्यावरण बचाने, पेड़ लगाने का संकल्प

मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लास के बीच पौधरोपण कर पृथ्वी दिवस मनाया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण बचाने, पेड़ लगाने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को बिगड़ते पर्यावरण को बचाने के उपाय बताए।
डॉ. लाहौरी ने कहा कि बिगड़ते पर्यावरण पर सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन की सोच का उद्देश्य पर्यावरण के मुद्दों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना था। पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली को अपनाने और प्राकृतिक दुनिया पर प्रतिकूल मानव प्रभाव को कम करने या समाप्त करने के लिए ही पृथ्वी दिवस शुरू हुआ। डॉ. लाहौरी ने कहा कि पर्यावरणीय गिरावट और जलवायु परिवर्तन से यदि नहीं निपटा गया, तो इसका राष्ट्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।


डॉ. लाहौरी ने कहा कि कुछ व्यक्तियों नहीं बल्कि दुनिया भर के व्यक्तियों, संगठनों को सामूहिक रूप से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने तथा अपनी प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि आइए हम सभी स्थायी जीवन की दिशा में एक साहसिक कदम उठाने का संकल्प लें। पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ लगाएं और उनकी सुरक्षा भी करें।
पृथ्वी दिवस पर छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण करने के साथ ही पर्यावरण को कैसे सुधारा जा सकता है, उस पर भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। छात्र-छात्राओं के साथ ही डॉ. मनेष लाहौरी, डॉ. विनय मोहन, डॉ. सुनील, डॉ. शैलेंद्र चौहान, डॉ. नवप्रीत, डॉ. सिद्धार्थ सिसोदिया तथा प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया आदि ने पौधरोपण किया।

जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कैमिस्ट्री (रसायन) विभाग के प्रोफेसरों और रिसर्चर ने कैंसर से पीड़ित मरीजों के उचित उपचार के लिए एक एल्ब्यूमिन नैनो पार्टिकल बनाया

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कैमिस्ट्री (रसायन) विभाग के प्रोफेसरों और रिसर्चर ने कैंसर से पीड़ित मरीजों के उचित उपचार के लिए एक एल्ब्यूमिन नैनो पार्टिकल बनाया है। इस नैनो कॅरियर से मरीज के कैंसर सेल पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इसका पेटेंट भी ग्रांट हो चुका है।

यह देखा जाता है कि कैंसर की दवा लेने के बाद मरीजों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी परेशानी को मद्देनजर रखते हुए जीएलए रसायन विभाग के प्रोफेसर डाॅ. पंचानन प्रमाणिक, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. अभिषेक श्रीवास्तव और रिसर्चर डाॅ. अंजलि प्रजापति ने एक नए प्रकार के एल्ब्यूमिन नैनो पार्टिकल का निर्माण किया है। एल्ब्यूमिन नैनो पार्टिकल काॅर्बोक्सिलिक समूह से जोड़कर तैयार किया गया है।

रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि कैंसर जैसी भयावह बीमारी के उपचार में वर्तमान में रेडिएशन थैरेपी व कीमोथेरेपी की सहायता ली जाती है, जिसके भारी दुष्परिणाम मानव शरीर पर देखे जाते हैं। जिन्हें टारगेट ड्रग डिलीवरी तकनीकि के माध्यम से बहुत कम किया जा सकता है और विभिन्न प्रकार के कैंसर का उपचार शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित किए बिना किया जा सकता है। कैंसर के मरीजों के लिए ये तकनीक बहुत फायदेमंद होगी। क्योंकि टारगेटेड ड्रग डिलीवरी सिस्टम में दवा का असर सीधे कैंसर सेल पर ही होगा, दवा के असर से हेल्दी कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचेगा।

प्रोफेसर ने यह भी बताया कि मानव शरीर में कैंसर मेडिसिन की टारगेट डिलीवरी हेतु एल्ब्यूमिन बहुत ही आकर्षक वाहक के रूप में कार्य करता हैं। क्योंकि यह बायोकम्पेटेबिल व नॉन टॉक्सिक हैं। संश्लेषित एल्ब्यूमिन नैनोपार्टिकल्स पर कार्बोक्सिलिक समूह जुड़ने के कारण संश्लेषित एल्ब्यूमिन नैनो पार्टिकल की ड्रग लोडिंग क्षमता बढ़ जायेगी और वह कैंसर मेडिसिन के टारगेटिड ड्रग डिलीवरी में उत्तम नैनो कॅरियर के रुप में कार्य करेगा। दरसल टारगेटिड ड्रग डिलीवरी में नैनो कॅरियर का उपयोग करते हैं। यह नैनो कॅरियर कैंसर मेडिसिन के अणुओं को अपने में समाहित कर मेडिसिन के चिकित्सीय सूचकांक को अपने लक्ष्य विशिष्ट क्रिया के माध्यम से बढ़ा देगा।

फंक्शनलाइज़्ड एल्ब्यूमिन नैनो कॅरियर के पेटेंट ग्रांट होने पर विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक दास ने बताया कि कैंसर एक भयावह बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन जीएलए का रसायन विभाग काफी लंबे समय से इसी बीमारी के इलाज हेतु नए अनुसंधान करने में जुटा हुआ है। इससे पहले भी मिथाइल ग्लायऑक्जल नामक प्रोडक्ट पर जीएलए की डिस्टींग्यूस्ड प्रोफेसर डाॅ. मंजू रे ने रिसर्च किया। प्रो. दास कहते हैं कि रसायन विज्ञान का ज्ञान कोई भी छात्र अगर ठीक तरीके से हासिल कर ले, तो भारत देश के विकास में नए अनुसंधान जुडेंगे

डीन रिसर्च डाॅ. कमल शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय अनुसंधान का हब बनकर उभरेगा। 14 से अधिक रिसर्च सेंटर जिनमें सोलर एनर्जी, माइक्रो नेनो डेवलपमेंट, बेंटले लैब ऑफ़ एक्सीलेंस, सस्टेनेबल इनवायरनमेंट एंड एग्रीकल्चर, एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग, सेंटर फाॅर कम्प्यूटर विजन एंड इंटेलीजेंट सिस्टम, लैबव्यू एकेडमी, टेक्सास इंस्टूमेंट इनोवेशन, सेंटर फाॅर काउ साइंस, आईपीआर रिसर्च सेंटर के माध्यम से 4400 से अधिक पब्लिकेशन, 400 से अधिक पेटेंट पब्लिश एंड 35 से अधिक पेटेंट ग्रांट कराने में विश्वविद्यालय अग्रणी रहा है।

प्रो. वर्षा स्नेही बेस्ट पोस्टर प्रजेंटर अवॉर्ड से सम्मानित

राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री विभाग में हैं कार्यरत

मथुरा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री विभाग में कार्यरत प्रो. वर्षा स्नेही को शारदा ग्रुप के संस्थान आनंद कॉलेज आफ फार्मेसी आगरा में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में बेस्ट पोस्टर प्रजेंटर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
फार्मा को-विजिलेंस और क्लीनिकल रिसर्च में समसामयिक चुनौतियां एवं अवसर विषय पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में प्रो. वर्षा स्नेही ने अपने शोध-पत्र द्वारा कई पहलुओं को उजागर करते हुए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंत में वर्षा स्नेही के कंटेंट को ध्यान में रखते हुए श्रेष्ठ शोध-पत्र घोषित कर उन्हें बेस्ट पोस्टर प्रजेंटर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अतिथियों द्वारा राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी विभाग के प्रो. पवन पाण्डेय, रितिक वर्मा तथा छात्र लोकेश राजपूत, सौम्य गुप्ता, वेद प्रकाश जादौन, नवीन पांचाल, गौरव सिंह, गगन, लव ठाकुर एवं केशव को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, संस्थान के निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक आदि ने प्रो. वर्षा स्नेही को बधाई देते हुए शैक्षिक विकास एवं अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी के व्यवहार, ज्ञान तथा विकास को सकारात्मक रूप प्रदान कर उसे समाज के अनुकूल बनाना है। शिक्षा में विभिन्न प्रकार के अनुसंधानों द्वारा ही शिक्षण प्रक्रिया के मध्य आने वाली समस्याओं तथा बाधाओं को दूर किया जा सकता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि शैक्षिक अनुसंधान द्वारा ही मौलिक प्रश्नों का सही उत्तर प्राप्त किया जा सकता है।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रो. वर्षा स्नेही ने कहा कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी पठन-पाठन की दृष्टि से श्रेष्ठ संस्थानों में से एक है। संस्थान के निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक चूंकि स्वयं फार्मेसी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत रहते हैं यही वजह है कि यहां के प्राध्यापक भी इस दिशा में कुछ न कुछ बेहतर करने की कोशिश करते रहते हैं।

डॉ. देवेन्द्र पाठक को मिला राष्ट्रीय शिक्षा गौरव पुरस्कार

फार्मेसी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अमूल्य योगदान

मथुरा। नई दिल्ली के होटल ले मेरिडियन में आयोजित गरिमामय समारोह में राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक को फार्मेसी शिक्षा और शोध में किए गए उनके अमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षा गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया। डॉ. पाठक को यह सम्मान राजीव कुमार सदस्य सचिव एआईसीटीई नई दिल्ली और शाजिया इल्मी राष्ट्रीय प्रवक्ता भाजपा के करकमलों से प्रदान किया गया।
गौरतलब यह कि डॉ. देवेन्द्र पाठक फिलवक्त आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में निदेशक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. पाठक ने फार्मेसी शिक्षा में कई पुस्तकें लिखने के साथ ही सैकड़ों शोध किए हैं। इन्हें अब तक दर्जनों राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। 18 अप्रैल को नई दिल्ली के होटल ले मेरिडियन में आयोजित समारोह में डॉ. पाठक को करतल ध्वनि के बीच राष्ट्रीय शिक्षा गौरव पुरस्कार से सम्मानित गया। विदित हो कि यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रसिद्ध विद्वानों को प्रदान किया जाता है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के प्राध्यापकों ने डॉ. देवेन्द्र पाठक को मिले राष्ट्रीय शिक्षा गौरव पुरस्कार पर प्रसन्नता व्यक्त करते उन्हें बधाई दी। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि डॉ. देवेन्द्र पाठक का फार्मेसी शिक्षा और शोध में अभूतपूर्व योगदान है। डॉ. पाठक द्वारा लिखी पुस्तकें तथा शोध-पत्र युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने के साथ ही फार्मेसी के क्षेत्र में काफी उपयोगी साबित हो रही हैं। डॉ. पाठक का यह सम्मान आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के लिए गौरव की बात है।

गोल्ड मेडल से सम्मानित हुई राजीव एकेडमी की छात्रा सुरभि अग्रवाल

बीसीए में सर्वोच्च अंक लाने पर राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने किया सम्मान

मथुरा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट की मेधावी छात्रा सुरभि अग्रवाल को डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के 88वें दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल और कुलपति प्रो. आशुरानी द्वारा बीसीए में सर्वोच्च अंक हासिल करने पर गोल्ड मेडल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि राजीव एकेडमी की बीसीए सत्र 2019-2022 की छात्रा सुरभि अग्रवाल ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक (2716/3200) हासिल किए थे। विगत दिवस विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने सुरभि अग्रवाल को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। सम्मान के बाद सुरभि ने अपनी इस सफलता का श्रेय राजीव एकेडमी की शानदार शिक्षण प्रणाली के साथ ही संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना के अनुशासन और बीसीए के विभागाध्यक्ष चंद्रेश दुबे के कुशल मार्गदर्शन को दिया था। सुरभि ने कहा कि वह आगे पढ़ाई करने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए मानदण्ड स्थापित कर राष्ट्र की सेवा करना चाहती है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना तथा संस्थान के सभी प्राध्यापकों ने सुरभि अग्रवाल की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, लगन और मेहनत से नए प्रतिमान गढ़ रही हैं। संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं को सुरभि से प्रेरणा लेनी चाहिए। निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने छात्रा सुरभि अग्रवाल की प्रशंसा करते हुए सभी छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे इस छात्रा से प्रेरणा लेते हुए पढ़ाई करें तथा अपनी शिक्षण संस्था, अपने शिक्षकों और राष्ट्र का नाम रोशन करें।

जीएलए विधि के विद्यार्थियों ने जाना साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी कानून

जीएलए विधि के विद्यार्थियों ने जाना साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी कानून

मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विधि संस्थान 1⁄4लॉ1⁄2 में विद्यार्थियों को साइबर लॉ, डाटा प्राइवेसी एवं उससे जुड़े अन्य मुद्दों से अवगत कराने के लिए अतिथि व्याख्यान आयोजित किया। व्याख्यान में राश्टींय विधि विश्वविद्यालय, भोपाल के प्रोफेसर एवं साइबरसुरक्षा एवं डाटा प्राइवेसी विशेशज्ञ ने सरुक्षा से जुडे़ मुद्दों और डाटा से जुड़े कानून के बारे में जानकारी दी।
एनएलआईयू भोपाल के प्रोफेसर डॉ. अस्तित्व भार्गव साइबर सुरक्षा एवं डाटा प्राइवेसी जैसे विषयों के जाने माने ज्ञाता हैं। अपने व्याख्यान में उन्होंने भारतीय कानूनों की तुलना विदेश के साइबर कानूनों से की। उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया में औसत व्यक्ति जितनी आसानी से ऑफलाइन रहता है उतनी ही आसानी से ऑनलाइन रहता है और लेनदेन करता है। हालांकि, उन्हें उसी तरीके से विनियमित या जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है। दो मोर्चों पर सुरक्षा की जरूरत है। सबसे पहले, निवारक सुरक्षा की आवश्यकता है।
उदाहरण के लिए इंटरनेट पर किसी व्यक्ति की गतिविधि के मद्देनजर एक विशाल डिजिटल पदचिह्न छोड़ दिया जाता है, जिसके दुरुपयोग की बड़ी संभावना होती है। इस तरह के डेटा को सुरक्षित, अज्ञात और संरक्षित करने की गंभीर आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी में हर देश अपने दुश्मन देश पर हैकिंग या अन्य प्रकार के साइबर हमले करवा रहा है, जैसा कि ज्यादातर चीन भारत में अपने मोबाइल फोन, एप्लीकेशन या अन्य प्रकार से साइबर हमले करता है और गोपनीय डाटा को लेकर जासूसी करता है। इसी के साथ ही उन्होंने डाटा प्राइवेसी साइबर लॉ से जुड़े रोजगार के अवसरों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधि के विद्यार्थियों के पास रोजगार के तमाम अवसर हैं। जरूरत है तो सिर्फ और सिर्फ कानून को अधिक से अधिक पढ़कर उसके बारे में जानने और उसके प्रयोग करने की। भारतीय कंपनियां भी साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी के लिए आगे बढ़ रही है। वह विशेशज्ञों को अपने यहां रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं।
कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विधि संस्थान अपने विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर कानूनी जानकारी देने और उसका अध्ययन कराने के लिए विधि विशेशज्ञों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित करता है। क्लास रूम से अलग हटकर कानूनी प्रयोगों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी जा रही है। जीएलए विधि संस्थान के डीन प्रो. आलोक वर्मा ने कहा कि आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग अधिक बढ़ जाने के कारण साइबर सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी जितना कि अपने डेटा की प्राइवेसी। लोगों के डेटा के गलत प्रयोग हेतु साइबर अपराधी साइबर क्राइम को अंजाम देते हैं। इस कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी होना बेहद आवश्यक है। विधि के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुणांशु दुबे ने भी छात्रों को साइबर लॉ एवं डाटा प्राइवेसी जैसे मुद्दों पर ज्ञानवर्धन किया। व्याख्यान में धन्यवाद प्रस्ताव सहायक प्राचार्य डॉ. सौमी चटर्जी ने दिया। बायोटेक के विद्यार्थियों ने किया सीएसआईआर इंस्टीट्यूट का भ्रमण मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों ने राष्टींय वनस्पति अनुसंधान संस्थान और केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान लखनऊ का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने यहां विभिन प्रयोगशालाओ में स्थापित आधुनिक मशीनों को देखा तथा उनके परिचालन के बारे में भी सीखा। विभिन्न उपकरणों के व्यावहारिक कामकाज को सीखने के साथ साथ अपनी शंकाओ को भी दूर किया। सीएसआईआर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद् की एक इकाई एवं एक प्रमुख वैज्ञानिक संगठन है, जो जैविक और रासायनिक विज्ञान के विभिन क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और औषधि एवं सुघंधित पौधों का उपयोग करने वाले किसानो एवं उद्यमियों को तकनीक और सेवाओ ं का विस्तार करने में सहायता करता है।
इन्ही बेहतर व्यवस्थाओं को देखने, जानने परखने एवं सुगंधित पौधों पर रिसर्च के बारे में सीखने के लिए विद्यार्थियों ने भ्रमण किया। विद्यार्थियों की विजिट के दौरान सीआइएमएपी के तकनीकी अधिकारी हिमांशु ने प्रयोगशालों और मानव गार्डन तथा उसमे उपस्थित मानव शरीर के सभी अंगो के उपयोग लिए कई प्रकार के औषधियों के बारे में भी जानकारी दी। विजिट से लौटने के बाद विद्यार्थियों को विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह ने बधाई दी। यह विजिट बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनुकूल वैष्णव एवं प्रोफेसर डॉ. स्वरुप पाण्डेय के दिशा-निर्देशन में पूर्ण हुई।

डॉक्टर्स क्रिकेट लीग में के.डी. मेडिकल कॉलेज का जोरदार प्रदर्शन

डॉ. मनीष को मिला सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक का पुरस्कार

मथुरा। अवंती बाई स्टेडियम आगरा में डॉक्टर्स टी-20 क्रिकेट लीग प्रतियोगिता खेली गई। फाइनल मुकाबला के.डी. मेडिकल कॉलेज मथुरा और संघी स्मैसर्स के बीच हुआ, जिसमें संघी स्मैसर्स विजेता तथा के.डी. मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की टीम उप-विजेता रही। पूरी प्रतियोगिता में के.डी. मेडिकल कॉलेज की टीम के शानदार प्रदर्शन और खेलभावना की आयोजन समिति ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
व्यस्ततम चिकित्सीय पेशे के बाद भी डॉक्टरों के प्रयासों से आगरा के अवंती बाई स्टेडियम में विगत दिवस डॉक्टर्स क्रिकेट लीग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सेमीफाइनल मुकाबलों में के.डी. मेडिकल कॉलेज मथुरा और संघी स्मैसर्स की टीमों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले मंज टॉस संघी स्मैसर्स ने जीता और के.डी. मेडिकल कॉलेज को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। निर्धारित 20 ओवरों में के.डी. मेडिकल कॉलेज की टीम ने 98 रन बनाए। डॉ. उत्तम ने जहां सर्वाधिक 27 रनों की पारी खेली वहीं डॉ. दुर्गेश 21, डॉ. आशुतोष 15 तथा डॉ. मनीष ने 13 रन बनाए। गेंदबाजी में संघी स्मैसर्स की ओर से डॉ. प्रिंस और डॉ. रोहिल ने तीन-तीन विकेट लिए।

कैंपस प्लेसमेंट को आई रीयल स्टेट कंपनी में नौकरी पाने वाले संस्कृति विवि के विद्यार्थी अधिकारियों के साथ


99 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी संघी स्मैसर्स की टीम के बल्लेबाजों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट से मुकाबला जीतने के साथ ही खिताब अपने नाम किया। संघी स्मैसर्स की ओर से हरफनमौला डॉ. प्रिंस ने 57 रनों की नाबाद पारी खेली। डॉ. आदित्य ने 15 रन बनाए। आयोजन समिति ने विजेता और उप-विजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान करते हुए डॉक्टरों का हौसला बढ़ाया। के.डी. मेडिकल कॉलेज टीम के कोच डॉ. गौरव सिंह और टीम मैनेजर डॉ. सोनू शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य चिकित्सकों को खेल का अवसर दिलाना था। के.डी. मेडिकल कॉलेज की टीम सम्पूर्ण प्रतियोगिता में अच्छा खेली लेकिन फाइनल में भाग्य ने उसका साथ नहीं दिया। मैदान में शानदार चपलता के लिए डॉ. मनीष को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक का पुरस्कार दिया गया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका तथा जी.एम. अरुण अग्रवाल ने के.डी. मेडिकल कॉलेज टीम के उप-विजेता रहने पर टीम के सभी चिकित्सकों को बधाई दी। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि जीत-हार खेल का हिस्सा है। हार से निराश होने की बजाय अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए।

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को रीयल स्टेट कंपनी में मिली नौकरी

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रीयल स्टेट की जानी पहचानी कंपनी वेल्थ क्लीनिक ने अपनी कंपनी में नौकरी दी है। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान लंबी चयन प्रक्रिया के बाद इन विद्यार्थियों ने जाब आफर हासिल किए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
कंपनी द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया के दौरान संस्कृति विवि के बी.काम. के छात्र आशीष पाठक, आदित्य दुबे, हर्ष उपमन्यु, बीबीए के छात्र योगेश कश्यप, आर्यन भारद्वाज, हेमेंद्र पाठक, पुष्पेंद्र शर्मा,बालकिशन, चेतन सिंह रावत,सचिन कुमार, रोहित चौहान, बीसीए के छात्र मनमोहन भारद्वाज, शिवम चौहान, नरेंद्र सिंह, राहुल अग्रवाल का चयन किया गया। विद्यार्थियों को कंपनी के अधिकारियों ने अच्छे वेतन के साथ नियुक्तियां प्रदान की हैं। कंपनी की एचआर मेघा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वेल्थ क्लिनिक में हम ग्राहकों की जरूरत के अनुरूप परिवर्तन के लिए तैयार रहते हैं और संपत्ति के बजाय अपने ग्राहकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रयास करते हैं। हमारे विशेष रियल एस्टेट विशेषज्ञों को बाजार का पूरा ज्ञान है जो व्यक्तिगत संपत्ति निवेशकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पारदर्शी सेवाएं प्रदान करता है। हम वेल्थ क्लिनिक में, घर खरीदारों द्वारा सामना की जाने वाली रियल एस्टेट चुनौतियों के लिए असाधारण सलाह और व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हैं।
विद्यार्थियों के इस चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्कृति विवि के कुलपति प्रोफेसर एमबी चेट्टी ने कहा कि विवि आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता है। आप अपनी मेहनत और ज्ञान से कंपनी को तो ऊंचाइयों पर ले ही जाएंगे साथ ही विश्वविद्यालय का भी नाम रौशन करेंगे, ऐसी आपसे अपेक्षा है।