Sunday, March 3, 2024
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आंगनवाड़ी केन्द्रों के कायाकल्प से ही बच्चों का विकास संभव: राज्यपाल

  • राज्यपाल के साथ बैठक में पहुंचे जीएलए के कुलाधिपति ने गिनाईं जीएलए की उपलब्धियां
  • जीएलए द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से खुश नजर आयीं राज्यपाल


मथुरा। वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करने पहुंची उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मथुरा के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों के साथ एक लंबी बैठक की। बैठक में आंगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लेकर उनको विकसित करने और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी में आयोजित हुई बैठक में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह तथा संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सचिन गुप्ता पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सर्वप्रथम जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल को विश्वविद्यालय को नैक से ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर बधाई दी। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की।

विश्वविद्यालय की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने बताया कि समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ जीएलए सामाजिक सरोकारों की ओर पिछले कई वर्षों में कई पायदान बढ़ा है। आज भी जीएलए सोशल इनिशिएटिव के तहत भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त रसखान समाधि और ताज बीबी को संजो रहा है। इसके साथ कुसुम सरोवर और सुनरख स्थित रामताल, रंगजी मंदिर स्थित ब्रह्मकुंड की साज-सज्जा हेतु जुटा हुआ है।

कुलाधिपति ने बताया कि ब्रज शिक्षा कायाकल्प के तहत प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जीएलए ने बेहतर पहल करते हुए जैंत और आंझई के पांच विद्यालयों को गोद लेकर उनको सुदृढ किया है। गोद लिए गए विद्यालयों की सुद्रढ़ता के साथ-साथ आज इन स्कूलों में बच्चों के प्रवेश की संख्या में भी इजाफा हुआ है। माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में बरसाना स्थित ब्रजेश्वरी बालिका इंटर काॅलेज को संवारने का कार्य किया है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा की ओर छात्राएं आसानी से बढ़ सकें उस पर भी प्रदेश सरकार की पहल पर दो बेटियों के प्रवेष पर एक को फ्री शिक्षा देने की पहल सर्वप्रथम जीएलए ने की है। जीएलए विश्वविद्यालय की प्रगति के बारे में जानकर खुष नजर आयीं राज्यपाल आनंदी बेन ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थिति को बेहतर बनाने हेतु बीड़ा उठाया।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र न सिर्फ पोषण एवं स्वास्थ्य का केंद्र हैं बल्कि, तीन से छह वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा देने का स्थल भी है। बच्चों के पोषण स्वास्थ्य एवं मानसिक स्तर की वृद्धि में आंगनबाड़ी केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी के दृष्टिगत आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र बनाने के उद्देश्य से सरकारी और गैरसरकारी विश्वविद्यालयों को आगे आने की जरूरत है। निजी विश्वविद्यालय इस बात पर जोर दें कि वह आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के मानसिक विकास, आधारभूत संरचना को ध्यान में रखकर किस प्रकार आगे बढ़ें। इसके लिए विद्यार्थियों को भी गांव में भ्रमण करने की जरूरत है, जिससे कि विभिन्न सम्प्रदाय के लोगों का साथ मिले और केन्द्रों की स्थिति में सुधार हो सके। निजी विश्वविद्यालय जिलाधिकारी के साथ बैठक कर आंगनवाड़ी केन्द्रों को संवारने की भूमिका तैयार करें।

राज्यपाल की बातों पर गौर करते हुए जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लेने की सहमति जताई। कुलाधिपति ने कहा कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर वह जल्द ही विश्वविद्यालय के आसपास के केन्द्रों को संवारने का कार्य करेंगे।

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