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जीएल बजाज के वैश्विक सम्मेलन में होगा अनुसंधान पर मंथन

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जीएल बजाज के वैश्विक सम्मेलन में होगा अनुसंधान पर मंथन
  • इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में विद्वतजन प्रस्तुत करेंगे 307 शोध पत्र

मथुरा। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए 13 और 14 फरवरी को जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा में इंटेलिजेंट कंट्रोल, कम्प्यूटिंग और संचार पर आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसी3-2025) में प्रसिद्ध वैज्ञानिक, शिक्षाविद और उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञ तकनीकी प्रवृत्तियों और भविष्य की सम्भावनाओं पर विचार मंथन करेंगे।
आईईईई कॉन्फ्रेंस रिकॉर्ड नम्बर 63308 के तहत मान्यता प्राप्त इस दो दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, सऊदी अरब, जर्मनी, ग्रीस आदि देशों के अग्रणी शोधकर्ता, शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञ “नवाचार को अपनाना: अत्याधुनिक विकास की खोज” विषय पर अपने-अपने विचार साझा करेंगे। इस सम्मेलन के लिए 1080 शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से 307 को स्वीकृत किया गया है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि जीएल बजाज आईसी3- 2025 के माध्यम से वैश्विक स्तर पर नवीनतम तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है, जिससे समाज और उद्योग दोनों को लाभ मिले।
उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के विद्वतजन पारम्परिक सीमाओं को लांघकर नियंत्रण प्रणालियों, कम्प्यूटिंग और संचार के क्षेत्र में नई चुनौतियों के समाधान तलाशने पर विचार-विमर्श करेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भविष्य के तकनीकी नवाचारों और वैश्विक सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जिससे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित होंगे।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बुद्धिमान नियंत्रण प्रणालियों, अगली पीढ़ी की कम्प्यूटिंग तकनीकों और नवीन संचार प्रणालियों में हो रही प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करना है। आईसी3- 2025 में प्रतिभागी एआई-आधारित नियंत्रण प्रणालियां, क्लाउड और एज कम्प्यूटिंग नवाचार तथा उभरते संचार नेटवर्क जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। प्रो. अवस्थी ने बताया कि यह सम्मेलन वैश्विक शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के पेशेवरों और शिक्षाविदों के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
सम्मेलन समिति के अध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह ने बताया कि पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) डी.एस. चौहान इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन में प्रस्तुत होने वाले शोध-पत्रों में 22 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के हैं। 12 शोध पत्र एडोबी, एनवीडिया, आईबीएम, अमेजन जैसी शीर्ष कम्पनियों से आए हैं। सम्मेलन समिति के अध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह ने कहा कि आईसी3- 2025 की मेजबानी करना हमारे संस्थान की तकनीकी नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आयोजन केवल नवीन अनुसंधान को प्रदर्शित करने के लिए नहीं बल्कि उन विचार-विमर्श को बढ़ावा देने के लिए भी है, जो भविष्य की तकनीकी क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

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