HomeUncategorizedसंस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में संस्कृति विश्वविद्यालय और एजुनेट फाउंडेशन...

संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में संस्कृति विश्वविद्यालय और एजुनेट फाउंडेशन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू को प्रदर्शित करतीं विवि की सीईओ डा.श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और एजुनेट फाउंडेशन के नेशनल हेड धनंजय कुमार। साथ में हैं संस्कृति विवि के रजिस्ट्रार मनीष मिश्रा।

संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में संस्कृति विश्वविद्यालय और एजुनेट फाउंडेशन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू को प्रदर्शित करतीं विवि की सीईओ डा.श्रीमती मीनाक्षी शर्मा और एजुनेट फाउंडेशन के नेशनल हेड धनंजय कुमार। साथ में हैं संस्कृति विवि के रजिस्ट्रार मनीष मिश्रा संस्कृति विश्वविद्यालय और एजुनेट फाउंडेशन के मध्य हुआ एमओयू मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में संस्कृति विश्वविद्यालय और एजुनेट फाउंडेशन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस मौके पर एडुनेट फाउंडेशन के सहयोग से आईबीएम स्किलबिल्ड प्रशिक्षण सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें 1,000 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास एवं करियर-केंद्रित सीखने के अवसर प्रदान करना था।
संस्कृति विश्वविद्यालय और एडुनेट फाउंडेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन पर संस्कृति विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मनीष मिश्रा और एजुनेट फाउंडेशन की ओर से उनके नेशनल हेड धनंजय कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर कौशल-विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। प्रशिक्षण के अंतर्गत तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, जिन्हें सुश्री दृष्टि एवं श्री हृतिक ने संचालित किया। सत्रों में विद्यार्थियों को आईबीएम स्किलबिल्ड के माध्यम से व्यावहारिक एवं उद्योग-प्रासंगिक कौशल तथा भविष्य के करियर अवसरों से परिचित कराया गया। इस मौके पर एजुनेट फाउंडेशन के नेशनल मैनेजर धनंजय सहित अन्य अतिथियों को पटुका ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में संस्कृति विवि की सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा, संस्कृति स्किल डवलपमेंट विभाग के निदेशक अजीत प्रताप, संस्कृति इंक्युबेशन विभाग के सीईओ तरुण रावत, रजिस्ट्रार मनीष मिश्रा, विभिन्न विभागों के डीन एवं संकाय सदस्य एवं एडुनेट फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह पहल संस्कृत विश्वविद्यालय की कौशल विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग और विद्यार्थियों को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप रही।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments