Saturday, January 3, 2026
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इंटरनेशनल ओलंपियाड फाउन्डेशन (IOF) द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में एचपीएड की छात्राओं ने किया जोनल टॉप

वृंदावन। हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की 140 छात्राओं ने इंटरनेशनल ओलिंपियाड फाउंडेशन के अंतर्गत गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, कंप्यूटर व
संगीत विषय की आयोजित परीक्षाओं में सहभागिता की जिसमें 2 छात्राओं नन्दिनी दुबे व जया पाण्डेय ने हिन्दी, संस्कृत विषय में जोनल टॉप किया है। संस्था द्वारा टॉपर को ट्रॉफी मेडल बैज व सर्टिफिकेट दिया जाएगा। अंजलि झा ने हिन्दी में,दिव्यांजलि कृष्णा सैनी तनु थेनुआ संगीत में गोल्डन टॉपर है भारती, गरिमा, खुशबू,मुक्ति, रिचा गौतम, अर्चना, लावण्या, मधु, गुन्जन, राधिका, संजना, लवी, रिया, माधवी सिल्वर टॉपर है। साथ ही 30 छात्राओं को कांस्य ई-सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ अंजू सूद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड परीक्षा ने छात्राओं को उनकी विशिष्ट योग्यताओं को जानने में मदद की, जिससे उन्हें अवधारणाओं को बेहतर और गहराई से समझने में मदद मिली, साथ ही उनमें आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धी भावना और संज्ञानात्मक क्षमताओं की भावना पैदा हुई।

विद्यालय प्रबंध समिति से पद्मनाभ गोस्वामी, विश्वनाथ गुप्ता, रेखा माहेश्वरी, महेश अग्रवाल, बांकेबिहारी शर्मा, मंयक मृणाल आदि ने सभी विजयी छात्राओं को हार्दिक बधाई दी।

भावी मतदाता ही देश के कर्णधार हैं-अपर जिलाधिकारी

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मथुरा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में आज सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रमों के अंतर्गत मतदाता जागरूकता मेले आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) योगानंद पांडे, नोडल अधिकारी स्वीप व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्राचार्य राजेंद्र बाबू , बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त, स्वीप कोऑर्डिनेटर प्रो पल्लवी सिंह, जिला मास्टर ट्रेनर डॉ0 अखिलेश यादव एवं डीएलएमटी मनीष दयाल की गरमामयी उपस्थिति में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्रपट पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की संयोजक एवं संचालक श्रद्धानंद प्राथमिक पाठशाला की प्रधानाध्यापिका अनीता मुद्गल ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत करी। मेले में बेसिक के विभिन्न विद्यालयों की ओर से झांकियां लगाई गई। कार्यक्रम में मतदाता जागरूकता की खूबसूरत पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई, बाइस्कोप का प्रदर्शन किया गया और आकर्षक सेल्फी पॉइंट भी मतदाताओं में आकर्षण का विषय रहा।
अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे ने मतदाता जागरूकता अभियान के संदर्भ में कहा कि हमें आशा है इसके परिणामस्वरूप आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। डायट प्राचार्य व स्वीप नोडल अधिकारी राजेंद्र बाबू ने कहा कि जन जागरुकता के ऐसे कार्यक्रम स्थानीय क्षेत्र में होने जरूरी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने कहा कि इस जन उत्साह को वोटिंग पर्सेंटेज मे बदलना बहुत जरूरी है तभी वास्तविक परिणाम सामने आयेगे। स्वीप कोर्डिनेटर प्रो पल्लवी सिंह ने कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।
कार्यक्रम मे मतदाता जागरूकता से संबंधित सुंदर कार्यक्रम प्रस्तुत किए गये। कार्यक्रम में बेसिक विद्यालयों द्वारा अपने क्षेत्र मे आयोजित कार्यक्रमों मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं और उनके मार्गदर्शक शिक्षक शिक्षिकाओ को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी बुद्बसेन, जिला मास्टर ट्रेनर अखिलेश यादव, डीएलएमटी मनीष दयाल, अशोक वर्मा, एसआरजी/एआरपी एंव विभिन्न परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं, विधार्थी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मतदाता जागरूकता अभियान अच्छे कार्य हेतु बेसिक के निम्न शिक्षकों को सम्मानित किया गया गुरूप्यारी संत्सगी उ.प्रा.वि. विरजापुर, सुनीता गुप्ता प्रा० वि० राँची बांगर, सीमा यादव उ.प्रा.वि. क्रमोत्तर नगर क्षेत्र, सुशीला चौधरी प्रा० वि० नरहौली प्रथम, रविता चित्रकार प्रा० वि० नगला बरी, नैमिष शर्मा संविलित वि०- तेहरा, अनुराधा शर्मा उ.प्रा. वि. धौलीप्याऊ, योगेश चौधरी प्रा० वि० गोविंदपुर, पूजा अग्रवाल प्रा० वि० आर्य नगरक्षेत्र, रश्मि शर्मा प्रा.वि.सिहोरा,डाॅ० कल्पना सिंह उ.प्रा.वि. लक्ष्मी नगर, मुदृल शर्मा प्रा.वि. बाबूगढ़, लोकेश शर्मा
उ.प्र.वि. लोरिया पट्टी।

596 लाभाथीयों के खाते में डाली जाएगी पहली मासिक पेंशन राशि: एडीसी

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जिला नूंह में अब तक 11 हजार 926 पात्रों को दी जा चुकी है पीपीपी के माध्यम से स्वीकृत पैन्शन : प्रदीप सिंह
उमेश अग्रवाल / नूंह 15 फरवरी : हरियाणा सरकार द्वारा समाज के कल्याण एवं उत्थान के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछडे वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग के माध्यम से विभिन्न पैन्शन योजनाएं जैसे वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा पैन्शन, दिव्यांग पैन्शन, निराश्रित बच्चो को वित्तीय सहायता, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता तथा जन्म से 18 साल के स्कूल ना जाने वाले मंदबुद्धि बच्चें, किन्नर भत्ता, बौना भत्ता, अविवाहित व विधुर पात्रो को वित्तीय सहायता, कैंसर की बिमारी दूसरी व चौथी स्टेज से पीडित पात्रों को वित्तीय सहायता व दुर्लभ बिमारी से पीड़ित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता आदि संचालित की जा रही हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला नूंह के वृद्धावस्था व दिव्यांग पेंशन पाने वाले कुल 596 लाभार्थियों में से 494 वृद्धावस्था पैन्शन व 102 दिव्यांग पैन्शन लाभार्थी के खाते मे विभाग द्वारा 16 फरवरी को पैन्शन उनके खाते में डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र के तहत कुल 1120 पैन्शन लाभार्थी जिनमे से 970 वृद्धावस्था सम्मान भत्ता व 150 दिव्यांग पैन्शन लाभार्थी के खाते में विभाग द्वारा अगले माह से पैन्शन डाली जाएगी। ये वह नये लाभार्थी है, जिन्हे पैन्शन पहली बार प्राप्त होगी
अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग पैन्शन, अविवाहित व विधुर पात्रो को वितीय सहायता का लाभ प्राप्त करने हेतू पात्र को आवेदन करने की आवश्यकता नही है, परिवार पहचान पत्र के माध्यम से डाटा प्राप्त होने उपरान्त जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय द्वारा पात्रों से पैन्शन लेने हेतू स्वीकृति ली जाती है तथा उनकी पैन्शन स्वीकृत कर दी जाती है। जिला नूंह में अब तक 11 हजार 145 पात्रों की वृद्धावस्था पैन्शन, 600 पात्रों की दिव्यांग पैन्शन, 167 पात्रों की विधुर व अविवाहित पात्रों को वित्तीय सहायता व 14 विधवा पात्रों की परिवार पहचान पत्र के माध्यम से पैन्शन स्वीकृत की जा चुकी है। जिसके लिए इन लाभार्थियों को कही भी पैन्शन हेतू आवेदन नही करना पड़ा।

विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना से सरकारी स्कूलों के बच्चों में खुशी का माहौल


खंड नूंह के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल नूंह में 12 गांव से आने वाले 255 बच्चे सरकार द्वारा चलाई गई विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना से लाभान्वित होंगे । नूंह खंड में सरकार के द्वारा चलाए गए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आज से विद्यालय में विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार और जिला एफ एल एन कोऑर्डिनेटर कुसुम मलिक के द्वारा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूँह में किया गया । खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस योजना से बच्चों को लाभ मिलेगा और आने वाले सत्र में सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या में भी वृद्धि होगी और उसके साथ-साथ पढ़ाई की गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी क्योंकि विद्यार्थियों का बहुत ज्यादा समय आने और जाने में और बस ऑटो के इंतजार में बिताता था अब उनको यह इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनका समय बचेगा जिसको वह पढ़ाई में लगा सकते हैं प्राचार्य मुकेश कुमार ने कहा की सरकार ने सभी बच्चों के लिए विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना चला कर एक बहुत ही नेक काम किया है दूर से आने वाले बच्चे अब प्रतिदिन विद्यालय आएंगे जिससे बच्चों की हाजिरी बढ़ेगी। कुसुम मलिक ने कहा की पहले बच्चे दूर से आते थे तो उन्हे परिवहन के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था जिससे उनकी पढ़ाई का समय बर्बाद होता था परंतु अब विद्यार्थी समय से और सुरक्षित स्कूल आएगा और पढ़ाई में ज्यादा ध्यान लगाएगा । इस मौके पर उषा,गौरव सिंघला ,प्रवीण कुमार मंजीत अशोक, आकिल और स्कूल का संपूर्ण स्टाफ उपस्थित रहा ।

उमेश अग्रवाल

जिले के 216 दिव्यांग जनों को लगभग 60 लाख रुपए के 410 नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरित

जिला रैडक्रास समिति व इंडियन ऑयल कॉपोरेशन लिमिटेड के सौजन्य से जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रांगण में दिव्यांग जनों के लिए निशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा मुख्यतिथि के रूप में शामिल हुए।
उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीएसआर पहल के अंतर्गत दिव्यांगों के लिए निशुल्क सहायक उपकरण वितरण समारोह में जिले के 216 दिव्यांग जनों को लगभग 60 लाख रुपए के 410 नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरित किए ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है जिनमें दिव्यांग जनों को विभिन्न औद्योगिक प्लॉटों और आवासीय प्लॉटों में 5% आरक्षण दिया जा रहा है । हरियाणा राज्य कौशल रोजगार निगम में दिव्यांग जनों को पंजीकरण करवाने पर रोजगार के लिए 4% आरक्षण दिया गया है तथा आयु में 10 साल की छूट भी दी गई है। प्रदेश की सभी आईटीआई में दिव्यांग जनों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि सभी दिव्यांगजन कौशल प्राप्त कर अपना रोजगार स्थापित कर सकें । प्रदेश सरकार की ओर से दिव्यांग जनों को अपना स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक का लोन मुहैया करवाया जा रहा है। दिव्यांग जनों को हरित स्टोर खोलने पर प्रदेश सरकार की ओर से ऋण मुहैया करवाया जा रहा है ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरु कर सकें।

जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा रहे मुख्यातिथि

इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के डीजीएम राजेश कुमार ने कहा कि मेवात जिला पूरे हरियाणा प्रदेश में सबसे पिछड़ा हुआ जिला माना जाता है, इसलिए हमारी कम्पनी जिले के विकास में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि जिले के इस शिविर में दिव्यांग बच्चों को ट्राई साईकल, व्हील चैयर, बैशाखी, कान की सुनने की मशीन, कृत्रिम अंग इत्यादि उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने ने जिला रैडक्रास व जिला प्रशासन का धन्यवाद किया और कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से आज जिले में इतने बडे कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे भी इंडियन ऑल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कम्पनी विकास कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति के पास उसके जरुरत की चीजे दी जाएगी।
इस मौके पर जिला रैडक्रास सचिव देवेंद्र चहल , अलीमको के उपप्रबंधक मृणाल कुमारव व रेड क्रॉस के जिला प्रशिक्षण अधिकारी महेश मलिक सहित अन्य रैडक्रास की टीम व इंडिय ऑयल की टीम मौजूद रही।

मुल्तान में एक छोटे से कमरे से पंजाब नेशनल बैंक की शुरुआत की थी सेठ प्रभु दयाल ने

विजय कुमार गुप्ता
    
     मथुरा। इस बात को जानकर लोग आश्चर्यचकित होंगे कि पंजाब नेशनल बैंक जिसकी न सिर्फ संपूर्ण देश बल्कि विदेशों तक में अनेक शाखाएं हैं, की शुरुआत मुल्तान शहर में एक छोटे से कमरे से हुई थी और उसके संस्थापक सदस्यों में लाला लाजपत राय व हमारी सबसे बड़ी बहन स्व० श्रीमती गीता देवी के सगे ददिया ससुर सेठ प्रभु दयाल जी भी थे। इसके संस्थापक सदस्यों में छः रईस लोग थे जिनमें लाला लाजपत राय, सेठ प्रभु दयाल, दयाल सिंह मजीठिया, लाला हरकिशन लाल, लाला लालचंद और लाला ढोलना दास हैं। हमारी बड़ी बहन के ददिया ससुर इतने बड़े रईस थे कि उस जमाने में जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान एक ही थे, देश की सबसे बड़ी आटा, सूजी, मैदा व बेसन बनाने वाली मिल उन्हीं की थीं। अठ्ठाईस कपास के कारखाने थे तथा उनके अपने निजी हवाई जहाज भी चला करते थे। प्रभु दयाल जी के एक छोटे भाई मुल्तान में सिविल जज भी थे।
     हम महावर वैश्य समाज से हैं। उस समय पूरे देश के महावर वैश्य समाज में मुल्तान वालों के परिवार की हैसियत नंबर वन तो थी ही साथ ही देश की जानी-मानी हस्तियों से उनके अच्छे संपर्क थे। आजादी की लड़ाई में भी उन्होंने आंदोलन की अगुवाई करने वाले देशभक्तों की बहुत मदद की थी। लाला लाजपत राय से उनकी बहुत निकटता थी।
     अब बात आती है कि इतने बड़े रईस घराने में हम जैसे मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी का रिश्ता आखिर कैसे हो गया? यह कहानी भी बड़ी रोचक है। दरअसल बात यह थी कि हमारे जीजाजी स्व० हरगोविंद गुप्ता के लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कृषि मंत्री स्व० श्री राममूर्ति लाल महावर जो सांसद भी रहे थे की बेटी का रिश्ता होने जा रहा था। बात लगभग पक्की सी थी किंतु हमारे जीजाजी को लड़की पसंद नहीं आई। इसी वजह से बात आगे बढ़ने के बजाय थम गई।
     हुआ यह कि हमारी बड़ी बहन के ससुर सेठ मदन लाल गुप्ता व उनके पूरे परिवारी जन कृषि मंत्री की बेटी को देखकर बरेली से वापस दिल्ली लौट रहे थे, तब वे कुछ समय के लिए मथुरा में अपने रिश्तेदार डॉ० बैजनाथ गुप्ता जिनकी भरतपुर गेट पर क्लीनिक थी, के यहां भी रुके। डॉ० बैजनाथ ने सेठ मदन लाल जी से पूंछा कि रिश्ता पक्का हो गया? इस पर सेठ जी ने कहा कि नहीं, तो उन्होंने फिर पूछा कि क्यों? इस पर सेठ जी बोले कि वैसे तो सब ठीक था किंतु गोविंद (हमारे जीजाजी) को लड़की पसंद नहीं आई क्योंकि लड़की का रंग सांवलेपन पर था और थोड़ी मोटी भी थी।
     इस पर डॉ० बैजनाथ ने कहा कि अगर आपको लड़की सुंदर सुशील और भले घर की चाहिए तो मैं एक रिश्ता बताऊं? किंतु आपकी टक्कर का घर नहीं है। इस पर सेठ जी ने कहा कि हमें धन-दौलत और ऊंचे घराने से कोई मतलब नहीं हमें तो अपने बेटे के अनुरूप लड़की चाहिए। इसके पश्चात डॉ० बैजनाथ ने कहा कि लाला नवल किशोर की लड़की गीता आपके पुत्र हरगोविंद के लिए सर्वोत्तम रहेगी। लड़की भी ऐसी देवी स्वरूपा है कि आपको चिराग लेकर ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी।
     हमारे पिताजी का नाम सुनकर सेठ मदन लाल जी चौंके और उन्होंने कहा कि ये तो हमारे घर वर्षों से चक्कर लगा रहे हैं किंतु हमने इनके रिश्ते को स्वीकार नहीं किया क्योंकि लोगों का कहना था कि इनके यहां रिश्ता करोगे तो बारात की अच्छी खातिरदारी तो दूर की बात रही, पीने को ढंग से पानीं भी नसीब नहीं होगा। डॉ० बैजनाथ ने उन्हें समझाया कि ऐसी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं लाला नवल किशोर को अच्छी प्रकार से जानता हूं आपको कोई शिकायत नहीं मिलेगी, यह मेरी जिम्मेदारी है। इसके बाद पिताजी को बुलवाया गया और बात ऐसी बनी कि सभी लोग हमारे घर आए तथा हाथों-हाथ सगाई भी हो गई जिस समय सगाई हुई थी उस समय में लगभग चार-पांच वर्ष का था। वह क्षण मुझे अब भी याद है।
     सगाई से पहले और बाद में भी डॉ० बैजनाथ ने पिताजी से ठोक बजाकर तय कर लिया कि बारात में एक से बढ़कर एक ऊंचे लोग आएंगे। ऐसा न हो कि बारातियों की खातिरदारी में कहीं कोई कमी रह जाय। पिताजी ने भी कह दिया कि डॉक्टर साहब आप चिंता न करें। उन दिनों पिताजी का हाथ तंग था क्योंकि आजादी से पूर्व देशभक्तों के पक्ष में तथा ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ गवाही देने के कारण गोविंद गंज स्थित हमारी पैतृक आढ़त को तत्कालीन शहर कोतवाल पृथ्वी सिंह ने संस्तुति कर सभी लाइसेंसों को निरस्त करा कर कारोबार को तहस नहस करा दिया था। इसी वजह से पिताजी बेरोजगार हो गए और लंबे समय तक बेरोजगार रहने के कारण हाथ तंग था।
     पिताजी के मन में यह बात घर कर गई कि कैसे भी हो न सिर्फ बारातियों की खातिरदारी जोरदार हो बल्कि शादी भी सेठ मदनलाल मुल्तान वालों की गरिमा के अनुरूप हो। इसी कारण उन्होंने लालागंज की लंबी चौड़ी पैतृक जायदाद को बेचने का मन बना लिया। उस जायदाद में श्री ग्रुप वाले पप्पन जी के पिताजी स्व० जमुनादास और ताऊजी स्व० श्री नाथ दास जी मैदा वाले भी किराएदार थे। पिताजी ने सभी किरायेदारों से बात की तो पप्पन जी के ताऊजी स्व० श्री नाथ दास जी मैदा वालों ने पिताजी से कहा कि भाई साहब पूरी की पूरी जायदाद को हमें ही बेच दो और जितने भी पैसे अन्य सभी किरायेदारों से मिलें उससे अधिक हम से ले लो, किंतु पिताजी ने श्री नाथ दास जी की बात नहीं मानी क्योंकि उस समय मकान मालिकों के पक्ष का कानून था मकान मालिक जब भी चाहे किरायेदारों से अपनी जगह को खाली करा सकते थे।
     पिताजी ने श्री नाथ दास जी से साफ साफ कह दिया कि भाई साहब यदि मैंने आपको अपनी पूरी जायदाद बेच दी तो आप शीघ्र ही सभी को बेदखल कर दोगे और ये सभी बेघर व बेरोजगार हो जाएंगे। मैं नहीं चाहता कि मेरे कारण किसी का घोंसला उजड़े। पिताजी ने जिस जिसने जो कुछ दिया सिर माथे स्वीकार किया किन्तु लालच में आकर श्रीनाथ दास जी व जमुना दास जी को अपनी जायदाद नहीं बेची। इस बात को पप्पन जी भी जानते हैं और जब कभी मेरी उनसे बातें होती हैं, इस बात का जिक्र हो जाता है।
     लिखते लिखते मैं प्रसंग से भटक गया। अब आता हूं असल मुद्दे पर पिताजी ने हमारी सबसे बड़ी बहन गीता देवी की शादी इतनी धूमधाम और भव्यता से की, कि पूरे शहर में हल्ला मच गया। बारात की खातिरदारी से सेठ मदन लाल जी भी हक्के बक्के से रह गए और इतने खुश हुए कि पूंछो मत। इस बात का जिक्र करना भी जरूरी है कि हमारी बड़ी बहन देवी स्वरूपा तो थीं ही साथ ही उस जमाने में यानी आज से लगभग 65-66 वर्ष पूर्व उन्होंने बी.ए. तक की पढ़ाई पढ़ी थी। उन्हें हम सभी बहन भाई जीजी कहते थे। जीजी की तरह जीजाजी भी अपने देश में एम.ए. करके लंदन पढ़ने गए थे तथा यूनिवर्सिटी टॉप करके भारत लौटे। वे महावर वैश्य समाज के पूरे देशभर में सबसे पहले युवक थे जो विदेश पढ़ने गये। उस समय विदेश पढ़ने जाने वालों के लिए कहते थे कि यह विलायत पढ़कर आया है।
     अब आखिर में एक रोचक बात बताऐ बगैर नहीं रहा जा रहा कि इस रिश्ते के लिए हमारे पिताजी दिल्ली स्थित सेठ मदन लाल जी के घर वर्षों से चक्कर काट रहे थे। पिताजी बताते थे कि मैंने उनके घर 17 चक्कर लगाए किंतु सेठ जी कोई भाव नहीं देते और मैं बैरंग लौट आता। घर लौटकर आते तो माताजी भी मायूस हो जातीं। पिताजी हताश होकर कहते कि अब फिर कभी नहीं जाऊंगा। इसके बाद माताजी कुछ माह बीतते ही खुटखुटा लगाना शुरु कर देतीं कि अब फिर जाओ शायद बात बन जाय। इसका मुख्य कारण यह था कि माताजी और पिताजी बेटी के अनुरूप वर चाहते थे इसी चक्कर में पिताजी ने हिंदुस्तान भर के अनेक शहरों की खाक छान मारी। सभी लड़कों में उन्हें मुल्तान वालों का लड़का श्रेष्ठ लगा। चली बात पर यह भी बतादूं कि जीजी की शादी के बाद सेठ मदन लाल जी की पुत्री पुष्पा देवी की शादी अलवर के सांसद लाला काशीराम के पुत्र हेम कुमार जी से हुई। उस शादी में देश की जानी-मानी हस्तियों ने भी भाग लिया।
     कहते हैं कि जब समय आता है तभी बात बनती है। ठीक इसी प्रकार 17 चक्करों में बात नहीं बनी और जब समय आया तो घर बैठे बिठाऐ ही बात बन गई और दुनियां वाले भौंचक्के से रह गए कि इतने बड़े खानदान में इनकी बेटी का रिश्ता हो गया। तभी कहते हैं कि समय बड़ा बलवान होता है।

जीएलए में 400 विद्यार्थियों ने निशुल्क कैंप में कराया आंखों का परीक्षण

  • जीएलए बायोटेक विभाग के तत्वावधान में मथुरा की संस्था के सहयोग से आयोजित हुआ निशुल्क नेत्र परीक्षण कैंप

मथुरा : विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाये रखने के लिए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा निशुल्क स्वास्थ्य जांच परीक्षण कैंप आयोजित करता रहता है। इसी के मद्देनजर जीएलए बायोटेक विभाग के अन्तर्गत संचालित बायोटेक क्लब के तत्वावधान में मथुरा की संस्था प्रोटोप्टिक्स ऑप्टीकल एंड कम्युनिकेशन के सहयोग से करीब 400 विद्यार्थियों ने अपने नेत्रों का परीक्षण कराया।

निशुल्क नेत्र परीक्षण कैंप का शुभारम्भ जीएलए के चीफ फाइनेंस ऑफीसर विवेक अग्रवाल ने किया। शुभारम्भ के दौरान सीएफओ ने कहा कि पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या न हो इसके लिए ऐसे कैंप आयोजित होते रहना अतिआवश्यक है। जीएलए स्वास्थ्य क्षेत्र की कई संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसे कैंप आयोजित कराता रहता है। सीएफओ ने जीएलए बायोटेक विभाग के अन्तर्गत संचालित बायोटेक क्लब के विद्यार्थियों के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम हेतु धन्यवाद दिया।

शुभारम्भ से ही विद्यार्थियों ने अपने रजिस्ट्रेशन कराकर नेत्र परीक्षण कराया। जिन विद्यार्थियों को अधिक परेशानी नजर आयी उनके लिए प्रोटोप्टिक्स ऑप्टीकल के माध्यम से सुविधाजनक शुल्क पर चश्मा प्रदान किये। देर शाम तक चले कैंप में करीब 400 विद्यार्थियों ने निशुल्क परीक्षण का लाभ उठाया।

जीएलए के मेडीकल ऑफीसर डा. मनोज कुमार ने कहा कि विद्यार्थी का पढ़ाई में मन तभी लग सकता है जब स्वास्थ्य बेहतर हो। अपने स्वास्थ्य के सुधार हेतु मेडीकल चेकअप समय-समय पर जरूरी है। विद्यार्थी को समय पर खाने का अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। साथ ही कोई भी तकलीफ होने पर डाक्टर से सलाह जरूर लें।

इस अवसर पर जीएलए के प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग डा. दिवाकर भारद्वाज, प्रोटोप्टिक्स ऑप्टीकल एंड कम्युनिकेशन के एमडी रविकांत गोयल, निदेशक सौरभ गोयल एवं कुनाल गोयल, जीएलए बायोटेक विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर हिमांशु गुप्ता, बायोटेक क्लब की प्रेसीडेंट मानसी, वाइस प्रेसीडेंट अंजली अग्रवाल, सेक्रेटरी मृदुल रघवुंषी, सचिव दियान उपस्थित रहे।

किशोरी की केडी हॉस्पिटल में हुई मुश्किल सर्जरी

  • जन्मजात डाइफ्रामेटिक हर्निया का शिकार थी नेहा
  • डॉ. श्याम बिहारी शर्मा और उनकी टीम की सराहना

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा और उनकी टीम के प्रयासों से 12 वर्षीय किशोरी नेहा को जन्मजात परेशानी से निजात मिल गई है। चिकित्सकों ने डाइफ्रामेटिक हर्निया का जटिल ऑपरेशन कर किशोरी के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। अब किशोरी पूरी तरह से स्वस्थ है। खाना खा रही है तथा उसे सांस लेने में भी कोई परेशानी नहीं है।
विगत दिवस असहनीय पेट दर्द से परेशान नेहा को उसके परिजन के.डी. हॉस्पिटल की इमरजेंसी में लेकर आए। उस समय उसे पेट दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसके चेस्ट एक्सरे तथा अल्ट्रासाउण्ड को देखने से पता चला कि किशोरी के बाईं ओर के फेफड़े में पानी भरा हुआ है लेकिन डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने जब उसका चेस्ट एक्सरे देखा तो उन्हें लगा कि फेफड़े में पानी भरा न होकर उसके कोई दूसरी बीमारी है यानी आमाशय डाइफ्रेम के छेद द्वारा ऊपर चेस्ट में चढ़ गया है।
किशोरी नेहा की बेरियम मील जांच करवाने के बाद डॉ. शर्मा का संदेह सही साबित हुआ, उसे डाइफ्रामेटिक हर्निया थी। उन्होंने परिजनों से तत्काल सर्जरी कराने की सलाह दी। परिजनों की स्वीकृति के बाद डॉ. शर्मा द्वारा उसका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान पाया गया कि आमाशय डाइफ्राम के छिद्र से ऊपर चेस्ट में चढ़ा हुआ है तथा आंतों में भी रुकावट है। डॉ. शर्मा द्वारा डाइफ्राम के छिद्र का थोड़ा हिस्सा काटकर आमाशय को नीचे यथास्थान लाया गया। आमाशय ने फेफड़े को दबा रखा था अतः उसे सही किया गया। इस मुश्किल ऑपरेशन में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. हैंकी तथा डॉ. दिलशेक ने किया।
इस ऑपरेशन पर शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का कहना है कि इस उम्र में ऐसी जन्मजात विकृति के बहुत कम मामले सामने आते हैं। जन्मजात डाइफ्रामेटिक हर्निया (सीडीएच) के चलते श्वसन संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं क्योंकि सीडीएच फेफड़ों को एक संकुचित अवस्था में बढ़ने के लिए मजबूर करता है। डॉ. शर्मा का कहना है कि अब नेहा पूरी तरह स्वस्थ है तथा भविष्य में उसे इस प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। उसे छुट्टी दे दी गई है। किशोरी के स्वस्थ होने से परिजन खुश हैं तथा के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन तथा चिकित्सकों का आभार माना।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने किशोरी नेहा की सफल सर्जरी के लिए डॉ. श्याम बिहारी शर्मा तथा उनकी टीम की सराहना करते हुए बधाई दी।

राधा बिहारी इंटर कॉलेज में मनाया बसंत पंचमी फाग महोत्सव

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना बुधवार आज दिनांक 14.02.2024 को श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज बरसाना में विद्यालय संस्थापक निकुंज प्राप्त सेठ श्री हरगुलाल जी वेरीवाला का 45 वा पुण्य स्मृति समारोह, वार्षिकोत्सव एवं बसंतउत्सव बड़े ही हर्षोलाश से मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री कमल कुमार गौड़, पीटीए अध्यक्ष श्री हंशराम दुबे व प्रबंध समिति सदस्य श्री राजकुमार गोयल एवं समस्त शिक्षको के द्वारा मां सरस्वती पूजा तथा सेठ श्री हरगुलाल जी के छवि चित्र पर पुष्प, माल्यार्पण कर किया गया। छात्रों के द्वारा बड़े ही मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम( सरस्वती वंदना, प्रार्थना, एकल गीत ,एकल नृत्य, नाटक, नागिन नृत्य, ब्रज की होली, शिव तांडव नृत्य आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए ।

ब्लॉक स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रधानाचार्य श्री कमल कुमार गौड़ पीटीए अध्यक्ष श्री हंसराम दुबे तथा राजकुमार गोयल द्वारा क्रमशः 2100, 1100, 600 रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया।
सत्र 2022-23 के प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को शील्ड प्रमाण व प्रमाण पत्र दिए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले समस्त छात्रों को शील्ड व प्रमाण पत्र , प्रधानाचार्य श्री कमल कुमार गौड़ द्वारा दिए गए तथा विशिष्ट अतिथि श्री जगदीश जादौन जी की तरफ से समस्त छात्रों को नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त शिक्षकों का विशेष योगदान रहा कार्यक्रम संचालन श्री वाल्मीकि पांडे,श्री यमुनेश गोयल , श्री सुमनेश मिश्रा व श्री सत्येंद्र कुमार सिंह द्वारा किया गया मां सरस्वती की पूजा व लाला जी के छवि चित्र का अनावरण विद्यालय के योग्य संस्कृत प्रवक्ता श्री नागेंद्र दुबे जी व सहायक अध्यापक श्री वाल्मिक पांडे जी द्वारा कराया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों व छात्रों को स्वल्पआहार वितरित किया गया।

मां सरस्वती की कृपा के लिए मन का शांत होना जरूरीः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल

मथुरा। बुधवार को आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थानों के.डी. मेडिकल कॉलेज, जीएल बजाज तथा के.डी. कॉलेज आफ नर्सिंग एण्ड पैरा मेडिकल साइंस में विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर वसंत पंचमी मनाई गई। छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की पूजा कर विद्या का वरदान मांगा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए लगन और मेहनत से विद्यार्जन करने का आह्वान किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि सरस्वती जी की पूजा मात्र से विद्या की प्राप्ति नहीं की जा सकती इसके लिए छात्र-छात्राओं को कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि आपका मन शांत और पवित्र नहीं होगा तो मां सरस्वती की कृपा प्राप्त नहीं होगी, न ही पढ़ाई में सफलता मिलेगी। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि वसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का सूचक है। वसंत ऋतु के आगमन से गर्मी के आगमन की आहट मिलने लगती है। वसंत का सीधा सा अर्थ है सौन्दर्य, शब्द का सौन्दर्य, वाणी का सौंदर्य, प्रकृति का सौंदर्य तथा प्रवृत्ति का सौंदर्य।


के.डी. मेडिकल कॉलेज में आचार्य करपात्री महाराज, पंडित देवनाथ द्विवेदी तथा आचार्य विकास मिश्रा ने मंत्रोच्चार के बीच मां सरस्वती की पूजा-अर्चना सम्पन्न कराई। इस अवसर पर प्राचार्य और डीन डॉ. आर.के. अशोका ने अपने सम्बोधन में कहा कि मां सरस्वती की स्तुति करके हम अपने जीवन में सकारात्मकता का संचार कर सकते हैं। हम जीवन भर कुछ न कुछ सीखकर ज्ञान अर्जित करते रहते हैं इसलिए वसंत पंचमी का महत्व केवल छात्र-छात्राओं के लिए ही नहीं बल्कि हर व्यक्ति के लिए है। डॉ. अशोका ने कहा कि मां सरस्वती का वाहन हंस हमें लाइफ मैनेजमेंट के गुर सिखाता है। इस अवसर पर डॉ. श्याम बिहारी शर्मा, डॉ. वीपी पांडेय, डॉ. मंजू पांडेय, उप-महाप्रबंधक मनोज गुप्ता आदि सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक तथा मेडिकल छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जीएल बजाज की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को हंस के समान विवेकशील होना चाहिए, जिसमें विवेक होगा वही दूध और पानी को अलग-अलग कर सकता है। कहने का मतलब यह है कि हमें बुराई को छोड़कर अच्छाई ग्रहण करना चाहिए। प्रो. अवस्थी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि विद्या की आराध्य देवी सरस्वती का स्वरूप श्वेत वर्ण होता है तथा उनका वाहन भी सफेद हंस ही है। सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है। सफेद रंग शिक्षा देता है कि अच्छी विद्या और संस्कार के लिए आपका मन शांत और पवित्र हो। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
के.डी. कॉलेज आफ नर्सिंग एण्ड पैरा मेडिकल साइंस के छात्र-छात्राओं को बताया गया कि मां सरस्वती वाणी एवं ज्ञान की देवी हैं। ज्ञान को संसार में सभी चीजों से श्रेष्ठ कहा गया है, इस आधार पर देवी सरस्वती सभी से श्रेष्ठ हैं। कहा जाता है कि जहां सरस्वती का वास होता है वहां लक्ष्मी एवं काली माता भी विराजमान रहती हैं। सरस्वती माता कला की भी देवी मानी जाती हैं अत: कला क्षेत्र से जुड़े लोग भी माता सरस्वती की विधिवत पूजा करते हैं।
चित्र कैप्शनः मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करते प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राएं।