





वृंदावन। श्रावण मास के पहले सोमवार को शिवभक्तों ने ब्रज की माटी से 3 लाख 81 हजार पार्थिव शिवलिंग बनाकर, दूध-दही, गंगाजल, शहद, बिल्बपत्र, धतूरा आदि से विधिपूर्वक अभिषेक किया । देवकीनंदन महाराज के साथ हजारों शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ की आरती उतार कर कन्हैया के ब्रज में शिव अराधना एवं अनुष्ठान का पंचम दिवस पूर्ण किया ।
प्रियाकान्तजू मंदिर पर आयोजित 21 लाख पार्थिव शिवलिंग अनुष्ठान महोत्सव में सोमवार को शिव महापुराण कथा श्रवण कराते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि कन्हैया के भक्तों से भगवान भोलेनाथ अत्यन्त प्रसन्न रहते हैं । उन्होने कहा कि ब्रज में रहकर शिवभक्ति करना सामान्य बात नहीं हैं । यह कन्हैया का धाम है लेकिन शिव भी यहाँ कृष्णभक्त बनकर गोपेश्वर रूप में विराजमान हैं। कहा कि लाला के दर्शन के लिये भूतनाथ शिव बाबा बनकर मैया यशोदा के घर आ गये थे । कन्हैया उनका स्वरूप देखकर कहीं डर न जायें इसलिये यशोदा मैया ने कहा कि कन्हैया सो रहे हैं । लेकिन शिव जी श्रीकृष्ण के बालस्वरूप के दर्शन के बिना जाने वाले नहीं थे । जैसे ही कन्हैया ने देखा कि यशोदा मैया भोलेनाथ को अंदर नहीं आने दे रहीं तभी वे लीला करके रोने लगे । मैया जैसे ही उन्हें आंगन में लेकर आयीं भोलेबाबा को देखकर वे प्रसन्न हो गये जैसे भगवान और भक्त का मिलन हो गया हो ।
गोपेश्वर महादेव की कथा श्रवण कराते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि जब कन्हैया ने रास रचाया तो पुरूषों के प्रवेश वर्जित होने पर शिव ने गोपी का रूप धारण कर लिया । वृन्दावन में शिव गोपेश्वर बन कर आज भी विराजित हैं ।
इस अवसर पर सूर्यकान्त गुप्ता, प्रकाश रांची, अंजना, नितेष जिंदल, अनुराधा चटर्जी, रोशनी, प्रकाश चन्द्र राय, हीरादेवी, ममता प्रकाश, किरन सीमा अग्रवाल, अशोक गुप्ता आदि ने व्यासपीठ पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

