Saturday, January 17, 2026
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भारत-चीन मिल जाएं दो दुनिया हमारी सुनेगीः ली

चीनी मंत्री ने संस्कृति विवि में पहुंचकर जानी भारतीय संस्कृति

मथुरा। चीनी दूतावास से आए एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्कृति विश्वविद्यालय में पहुंचकर भारतीय संस्कृति, खानपान और शिक्षा प्रणाली को नजदीक से देखा और जाना। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि भारत और चीन मिल जाएं तो दुनिया हमारी बात सुनेगी और हम एक बड़ी ताकत बन सकते हैं।
संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे चीनी प्रतिनिधिमंडल में शामिल इकानामिक एंड कामर्शियल अफेयर मिनिस्ट्री आफ कामर्स में कामर्शियल अफेयर मिनिस्टर ली शाओबिंग, सैकंड सेक्रेटरी वू जुनबिन, टांग ह्वेनवेन, अटैची वांग पिंग शामिल थे। संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता, कुलपति प्रो.बीएम चेट्टी, डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा और विश्वविद्यालय की विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा की उपस्थिति में चीनी प्रतिनिधिमंडल ने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति जताते हुए कहा कि संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को हम चाइनीज भाषा सिखाने के लिए अपने शिक्षाविद भेजेंगे, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे, चाइना स्थित विवि और संस्कृति विवि के बीच एमओयू कराने का प्रयास करेंगे, चाइनीज विवि और संस्कृति विवि मिलकर तकनीकि और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए सेमिनार और कान्फ्रेंस आयोजित करेंगे।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता के नेतृत्व में विवि की टीम द्वारा दिए गए प्रजेंटेशन में चीनी प्रतिनिधिमंडल को संस्कृति विवि की विश्वव्यापी सोच, भारतीय संस्कृति के महत्व और विवि की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। चीनी प्रतिनिधिमंडल ने संस्कृति विवि के भ्रमण के दौरान दिव्यांग बच्चों के लिए संस्कृति विवि के द्वारा किए जा रहे कार्यों में विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि यह कार्य निश्चित ही बहुत सराहनीय है। प्रतिनिधिमंडल संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज, वेलनेस सेंटर देखकर बहुत प्रभावित हुआ। संस्कृति स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थियों ने अपने द्वारा वेस्ट से बनाई गई वस्तुओं, स्वयं के द्वारा डिजाइन किए परिधानों को दिखाया, जिसकी प्रतिनिधिमंडल ने बहुत प्रशंसा की। संस्कृति स्कूल आफ टूरिस्म एंड हास्पिटेलिटी के विद्यार्थियों ने चीनी प्रतिनिधिमंडल को जब भारतीय व्यंजन और भोजन का स्वाद चखाया तो उन्होंने बड़ी रुचि और स्वाद लेकर ग्रहण किया।
चीनी प्रतिनिधिमंडल रेडियो संस्कृति 91.2 एफएम के स्टूडियो भी पहुंचा। वहां आरजे जय से बातचीत के दौरान चीनी मंत्री ली शाओबिंग ने बताया कि उन्हें बचपन से भारतीय फिल्मों में रुचि रही है। बालीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन की फिल्में उन्हें खूब पसंद हैं। चीन में भारतीय फिल्में खूब देखी जाती हैं। हाल ही में उनकी देखी बालीवुड की फिल्म ‘दंगल’ उन्हें बहुत अच्छी लगी। उन्होंने कहा कि चीन और भारत एक हो जाएं तो सारी दुनियां हमारी बात सुनेगी। हम मिलकर एक बड़ी ताकत बन सकते हैं।
चीनी प्रतिनिधिमंडल के संस्कृति विवि पहुंचने पर भारतीय परंपराओं के अनुसार टीका लगाकर और माल्यार्पण कर हर सदस्य का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। संस्कृति विवि के कुलाधिपति द्वारा चीनी प्रतिनिधिमंडल का आगरा की प्रसिद्ध पच्चीकारी वाली प्लेट प्रदान की गईं और स्मृति चिह्न दिए गए। उपहार स्वरूप चीनी प्रतिनिधिमंडल द्वारा विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता को सुंदर चायनीज केतली और चीन में पैदा होने वाली चाय की पत्ती भेंट की गई।

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों का भाव्यांश, वेल्युसेंट कंपनी में हुआ चयन

मथुरा। एक बार फिर संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर फाइनेंस मैनेजमेंट और आईटी कंपनी में रोजगार हासिल किया है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर विवि के एकेडमिक अधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाईयां दी हैं।
संस्कृति विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पिछले दिनों विश्वविद्यालय आईं भावना इंफोटेक और वेल्युसेंट कंसल्टेंसी ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान विवि के आठ विद्यार्थियों को आफर लेटर दिए हैं। विवि के बी.काम. के छात्र अमन कुमार सिंह, छात्रा स्नेहा, कीर्ति को वेल्युसेंट कंसल्टेंसी ने चयनित किया है। चयन प्रक्रिया वेल्युसेंट कंपनी की एचआर किशोरी जायसवाल ने संपन्न करायी। उन्होंने बताया कि वेल्युसेंट कंपनी विश्व की नामी-गिरामी कंपनियों के फाइनेंस मैनेजमेंट का काम तो करती ही है साथ ही योरोपीय कंपनियों को अपनी यूनिट भारत में स्थापित करने में आवश्यक सहयोग भी प्रदान करती है।
वहीं भाव्यांश कंपनी के एचआर अमित कपूर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भाव्यांश इंफोटेक एक वैश्विक आईटी परामर्श फर्म है जिसका मुख्यालय भारत में है, इसकी स्थापना बिजनेस एजिलिटी को सक्षम करने के उद्यमिता लक्ष्य के साथ की गई है। कंपनी ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान संस्कृति विवि के बी.टेक. के छात्र उज्ज्वल गुप्ता, आकाश कुमार गुप्ता, अरविंद यादव और एमबीए की छात्रा शिवानी को अपने यहां नौकरी के लिए चयनित किया।
विद्यार्थियों के इस चयन पर संस्कृति विवि की विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज हर बच्चा अच्छी शिक्षा हासिल कर अच्छा रोजगार चाहता है ताकि वह अपने परिवार का सहारा बन सके। हमारे विवि में शिक्षकों की टीम बच्चों के इस सपने को पूरा करने के लिए पूरी तरह समर्पित है, जिसका ही परिणाम है कि बच्चे कंपनियों की चयन प्रक्रिया में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उच्च पद हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।

छात्र-छात्राओं को कॉपीराइट, पेटेंट, डिजाइन की गूढ़ बातें बताईं

जीएल बजाज में राष्ट्रीय बौद्धिक सम्पदा पर हुआ अतिथि व्याख्यान

मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इनोव इंटेलेक्ट्स की निदेशक और संस्थापक डॉ. पूजा कुमार ने छात्र-छात्राओं को बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के विभिन्न पहलुओ की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आईपीआर की उपयोगिता, महत्व तथा इसकी जटिलताओं से भी रूबरू कराया।
अपने व्याख्यान में डॉ. पूजा कुमार ने छात्र-छात्राओं को पेटेंट, डिजाइन तथा कॉपीराइट की बारीकियों के साथ ही बौद्धिक सम्पदा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने आईपीआर के कारण होने वाले कोर्ट केसों के बारे में भी छात्र-छात्राओं को रूबरू कराया। डॉ. पूजा कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि कम्पनियां किस प्रकार से एक-दूसरे पर पेटेंट, डिजाइन तथा कॉपीराइट ट्रेड मार्क के चोरी करने के आरोप लगाती हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बौद्धिक सम्पदा अधिकार के अंतर्गत पेटेंट, डिजाइन, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क एवं भौगोलिक संकेतक, आविष्कार तथा पेटेंट कराने के तरीके भी बताए।
इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न कम्पनियों के ट्रेडमार्क सम्बन्धित औद्योगिक डिजाइन तथा भौगोलिक संकेतक के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से नवीन आविष्कार करते हुए उनका पेटेंट कराने की बात कही। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कम्पनी के उत्पादों के कौन से घटक कौन सी आईपी की श्रेणी में आते हैं, उस पर भी जानकारी दी। डॉ. पूजा कुमार ने छात्र-छात्राओं को देश में उत्पन्न होने वाली बौद्धिक पूंजी के विकास, पहचान और संरक्षण जैसी बातें भी बताईं। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने डॉ. पूजा कुमार से आईपीआर तथा उनकी कम्पनी इनोव इंटेलेक्ट्स से सम्बन्धित सवाल भी पूछे।
डॉ. पूजा कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इनोव इंटेलेक्ट्स एक सेवा प्रदाता कम्पनी है। स्टार्टअप फेसिलिटेटर बनने के बाद मैंने कम्पनी को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया। इनोव इंटेलेक्ट्स छात्र-छात्राओं को विभिन्न कम्पनियों में काम के अवसरों को अवशोषित करने में मदद करने के साथ ही इंटर्नशिप प्रदान कर उनके कौशल में सुधार के लिए उनका मार्गदर्शन करती है। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने मुख्य वक्ता डॉ. पूजा कुमार का स्वागत करते हुए छात्र-छात्राओं को आईपीआर दाखिल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन जयति कृष्ण गोस्वामी ने किया तथा आभार डॉ. रमाकान्त बघेल, विभागाध्यक्ष कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनिरिंग ने माना।

दवाइयां हो रहीं बेअसर, अब नई दवाओं पर शोध जरूरीः प्रो. शर्मा

नई दवाओं का आविष्कार, समय की पुकार विषय पर हुई कार्यशाला

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में नई दवाओं का आविष्कार, समय की पुकार विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार शर्मा प्रति-कुलाधिपति एस.जी.टी. विश्वविद्यालय गुरुग्राम ने कहा कि दवाइयां बेअसर हो रही हैं ऐसे में अब नई दवाओं पर शोध किया जाना समयानुकूल है। कार्यशाला का शुभारम्भ विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
प्रो. शर्मा ने कहा कि भारत वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से कार्य करता है। भारतीय फार्मा वैज्ञानिकों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना संकटकाल के समय में विश्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए हमारे देश ने लगभग डेढ़ सौ देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई। इस अवसर पर प्रो. शर्मा ने यह भी बताया कि भविष्य में न जाने कोरोना जैसी कितनी बीमारियों का दुनिया को सामना करना पड़े लिहाजा फार्मा वैज्ञानिकों को नई दवाओं पर शोध की पहल करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि हम रोग का प्रारम्भिक चरण में ही पता लगाने वाले टेस्ट एवं दवाइयों की खोज करें।
प्रो. शर्मा ने बताया कि इस समय काफी एंटीबायटिक्स जीवाणुओं पर बेअसर हो रही हैं ऐसे में अब नई और असरदार दवाओं की खोज आवश्यक है। उन्होंने राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी मथुरा तथा उसके शिक्षकों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एस.जी.टी. विश्वविद्यालय से हर तरह के सहयोग का विश्वास दिलाया। इस अवसर पर राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेन्द्र पाठक ने कॉलेज में एम. फार्मा एवं पीएचडी के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे शोध कार्यों की जानकारी मुख्य वक्ता को दी।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में बताया कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं विगत 23 वर्षों से उच्च गुणवत्ता के शोध कार्य कर रहे हैं। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को विश्वास दिलाया कि शोध कार्यों के लिए जो भी आवश्यक उपकरण एवं केमिकल की जरूरत होगी, उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। इसी क्रम में संस्थान के प्राध्यापकों विभा, हिमांशु चोपड़ा, तालेवर सिंह, वर्षा स्नेही, आकाश गर्ग, सुनम साहा, रितिक वर्मा आदि ने स्वयं के शोध कार्यों की प्रगति से प्रो. राकेश कुमार शर्मा को अवगत कराया।

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों ने किया 125 यूनिट रक्तदान

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में विशाल रक्तदान शिविर लगाया गया। इस मौके विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मानव कल्याण के इस कार्यक्रम में बढ़चढ़कर भाग लिया और 125 रक्तदान कर सबकी प्रशंसा पाई। रक्तदान के इस शिविर में सद्भावना ब्लड बैंक के द्वारा सहयोग किया गया।
संस्कृति विश्वविद्यालय में लगाए गए रक्तदान शिविर का उद्घाटन विश्वविद्यालय के डाइरेक्टर जनरल डा. जगदीश प्रसाद शर्मा ने किया। रक्तदान शिविर का यह आयोजन संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर की देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृति स्कूल आफ एग्रीकल्चर के डीन डा.कंचन कुमार सिंह, एडमिनिस्ट्रेटिव आफीसर सुमित कुमार, सद्भावना ब्लड बैंक के डा. प्रदीप पाराशर, डा. भूदेव डाइरेक्टर संजीव सारस्वत, तरुण पाल सुशील, राहुल आदि उपस्थित थे। सद्भावना ब्लड बैंक गोवर्धन चौराहा मथुरा के सौजन्य से लगाए गए इस रक्तदान शिविर में विद्यार्थियों का आगे बढ़कर इस मानवता के कार्य जुटना अपने आप में एक मिसाल बन गया।
संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर ने इस मौके पर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप के द्वारा किया गया रक्तदान किसी के जीवन के लिए आशा की किरण बन सकता है, किसी को जीवन दान दे सकता है। रक्तदान एक ऐसा दान है जो मानवता की सेवा में एक अहम रोल रखता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से स्वयं के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर भी नहीं पड़ता।

के.डी. डेंटल कॉलेज में मौखिक रोगों के उपचार पर हुई कार्यशाला

अतिथि वक्ताओं ने सतत दंत चिकित्सा शिक्षा पर डाला प्रकाश

मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के मौखिक चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी विभाग द्वारा राष्ट्रीय आईएओएमआर दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें अतिथि वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को मौखिक रोगों के उपचार की अद्यतन जानकारी दी। कार्यशाला में पहले दिन महाविद्यालय के स्नातक छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन अतिथि वक्ताओं द्वारा सतत दंत चिकित्सा शिक्षा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ता डॉ. सुनीता गुप्ता (वरिष्ठ प्रोफेसर ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग, मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, नई दिल्ली) और डॉ. अम्बिका गुप्ता (वरिष्ठ प्रोफेसर ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, रोहतक) ने के.डी. डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ मौखिक चिकित्सा पर अपने अनुभव साझा किए।
डॉ. सुनीता गुप्ता ने मौखिक रोगों के निदान में दुविधाएं विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि पंच तत्वों से बने इंसानी शरीर के किसी भी हिस्से में यदि किसी प्रकार का रोग लग जाए तो उस हिस्से के साथ ही पूरा शरीर प्रभावित हो जाता है। ऐसे ही अभिन्न अंगों में हमारे शरीर का मुंह भी है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि मौखिक रोगों का यदि प्रारम्भिक चरण में ही पता चल जाए तो उसके उपचार में सहूलियत होती है।
डॉ. अम्बिका गुप्ता ने दंत चिकित्सा में विभिन्न प्रकार के रेडियोग्राफ्स को समझना और व्याख्या करना विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि चेहरे पर एक मुस्कराहट हमारे व्यक्तित्व को निखार देती है, वैसे ही सुंदर दांत हमारी मुस्कराहट में चार चांद लगा देते हैं। हम अपने शरीर के हर हिस्से पर ध्यान देते हैं, लेकिन अपने दांतों के बारे में तब सोचते हैं, जब इनमें कोई समस्या होती है जैसे दर्द, सूजन, पीलापन आदि। उन्होंने दांतों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
आर.के. एजूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने ऐसे कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे भावी दंत चिकित्सकों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। प्राचार्य व डीन डॉ. मनेश लाहौरी ने कहा कि इस तरह के सेमिनार छात्र-छात्राओं को आधुनिक दंत चिकित्सा के क्षेत्र में वर्तमान अद्यतन ज्ञान और मौखिक रोगों के उपचार में इसके उपयोग के बारे में अधिक जानने में मदद करते हैं। ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विनय मोहन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में वर्तमान प्रगति के बारे में जागरूक और अपडेट रहने में मदद करती हैं।
कार्यशाला का लाभ लगभग तीन सौ छात्र-छात्राओं ने उठाया। कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अंत में प्राचार्य और डीन डॉ. मनेश लाहौरी ने अतिथि वक्ताओं का आभार माना। कार्यक्रम का संचालन डॉ. समीक्षा भारद्वाज ने किया।

आरआईएस के होनहारों ने दिल्ली में फहराया अपनी मेधा का परचम

नेशनल ब्रेन ओ ब्रेन प्रतियोगिता में जीती विजेता ट्रॉफी

मथुरा। नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित नेशनल ब्रेन-ओ-ब्रेन अबेकस प्रतियोगिता में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपनी कुशाग्र-बुद्धि की बदौलत विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाते हुए समूचे बृज मण्डल को गौरवान्वित किया है। इस प्रतियोगिता में देशभर के हजारों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था।
नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में गत दिवस आयोजित नेशनल ब्रेन-ओ-ब्रेन प्रतियोगिता में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल और विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। प्रतियोगिता में छात्रा प्रत्यक्षा शर्मा ने स्वर्ण तथा छात्र शौर्य गौतम ने जहां रजत पदक जीता वहीं होनहार छात्र मानस सारस्वत ने चैम्पियन ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। चैम्पियन बनने पर मानस सारस्वत को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट से नवाजा गया।
मानस सारस्वत बीड्स के जरिए बड़े-बड़े जोड़-घटाने को चंद सेकेंड में बता देते हैं। जिस जोड़-घटाने, गुणा-भाग को करने के लिए हमें और आपको कैलकुलेटर की जरूरत होती है वहीं ये चैम्पियन बच्चे उंगलियों और बीड्स के सहारे पलक झपकते ही रिजल्ट बता देते हैं। मानस सारस्वत, प्रत्यक्षा शर्मा तथा शौर्य गौतम की इस शानदार कामयाबी पर उनके माता-पिता भी काफी खुश हैं।
मेधावी मानस सारस्वत, प्रत्यक्षा शर्मा तथा शौर्य गौतम की इस शानदार सफलता पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि निरंतर अभ्यास से किसी भी प्रतिभा को निखारा जा सकता है। उन्होंने मेधावी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्कूल के प्रबंधक निदेशक मनोज अग्रवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता समूचे बृज मण्डल के लिए गौरव की बात है।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने मानस सारस्वत, प्रत्यक्षा शर्मा तथा शौर्य गौतम की गौरवशाली उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल हर बच्चे के सर्वांगीण विकास को प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी आरआईएस के छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा और कौशल से सफलता का परचम लहराते रहेंगे।

प्रतिभाओं को छलांग लगाने के लिए सारा आकाश खुला हैःविकास

वैल्युसेंट के संस्थापक ने संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को किया मोटिवेट

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में पहुंचे देश की तेजी से आगे बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कंपनी वैल्युसेंट के संस्थापक विकास चतुर्वेदी ने संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तरक्की के लिए सारा आकाश आपके लिए खुला हुआ है। आगे बढ़ने की कोई सीमा भी नहीं होती, सिर्फ निर्भर करता है कि आप तरक्की के लिए कितने केंद्रित हो और अपने आप पर कितना विश्वास है।
बताते चलें कि विकास चतुर्वेदी भारत के एक ऐसे प्रतिभाशाली युवा हैं जो भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान के नीदरलैंड चैप्टर के संस्थापक अध्यक्ष, भारत-डच वित्तीय गलियारे (IDFC) के अध्यक्ष, एसोचैम (ASSOCHAM) यूरोप के अध्यक्ष और यूरोप इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स, नीदरलैंड के संस्थापक निदेशक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि वैल्युसेंट कंपनी देश और विश्व के सिरमौर देशों के बीच संबंधों का एक ऐसा पुल तैयार करती है जो हमारे देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योगों के, कंपनियों के साथ समन्वय बनाने में काम आता है। हमारी कंपनी के द्वारा योरोप, अमेरिका, मिडिल ईस्ट आदि से बड़ी-बड़ी कंपनियों को भारत में आने के लिए प्रेरित किया जाता है और अपने देश की आगे बढ़ने वाली कंपनियों को विदेशों में स्थापित होने में हर तरह का सहयोग बनाने का काम किया जा रहा है। वैल्युसेंट आज प्रमुख 15 सलाहकार कंपनियों में एक है। यह एक बुटीक फर्म है जो ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं की व्यापार सलाह, कर और नियामक, लेखा परीक्षा और आश्वासन प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि आप सभी विद्यार्थी बहुत सौभाग्यशाली हैं जो आपको संस्कृति विवि जैसे शिक्षण संस्थान में पढ़ने का मौका मिला है। मैं आपके कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता से मिला हूं, वे युवा जरूर हैं लेकिन उनका विजन बहुत बड़े अनुभव वाला और व्यापक है। वे हमारे इस क्षेत्र के युवाओं को संस्कारित बनाने के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाते देखना चाहते हैं। अब हमारी कंपनी ने भी अपने यहां के टेलेंट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर प्रदान करने के लिए अपना एक प्रमुख आफिस मथुरा में भी खोल दिया है।

राजीव एकेडमी के तीन विद्यार्थियों का आईटी कम्पनी में चयन

उच्च पैकेज पर जॉब मिलने से खुश

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के तीन बीबीए विद्यार्थियों का आई़.टी. कम्पनी बिन आरबिट में उच्च पैकेज पर जॉब हेतु चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों में जतिन उपाध्याय, रितिक शर्मा तथा यशिका सिंह शामिल हैं। उच्च पैकेज पर मिले जॉब से तीनों विद्यार्थी खुश हैं।
प्लेसमेंट विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विगत दिवस कैम्पस प्लेसमेंट को आई आई़.टी. कम्पनी बिन आरबिट के पदाधिकारियों ने राजीव एकेडमी में अध्ययनरत बीबीए के विद्यार्थियों का बौद्धिक मूल्यांकन करने के बाद उनका साक्षात्कार लिया तथा जतिन उपाध्याय, रितिक शर्मा तथा यशिका सिंह के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हंआ कम्पनी में उच्च पैकेज पर जॉब आफर किया।
इस अवसर पर कम्पनी पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि यह स्टफिंग एण्ड रिक्रूटिंग कम्पनी है जो पूर्णतः आईटी से संबंधित है। 2019 में स्थापित उक्त कम्पनी का मुख्यालय नोएडा है। मुख्य रूप से कम्पनी को सोर्सिंग, स्क्रीनिंग, इण्टरव्यूइंग, शार्टलिस्टिंग एण्ड आर.पी.ओ. में महारत हासिल है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा राजीव एकेडमी के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार सेवा के अवसर मिलना खुशी की बात है। छात्र-छात्राएं अपने ज्ञान के बल पर जो भी जॉब प्राप्त कर रहे हैं उसमें उनके परिश्रम के साथ ही संस्थान के शिक्षकों की भी बहुत बड़ी भूमिका है।

शीतल पेय पेप्सी के निर्माण से रूबरू हुए राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी

पेप्सी निर्माण इकाई वरुण बेवरेज लिमिटेड का किया शैक्षिक भ्रमण

मथुरा। अध्ययनकाल में छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षिक भ्रमण का विशेष महत्व है। इसी बात के मद्देनजर राजीव इंटरनेशनल स्कूल के वाणिज्य संकाय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों सनी सोलंकी, गरिमा जैन, एकता सिंह के मार्गदर्शन में कोसीकलां स्थित पेप्सी निर्माण इकाई वरुण बेवरेज लिमिटेड का भ्रमण किया तथा शीतल पेय निर्माण की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।
इस शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने कम्पनी अधिकारियों से शीतल पेय पेप्सी के निर्माण से जुड़ी विभिन्न जानकारियां हासिल करते हुए यह भी जाना कि जिस पेय पदार्थ को वे इतने चाव से पीते हैं उसे अत्यधिक शुद्धता के साथ तथा सरकार द्वारा नियत मानकों के तहत कैसे तैयार किया जाता है। छात्र-छात्राओं को कम्पनी पदाधिकारियों ने पेप्सी की पैकेजिंग, फिलिंग, लेबलिंग, ट्रांसपोर्टेशन, रॉ मटेरियल, कंस्ट्रक्शन आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।


आर.के. एजूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में पुस्तकीय ज्ञान से कहीं अधिक महत्व शैक्षिक भ्रमण का होता है। शैक्षिक भ्रमण के दौरान जो ज्ञान और जानकारी मिलती है वह हमेशा मानस में अंकित रहती है। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं के करिअर निर्माण में शैक्षिक भ्रमण का विशेष महत्व है। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान देने के साथ ही उन्हें व्यावहारिक जानकारी दिलाने के लिए ही शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जाता है।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने इस शैक्षिक भ्रमण को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल का प्रयास रहता है कि यहां के छात्र-छात्राएं उच्चस्तरीय ज्ञान प्राप्त करके भविष्य में अपने सपनों को साकार करें।