HomeUncategorizedपंचदिवसीय विद्यालय दर्शन कार्यक्रम का हुआ समापन देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं...

पंचदिवसीय विद्यालय दर्शन कार्यक्रम का हुआ समापन देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पधारे विद्वानों ने किया विद्या भारती की शिक्षा पद्धति का गहन अध्ययन

वृन्दावन। परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पंचदिवसीय विद्यालय दर्शन कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पधारे अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विद्वानों ने विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था, शिक्षण पद्धतियों, गतिविधियों एवं विद्यालय जीवन के विभिन्न आयामों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। साथ ही विद्वानों ने भारतीय शिक्षा दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा, पंचकोशात्मक समग्र विकास एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति के साथ-साथ आधुनिक तकनीक एवं वर्तमान समय की आवश्यकताओं के समन्वय का भी अध्ययन किया।
पंचदिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्वानों ने शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने वंदना, कक्षा-कक्ष में पठन-पाठन, बाल-केंद्रित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण, योग, खेलकूद, ताइक्वांडो, कबड्डी, घोष, कला एवं रचनात्मक गतिविधियों सहित विद्यार्थियों की विभिन्न गतिविधियों का अध्ययन किया। साथ ही अटल टिंकरिंग लैब, कंप्यूटर एवं अन्य शैक्षिक संसाधनों का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्वानों ने विद्यालय परिवार के विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद कर विद्यालय की कार्यप्रणाली को विभिन्न दृष्टिकोणों से समझा। अभिभावकों, स्वावलंबी पूर्व छात्रों, छात्र संसद के पदाधिकारियों एवं मंत्रिमंडल, पूर्व आचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्रबंध समिति एवं आचार्यों के साथ चर्चा-वार्ता आयोजित की गई। छात्र संसद के पदाधिकारियों से संवाद के दौरान विद्यालय संचालन में विद्यार्थियों की सहभागिता, उनके दायित्व एवं कार्यप्रणाली को विशेष रूप से समझा गया। साथ ही सभी ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।
समापन अवसर पर विद्वानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय की शैक्षिक एवं संस्कारपरक गतिविधियों, अनुशासन, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता तथा भारतीय जीवन-मूल्यों पर आधारित वातावरण को उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रत्यक्ष विद्यालय दर्शन अध्यापक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों एवं शोधार्थियों को भारतीय शिक्षा पद्धति के व्यावहारिक स्वरूप को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
विद्यालय के प्रबंधक शिवेन्द्र गौतम ने सभी विद्वानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनुभव एवं सुझाव विद्यालय के लिए उपयोगी एवं मार्गदर्शक हैं।
इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अग्रवाल पी.जी. कॉलेज, बल्लभगढ़, डॉ. कौशलेंद्र सिंह, आर्य महिला पी.जी. कॉलेज, वाराणसीय जयप्रकाश शर्मा, काशी नरेश शिक्षा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भदोही तथा एकांश, प्रवक्ता, बी.एल.एस. इंटरनेशनल स्कूल, हाथरस शामिल रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रधानाचार्य विपिन कुमार शर्मा, उपप्रधानाचार्य ओमप्रकाश शर्मा, वरिष्ठ शिक्षक देवेन्द्र कुमार गौतम, अरुण दीक्षित, राहुल शर्मा, ऋतु रानी एवं बरखा शर्मा समेत विद्यालय के समस्त आचार्यों का सहयोग रहा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments